Ro no D15139/23

छत्तीसगढ़ सरकार की नई नक्सलवादी आत्मसमर्पण नीति से खुलेगा विकास का द्वार

हिंसा छोड़ने वालों को मिलेगा सम्मानजनक जीवन

120 दिन के भीतर पुर्नवास की गारंटी

रायपुर।  अब वक्त है हथियार छोड़कर कलम, खेती और अपने रुचि के रोजगार व्यवसाय का प्रशिक्षण प्राप्त कर आत्मनिर्भर और स्वावलंबी बनने का। छत्तीसगढ़ सरकार हर कदम पर साथ देने को तैयार है। आत्म समर्पण करने वाले नक्सलियों के लिए यह व्यवस्था छत्तीसगढ़ सरकार ने अपनी नई नक्सलवादी आत्मसमर्पण नीति 2025 में की है। यह नई नीति राज्य से नक्सलवाद की समस्या को जड़ से खत्म करने और भटके हुए युवाओं को समाज की मुख्यधारा में वापस लाने के लिए की गई है,ताकि वह समाज मे सम्मान पूर्वक जीवन व्यतीत कर सके।वास्तव में नक्सलियों के पुनर्वास के लिए बनाई गई नई नीति में आत्मसमर्पण करने वालों के लिए अच्छे प्रावधान किए गए हैं।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव की सरकार द्वारा लागू की गयी छत्तीसगढ़ नक्सलवादी आत्मसमर्पण, पीड़ित राहत एवं पुनर्वास नीति 2025 न सिर्फ आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को सुरक्षा देती है, बल्कि उन्हें पुनर्वास, रोजगार, और सम्मानजनक जीवन की गारंटी भी देती है।

इस नीति के जरिए राज्य सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि हिंसा के रास्ते पर चल रहे युवाओं के लिए अब समाज की मुख्य धारा में लौटने का दरवाज़ा पूरी तरह खुला है और वह भी सम्मान और भरोसे के साथ। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने खुद आह्वान किया है कि जो भी युवा हिंसा का रास्ता छोड़कर विकास और शांति की राह पर लौटना चाहते हैं, राज्य सरकार उनका पूरा सहयोग करेगी।

नई नीति के तहत आत्मसमर्पण करने वालों को ट्रांजिट कैंप या पुनर्वास केंद्र में रखा जाएगा, जहां उन्हें उनकी रुचि के अनुसार किसी न किसी हुनर में प्रशिक्षित किया जाएगा। इतना ही नहीं, तीन साल तक हर महीने 10,000 रुपये मानदेय भी दिया जाएगा। आवास के लिए शहरी इलाके में प्लाट, ग्रामीण क्षेत्र में कृषि भूमि, स्वरोजगार और व्यवसाय से जुड़ने की योजनाएं भी उनके लिए उपलब्ध रहेंगी। सबसे खास बात यह है कि आत्मसमर्पण के बाद पुनर्वास की पूरी प्रक्रिया 120 दिनों के भीतर पूरी की जाएगी, ताकि वे जल्द से जल्द समाज की मुख्यधारा में लौट सकें।

यह नीति न केवल छत्तीसगढ़ में सक्रिय नक्सलियों पर लागू होगी, बल्कि अन्य राज्यों में सक्रिय नक्सलियों के लिए भी एक सुनहरा अवसर प्रदान करेगी, बशर्ते वे तय प्रक्रिया के तहत प्रमाणन और अनापत्ति प्राप्त करें।

सरकार की यह पहल एक तरफ जहां राज्य में स्थायी शांति बहाल करने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकती है, वहीं दूसरी ओर यह संदेश भी देती है कि हिंसा से कुछ हासिल नहीं होता — भविष्य निर्माण का रास्ता अब विकास, शिक्षा और सम्मानजनक जीवन से होकर गुजरता है।

राज्य और जिला स्तर पर गठित समितियों द्वारा आत्मसमर्पण के प्रत्येक प्रकरण की नियमित समीक्षा की जाएगी, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि लाभार्थी वास्तव में समाज में सकारात्मक भूमिका निभा रहा है।

  • Related Posts

    अम्बेडकर अस्पताल में 11 साल के बच्चे के दिल से चिपका दुर्लभ कैंसर निकाला, बना विश्व कीर्तिमान

      स्टेज-3 इनवेसिव थायमिक कैंसर का सफल ऑपरेशन; अब तक मेडिकल जर्नल में 12 वर्ष के सबसे कम उम्र का मरीज है दर्ज, 11 वर्ष के इस मरीज के साथ…

    Read more

    स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का त्याग और बलिदान देश की अमूल्य धरोहर: मुख्यमंत्री श्री साय

      रायपुर 17 मार्च 2026/मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय से विधानसभा स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय कक्ष में छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वतंत्रता संग्राम सेनानी उत्तराधिकारी संस्था के प्रतिनिधि मंडल ने सौजन्य मुलाकात की। प्रतिनिधि…

    Read more

    NATIONAL

    स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तैनात हुई इंडियन नेवी, वॉरशिप से एस्कॉर्ट कर रहे तिरंगा लगे जहाज

    स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तैनात हुई इंडियन नेवी, वॉरशिप से एस्कॉर्ट कर रहे तिरंगा लगे जहाज

    घर बैठे मिनटों में बुक करें LPG सिलेंडर, जानिए Indane-HP-Bharat Gas के आसान तरीके

    घर बैठे मिनटों में बुक करें LPG सिलेंडर, जानिए Indane-HP-Bharat Gas के आसान तरीके

    दुबई एयरपोर्ट पर फिर ड्रोन अटैक, फ्यूल टैंक में लगी आग, सभी फ्लाइट्स निलंबित

    दुबई एयरपोर्ट पर फिर ड्रोन अटैक, फ्यूल टैंक में लगी आग, सभी फ्लाइट्स निलंबित

    राज्यसभा चुनाव: वोटिंग के बीच कांग्रेस के 3 विधायक गायब, कमरूल होदा बोले- ‘6 बजे तक इंतजार कीजिए’

    राज्यसभा चुनाव: वोटिंग के बीच कांग्रेस के 3 विधायक गायब, कमरूल होदा बोले- ‘6 बजे तक इंतजार कीजिए’

    बेऊर जेल में बंद अनंत सिंह पर कोर्ट का फैसला, राज्यसभा चुनाव में कर सकेंगे वोट

    बेऊर जेल में बंद अनंत सिंह पर कोर्ट का फैसला, राज्यसभा चुनाव में कर सकेंगे वोट

    राज्यसभा चुनाव: 12 साल बाद बिहार में टक्कर वाली लड़ाई, 5 सीटों पर 6 उम्मीदवार मैदान में, 16 मार्च को होगा मतदान

    राज्यसभा चुनाव: 12 साल बाद बिहार में टक्कर वाली लड़ाई, 5 सीटों पर 6 उम्मीदवार मैदान में, 16 मार्च को होगा मतदान