Ro no D15139/23

भारत निर्वाचन आयोग ने पिछले एक महीने में निर्वाचन प्रक्रियाओं को मजबूत करने की दिशा में साहसिक कदम उठाए

*लगभग 1 करोड़ निर्वाचन अधिकारियों की निरंतर क्षमता वृद्धि के लिए डिजिटल प्रशिक्षण की योजना*

*निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी, जिला निर्वाचन अधिकारी और मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी स्तर पर लगभग 5000 सर्वदलीय बैठकों के माध्यम से राजनीतिक दलों की भागीदारी*

*निर्वाचक नामावलियों में प्रविष्टियों के सुधार और नामों को शामिल करने के लिए आपत्तियों और अपीलों का कानूनी ढांचा*

*अब तक केवल 89 प्रथम अपील और मात्र 1 द्वितीय अपील दायर*

रायपुर 20 मार्च 2025/ भारत के 26वें मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) श्री ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में, निर्वाचन आयुक्तों डॉ. सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी के साथ, भारत निर्वाचन आयोग ने पदभार ग्रहण करने के एक महीने से भी कम समय में पूरी निर्वाचन मशीनरी को बीएलओ स्तर तक सभी मतदाताओं की भागीदारी को बढ़ावा देने और मतदान केंद्रों पर उनके लिए सुखद अनुभव सुनिश्चित करने के मार्ग पर दृढ़ता से आगे बढ़ाया है। राजनीतिक दलों को, जो प्रमुख हितधारक हैं, को भी जमीनी स्तर पर शामिल किया जा रहा है।

आयोग ने पुनः पुष्टि की है कि लगभग 100 करोड़ मतदाता हमेशा लोकतंत्र के आधार स्तंभ हैं। यूआईडीएआई और भारत निर्वाचन आयोग के विशेषज्ञों के बीच तकनीकी परामर्श जल्द शुरू होंगे। हालांकि एक मतदाता केवल अपने निर्धारित मतदान केंद्र पर ही मतदान कर सकता है, आयोग ने देश भर में मतदाता पहचान पत्र के नंबरों में दोहराव को समाप्त करने और दशकों पुरानी समस्या को 3 महीने के भीतर खत्म करने का संकल्प लिया है। जन्म और मृत्यु पंजीकरण प्राधिकरणों के साथ समन्वय से मतदाता सूची का नियमित अद्यतन मजबूत किया जाएगा।

राजनीतिक दलों के साथ आयोग की बातचीत में स्पष्ट किया गया कि ड्राफ्ट मतदाता सूची में कोई भी नाम शामिल करना या हटाना अपीलों की प्रक्रिया द्वारा शासित होता है, जो जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 के तहत सभी राजनीतिक दलों के लिए दावों और आपत्तियों को दर्ज करने के लिए उपलब्ध है। ऐसी अपीलों के अभाव में, निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा तैयार की गई सूची मान्य होती है। यह अवगत कराया जा सकता है कि भारत निर्वाचन आयोग ने 7 मार्च, 2025 को स्पष्ट किया था कि 6-10 जनवरी, 2025 तक विशेष संक्षिप्त संशोधन (एसएसआर) अभ्यास के पूरा होने के बाद केवल 89 प्रथम अपील और केवल 1 द्वितीय अपील दायर की गई थी।

सभी पात्र नागरिकों का शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करना, मतदान की सुगमता और सुखद मतदान अनुभव कराना भारत निर्वाचन आयोग का प्रमुख उद्देश्य है। यह सुनिश्चित करने के लिए भारत निर्वाचन आयोग द्वारा कदम उठाए जाएंगे कि कोई भी मतदान केंद्र 1,200 से अधिक मतदाताओं वाला न हो और यह मतदाताओं से 2 किमी के दायरे में हो। सबसे दूरस्थ ग्रामीण मतदान केंद्रों में भी मूलभूत सुविधाएं (एएमएफ) सुनिश्चित की जाएंगी। शहरी उदासीनता से निपटने और अधिक भागीदारी को प्रोत्साहित करने के लिए, ऊंची इमारतों और कॉलोनियों के समूहों में भी उनके परिसर के भीतर मतदान केंद्र होंगे।

लगभग 1 करोड़ निर्वाचन कर्मियों की व्यापक और निरंतर क्षमता निर्माण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए, 4 और 5 मार्च को नई दिल्ली में आईआईआईडीईएम में सभी राज्यों / केंद्रशासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारियों की दो दिवसीय सम्मेलन आयोजित किया गया, जिसमें पहली बार प्रत्येक राज्य / केंद्रशासित प्रदेश के जिला निर्वाचन अधिकारी और निर्वाचक रजिस्ट्रकरण अधिकारियों ने भाग लिया। सम्मेलन ने संविधान, निर्वाचन कानूनों और भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के ढांचे के अनुसार 28 हितधारकों और उनकी जिम्मेदारियों के स्पष्ट मानचित्रण के साथ पूरी निर्वाचन मशीनरी को ऊर्जा प्रदान करने पर जोर दिया।

