Ro no D15139/23

रानीदाह जलप्रपात: छत्तीसगढ़ के घने जंगलों में छिपा प्रकृति का चमत्कार

रायपुर । रानीदाह जलप्रपात का सबसे आकर्षक रूप मानसून के दौरान देखने को मिलता है, जब पानी का बहाव चरम पर होता है और चारों ओर हरियाली व वादियां निखर उठती हैं। एडवेंचर, फोटोग्राफी, और प्रकृति प्रेमियों के लिए यह स्थान अद्भुत अनुभव देता है। यहाँ की स्वच्छ बूंदें, हरियाली भरी घाटियाँ और झरने की गूंज हर आगंतुक को मंत्रमुग्ध कर देती है।

रानीदाह जलप्रपात छत्तीसगढ़ राज्य के जशपुर जिला मुख्यालय से लगभग 15 से 25 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यह झरना घने जंगलों और पहाड़ी इलाकों के मध्य स्थित है और प्राकृतिक सौंदर्य के लिए प्रसिद्ध है। बरसात के मौसम में यहाँ का नजारा अत्यंत मनोहारी होता है, झरने की धाराएं विशाल चट्टानों से गिरती हैं और एक विशाल जलकुंड में मिल जाती हैं। आसपास जंगल, टेढ़े-मेढ़े रास्ते, और ऊँची-नीची पहाड़ियाँ इस जगह को रोमांचक बनाते हैं। यहाँ के माहौल में शांति, ताजगी और हरियाली छायी रहती है, जिससे यह पिकनिक और प्रकृति प्रेमियों का आदर्श स्थल है।

रानीदाह जलप्रपात से जुड़ी एक रोचक किंवदंती भी है। कहा जाता है कि उड़ीसा की रानी शिरोमणि अपने प्रेमी के साथ भागकर जशपुर आई थीं, जहाँ उन्होंने अपने भाईयों से छिपते हुए इसी झरने के समीप आत्मसमर्पण किया। इसी वजह से इस स्थल का नाम रानीदाह पड़ा। आज भी यहाँ रानी की समाधि और पंचमैया नामक स्थल देखने को मिलता है, जो रानी के पाँच भाईयों को प्रतीकात्मक रूप में दर्शाता है। जलप्रपात के निकट एक शिव मंदिर भी है, जिससे इसका धार्मिक महत्त्व बढ़ जाता है।

यह जलप्रपात वर्ष पर्यन्त विशेष रूप से जून से फरवरी तक चालू रहता है। जशपुर से आरा मार्ग पर लगभग 18 किमी दूरी और मुख्य सड़क से 5 किमी अंदर की ओर स्थित इस स्थल तक सड़क मार्ग, ट्रेन (रांची व अंबिकापुर रेलवे स्टेशन), और हवाई यात्रा (रांची व रायपुर एयरपोर्ट) से पहुँचा जा सकता है। यहाँ जिला प्रशासन ने व्यू प्वाइंट, सीढ़ियाँ, एवं पिकनिक के लिए सुरक्षित व्यवस्था की है ताकि पर्यटक पूर्ण रूप से प्रकृति का आनंद उठा सकें।

रानीदाह जलप्रपात न केवल छत्तीसगढ़ के पर्यटन मानचित्र पर एक महत्वपूर्ण बिंदु है, बल्कि प्रकृति, इतिहास और रोमांच से भरपूर एक अविस्मरणीय स्थल भी है। यहाँ आकर मनुष्य को प्रकृति के शांत, पवित्र एवं रमणीय स्वरूप का गहरा अहसास होता है।

  • Related Posts

    कम उम्र में अनाथ हुए मिजोरम के किशोर इसाक* *मालसावमटलुआंगा ने चोट की चिंता को पीछे छोड़कर जीता केआईटीजी स्वर्ण

    *कम उम्र में अनाथ हुए मिजोरम के किशोर इसाक* *मालसावमटलुआंगा ने चोट की चिंता को पीछे छोड़कर जीता केआईटीजी स्वर्ण* *इसाक ने 2018 में अपने पिता और 2024 में अपनी…

    Read more

    मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने सुनी ‘मन की बात’ की 132वीं कड़ी

      *जल संरक्षण में छत्तीसगढ़ बना देश के लिए मिसाल: कोरिया जिले के जल संरक्षण मॉडल की प्रधानमंत्री ने की सराहना* *मन की बात में छत्तीसगढ़ के जल संवर्धन प्रयासों…

    Read more

    NATIONAL

    अधिकारी बड़े चालू-गये मंत्री तो पनीर की जगह आलू; विपक्ष की हालत खस्ता-पैट्रोल सस्ता; एपीकेफाईल से बचें,पादरी की चतुराई-कोर्ट में काम न आई,वरिष्ठ पत्रकार जवाहर नागदेव की खरी… खरी…

    अधिकारी बड़े चालू-गये मंत्री तो पनीर की जगह आलू; विपक्ष की हालत खस्ता-पैट्रोल सस्ता; एपीकेफाईल से बचें,पादरी की चतुराई-कोर्ट में काम न आई,वरिष्ठ पत्रकार जवाहर नागदेव की खरी… खरी…

    नेपाल: बालेन शाह के PM बनते ही बड़ा एक्शन, पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली गिरफ्तार

    नेपाल: बालेन शाह के PM बनते ही बड़ा एक्शन, पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली गिरफ्तार

    न्यूक्लियर साइटों पर इजरायली हमले के बाद ईरान ने दी चेतावनी, कहा- चुकानी होगी भारी कीमत

    न्यूक्लियर साइटों पर इजरायली हमले के बाद ईरान ने दी चेतावनी, कहा- चुकानी होगी भारी कीमत

    इंडियन एयरलाइंस का फैसला, समर शेड्यूल में 3000 वीकली उड़ानें कैंसिल

    इंडियन एयरलाइंस का फैसला, समर शेड्यूल में 3000 वीकली उड़ानें कैंसिल

    ईयू का दावा: रूस की मदद से ईरान कर रहा मिडिल ईस्ट में अमेरिकी सैनिकों पर हमले

    ईयू का दावा: रूस की मदद से ईरान कर रहा मिडिल ईस्ट में अमेरिकी सैनिकों पर हमले

    खुदा दे खाने को तो कौन जाए कमाने को, मुफ्त की सौगात पर सुप्रीम कोर्ट की चिन्ता वरिष्ठ पत्रकार जवाहर नागदेव की खरी.….खरी….

    खुदा दे खाने को तो कौन जाए कमाने को, मुफ्त की सौगात पर सुप्रीम कोर्ट की चिन्ता वरिष्ठ पत्रकार जवाहर नागदेव की खरी.….खरी….