

नई दिल्ली । दिल्ली में लाल किले के पास हुए कार धमाके में मरने वालों की संख्या बढ़कर 12 हो गई है। इनमें 2 महिलाएं भी शामिल हैं। वहीं 20 घायलों का इलाज चल रहा है। दो शवों की पहचान हो गई है। बाकी की पहचान डीएनए टेस्ट से की जाएगी।
सोमवार शाम 6.52 बजे लाल किला मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर-1 के पास चलती कार में जोरदार धमाका हुआ। ब्लास्ट में जिस सफेद i20 कार का इस्तेमाल हुआ, उसका सीसीटीवी फुटेज मंगलवार को सामने आया। मेट्रो स्टेशन की पार्किंग से निकल रही कार में काला मास्क पहने एक शख्स बैठा दिखाई दिया। उसका नाम डॉ. मो. उमर नबी बताया जा रहा है। ये पुलवामा का रहने वाला है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक डॉक्टर उमर ने विस्फोटकों के साथ साथ खुद को उड़ा लिया। इसकी डीएनए जांच के लिए कश्मीर पुलिस ने पुलवामा में उसकी मां और दो भाई को हिरासत में लिया था।सुरक्षा एजेंसियों ने एहतियातन मेट्रो स्टेशन के 2 गेट बंद कर दिए हैं। इसके साथ ही लाल किले को भी 13 नवंबर तक लोगों के लिए बंद कर दिया गया है।
बतादें कि धमाके से पूर्व सुबह और एक दिन पहले अनंतनाग, फिरदाबाद समेत देशभर में कई जगहों पर छापेमारी की गई थी। इस छापेमारी में लगभग 2900 किलो विस्फोटक, हथियार और अन्य गोला-बारूद जप्त किए गए थे। कई आरोपियों और संदिग्धों को हिरासत में लिया गया था।
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के सूत्रों के मुताबिक डॉ. उमर पार्किंग में खड़ी i-20 कार में लगभग ढाई से तीन घंटे तक बैठा रहा। वह एक पल के लिए भी कार से बाहर नहीं निकला। डॉ. उमर या तो किसी का इंतजार कर रहा था या फिर पार्किंग में किसी निर्देश का इंतजार में था। उमर फरीदाबाद मॉड्यूल का हिस्सा था।
दिल्ली पुलिस ने लाल किले के पास हुए विस्फोट को लेकर यूएपीए के तहत FIR दर्ज की है। सुरक्षा एजेंसियों ने आत्मघाती हमले के एंगल से भी जांच शुरू कर दी है। मौके से आरडीएक्स के सबूत नहीं मिले हैं।
कार के रूट का पता लगाने की कोशिश में जुटे अधिकारी
दिल्ली पुलिस ने बताया कि स्पेशल सेल, क्राइम ब्रांच और केंद्रीय जांच एजेंसी की कई टीमों को भी पार्किंग एरिया तक पहुंचने से पहले गाड़ी के रास्ते का पता लगाने का काम सौंपा गया है। एक अधिकारी ने कहा, “हम आस-पास की सड़कों और टोल बैरियरों के फुटेज का विश्लेषण कर रहे हैं ताकि कार की पूरी गतिविधि का पता लगाया जा सके।”







