
रायपुर, 26 नवम्बर 2025/जशपुर जिले के विकासखंड फरसाबहार की ग्राम पंचायत बलटोली स्थित कोकिया व्यपवर्तन योजना के नहर जीर्णाेद्धार, पुराने स्ट्रक्चर के मरम्मत, नए स्ट्रक्चर के निर्माण, सीसी लाइनिंग तथा चौनल निर्माण कार्य हेतु 16 करोड़ 17 लाख 1 हजार रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति छत्तीसगढ़ शासन, जल संसाधन विभाग द्वारा प्रदान की गई है। यह स्वीकृति मुख्य अभियंता के प्रस्ताव तथा दर अनुसूची के अद्यतन संशोधन के आधार पर स्वीकृत की गई है।
कोकिया व्यपवर्तन योजना के पूर्ण होने पर रूपांकित 810 हेक्टेयर के विरुद्ध वर्तमान में हो रही 579 हेक्टेयर सिंचाई की कमी दूर करते हुए संपूर्ण निर्धारित क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध होगी। कोकिया व्यपवर्तन योजना के नहर जीर्णाेद्धार और निर्माण कार्य समयावधि, गुणवत्ता मानकों और वित्तीय अनुशासन के पूर्ण पालन के साथ पूर्ण होंगे तथा फरसाबहार क्षेत्र के किसानों को सिंचाई सुविधा में महत्वपूर्ण लाभ प्राप्त होगा।
कोकिया व्यपवर्तन योजना को वित्त विभाग द्वारा ऑनलाइन वित्तीय सहमति प्रदान की गई है। प्रस्तावित वेस्ट वियर की ऊँचाई 0.50 मीटर बढ़ाए जाने के कारण डूब क्षेत्र में वृद्धि से भू-अर्जन की स्थिति उत्पन्न न होने की अनिवार्यता भी सुनिश्चित की गई है। शासन द्वारा निर्देशित किया गया है कि योजना अंतर्गत सभी निर्माण कार्य स्वीकृत राशि एवं निर्धारित समयावधि के भीतर ही पूर्ण किए जाएँ। कार्य प्रारंभ करने के पूर्व सक्षम अधिकारी से तकनीकी स्वीकृति प्राप्त करना, ड्रॉइंग एवं डिज़ाइन का अनुमोदन कराना और यह सुनिश्चित करना आवश्यक होगा।
निविदा प्रक्रिया निष्पक्ष, पारदर्शी एवं प्रतिस्पर्धी हो, इस हेतु स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। निविदा दर यदि मूल प्रस्ताव से 10 प्रतिशत से अधिक प्राप्त होती है अथवा निर्माण कार्य की मात्रा में वृद्धि अथवा नए कार्य जुड़ने से स्वीकृत सीमा से अधिक दायित्व उत्पन्न होता है, तो तत्काल संशोधित प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त करना अनिवार्य होगा। किसी भी परिस्थिति में बिना सक्षम स्वीकृति के अतिरिक्त दायित्व निर्मित नहीं किया जाएगा। साथ ही, उपलब्ध बजट आवंटन की सीमा के भीतर ही व्यय सुनिश्चित किया जाएगा और कार्य प्राक्कलन के अनुरूप मितव्ययिता अपनाते हुए कार्य संपादित किया जाएगा।
निर्माण कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित करना विभाग की प्रमुख जिम्मेदारी होगी। कार्य की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की कमी पाए जाने पर उत्तरदायित्व तय करते हुए नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। निर्माण कार्य अनुबंध अनुसार समयसीमा में पूर्ण किया जाना आवश्यक है तथा समयवृद्धि केवल अपरिहार्य एवं नियंत्रण से बाहर स्थितियों में ही सक्षम अधिकारी द्वारा दी जा सकेगी। छत्तीसगढ़ वित्तीय संहिता भाग-एक के नियम-10 के अनुसार मुख्य अभियंता को कार्यों पर नियंत्रण तथा कार्यालय व अधीनस्थ अधिकारियों द्वारा सभी वित्तीय एवं प्रशासनिक नियमों के पालन की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अतिरिक्त यह भी सुनिश्चित किया जाना है कि प्रस्ताव की उपयुक्तता (अपंइपसपजल), निर्माण स्थल की चयन उपयुक्तता, प्राक्कलन की सटीकता, कार्य की गुणवत्ता, समयसीमा और वित्तीय अनुशासन शासन द्वारा समय-समय पर जारी निर्देशों के अनुरूप हो।








