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विश्व हाथी दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित किया जा रहा चित्रकला एवं लेखन प्रतियोगिता

हाथियों के संरक्षण, उनके व्यवहार, पर्यावरण संतुलन में उनकी भूमिका तथा हाथी मानव संघर्ष की रोकथाम जैसे विषयों पर आधारित चित्रकला एवं लेख करना होगा प्रस्तुत
प्रतिभागी चित्र एवं लेख को 05 अगस्त तक वन मंडल कार्यालय के स्टेनो कक्ष में कर सकेंगे जमा

जशपुरनगर 15  जुलाई 2025/ वन विभाग द्वारा विश्व हाथी दिवस के उपलक्ष्य में हाथियों के संरक्षण एवं मानव हाथी   द्वन्द को कम करने हेतु चित्रकला एवं लेखन प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। यह प्रतियोगिता विद्यार्थियों तथा युवाओं को हाथियों की सुरक्षा और उनके प्राकृतिक आवास को समझने और रचनात्मक तरीके से व्यक्त करने का अवसर प्रदान करेगी।
वन विभाग द्वारा प्रतियोगिता में भाग लेने वाले प्रतिभागियों से अनुरोध है कि वे हाथियों के संरक्षण, उनके व्यवहार, पर्यावरण संतुलन में उनकी भूमिका तथा हाथी मानव संघर्ष की रोकथाम जैसे विषयों पर आधारित चित्रकला एवं लेख प्रस्तुत करें। प्रतियोगिता दो श्रेणी में विभाजित होगी प्रथम श्रेणी 15 वर्ष से कम आयु के होगे तथा द्वितीय श्रेणी 15 वर्ष तथा उससे ऊपर के प्रतिभागियों की होगी। उक्त प्रतियोगिता में स्वरचित चित्र एवं लेखन ही मान्य होगा। प्रतिभागी अपने द्वारा बनाये गये चित्र एवं लेख को 05 अगस्त 2025 तक समय सांय 04.00 बजे वन मंडल कार्यालय के स्टेनो कक्ष में बंद लिफाफा जिसमें अपना नाम, पता, आयु एवं मोबाईल नम्बर के साथ जमा करें। निर्धारित तिथि एवं समय पर प्राप्त लेखन एवं चित्रकला का मूल्यांकन जिला स्तरीय समिति द्वारा किया जायेगा। प्रथम, द्वितीय तथा तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों का चयन कर प्रशस्ति पत्र एवं नगद राशि से पुरस्कृत किया जायेगा। प्रथम पुरस्कार राशि 7 हजार रुपए, द्वितीय 5 हजार रुपए एवं तृतीय 3 हजार रुपए निर्धारित की गई है। पुरस्कार वितरण विश्व हाथी दिवस 12 अगस्त 2025 को जिला स्तरीय कार्यक्रम में किया जायेगा। चयन के सम्बन्ध में जिला स्तरीय चयन समिति का निर्णय अंतिम एवं सर्वमान्य होगा। इससे सम्बन्धित किसी भी प्रकार की अतिरिक्त जानकारी के लिए संलग्नाधिकारी जशपुर मोबाईल नम्बर 9399711196 से सम्पर्क किया जा सकता है।
विदित है कि हाथी को राष्ट्रीय विरासत पशु घोषित किया गया है तथा संयुक्त राष्ट्र प्रतिवर्ष 12 अगस्त को विश्व हाथी दिवस के रूप में मनाया जाता है। जिसमें हाथियों के संरक्षण के बारे में जागरूकता बढ़ाना और उनके सामने आने वाली चुनौतियों के बारे में लोगों को शिक्षित करना है। इस वर्ष का आधिकारिक विषय है मातृगण और उनकी सांझी यादें। इस थीम का उद्देश्य हाथियों के मातृ नेतृत्व को उजागर करना, उनके बीच की भावनात्मक बंधन और यादों की सृष्टि को मान्यता देना। इस नेतृत्व के संरक्षण एवं सम्मान के प्रति जागरूकता फैलाना है।

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