निर्देशों के लिए निर्वाचन हैंडबुक और मैनुअल को नवीनतम परिवर्तनों के साथ समन्वित किया जाएगा। कई भारतीय भाषाओं में डिजिटल प्रशिक्षण किट तैयार की जाएंगी ताकि फ्रंटलाइन कार्यकर्ताओं के लिए आसान आत्मसात और प्रभावी प्रशिक्षण हो सके। एनिमेटेड वीडियो और एकीकृत डैशबोर्ड प्रशिक्षण को डिजिटल बढ़ावा देंगे। बीएलओ को प्रशिक्षित करने के लिए एक प्रशिक्षण मॉड्यूल तैयार किया जा रहा है।

निर्वाचन प्रक्रियाओं के सभी पहलुओं में राजनीतिक दलों की पूर्ण भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए, मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने 4 मार्च को सीईओ सम्मेलन के दौरान निर्देश दिया कि सभी 36 सीईओ, 788 डीईओ, 4123 ईआरओ द्वारा नियमित सर्वदलीय बैठकें और बातचीत आयोजित की जाएं। देश भर में ऐसी बैठकें जमीनी स्तर पर ही राजनीतिक दलों द्वारा उठाए गए किसी भी लंबित और उभरते मुद्दों को हल करने में मदद करेंगी। यह प्रक्रिया 31 मार्च, 2025 तक पूरे भारत में पूरी हो जाएगी।

आयोग द्वारा राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों और उनके नियुक्त बीएलए को निर्वाचन कानूनों के अनुसार दावों और आपत्तियों सहित उचित प्रक्रियाओं पर प्रशिक्षण देने के प्रस्ताव का राजनीतिक दलों ने स्वागत किया है। भारत निर्वाचन आयोग ने सभी राजनीतिक दलों से चुनाव संचालन से संबंधित किसी भी और सभी मामलों पर सुझाव आमंत्रित किए हैं और वे इन्हें 30 अप्रैल, 2025 तक भेज सकते हैं। दलों को दिल्ली में आयोग से आपसी सुविधाजनक समय पर मिलने का निमंत्रण भी दिया गया है। ये साहसिक और दूरगामी पहल चुनावों के पूरे दायरे को कवर करती हैं और सभी प्रमुख हितधारकों को भागीदारी पूर्ण तरीके से शामिल करती हैं।

  • Related Posts

    राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा स्थानीय निकायो के आम/उप निर्वाचन हेतु कार्यक्रम जारी

    01 जून को होगा मतदान एव 04 जून को होगी परिणामों की घोषणा,   एक ही चरण में होंगे दोनों निर्वाचन   रायपुर, 08 मई 2026 (IMNB NEWS AGENCY) छत्तीसगढ़…

    Read more

    उच्च शिक्षा मंत्री से मिले कुलपति प्रो. दयाल

    *विश्वविद्यालय के गुणात्मक विकास और समस्याओं पर हुई चर्चा*   रायपुर, 08 मई 2026 (IMNB NEWS AGENCY)   कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. मनोज दयाल ने…

    Read more

    NATIONAL

    मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना : प्रदेशभर में 2300 से अधिक जोड़े बंधे परिणय सूत्र में महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने सूरजपुर से दिया महिला सशक्तिकरण का संदेश

    मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना : प्रदेशभर में 2300 से अधिक जोड़े बंधे परिणय सूत्र में  महिला एवं बाल विकास मंत्री   लक्ष्मी राजवाड़े ने सूरजपुर से दिया महिला सशक्तिकरण का संदेश

    बंगाल कैबिनेट में दिखेगा गुजरात मॉडल, इन चेहरों को मिल सकती है बड़ी जिम्मेदारी

    बंगाल कैबिनेट में दिखेगा गुजरात मॉडल, इन चेहरों को मिल सकती है बड़ी जिम्मेदारी

    सहरसा में लगातार दूसरे दिन मिड-डे मील खाने से बच्चे बीमार,फिर मिला खाने में सांप

    सहरसा में लगातार दूसरे दिन मिड-डे मील खाने से बच्चे बीमार,फिर मिला खाने में सांप

    मंगल पांडे को सम्राट कैबिनेट में जगह नहीं मिलने की हो सकती है 2 वजहें, जानिए क्या-क्या

    मंगल पांडे को सम्राट कैबिनेट में जगह नहीं मिलने की हो सकती है 2 वजहें, जानिए क्या-क्या

    पीएम मोदी ने कहा- ऑपरेशन सिंदूर ने आतंकवाद के खिलाफ भारत का सख्त जवाब दुनिया को दिखाया

    पीएम मोदी ने कहा- ऑपरेशन सिंदूर ने आतंकवाद के खिलाफ भारत का सख्त जवाब दुनिया को दिखाया

    118 विधायकों का समर्थन जुटाकर आइए, लगातार दूसरे दिन राज्यपाल ने विजय को लौटाया वापस

    118 विधायकों का समर्थन जुटाकर आइए, लगातार दूसरे दिन राज्यपाल ने विजय को लौटाया वापस