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टैक्स बचत के साथ आकर्षक ग्रोथ के लिए ELSS को अपने पोर्टफोलियो में शामिल करें

आज पैसा कमाने के साथ-साथ पैसा बचाना भी अपने आप में एक चुनौती है। यदि आपने अपने पैसे को सही जगह पर नहीं लगाया तो महंगाई दर की तुलना में वह पीछे रह जाएगा और आप अपने ही पैसे की क्रय शक्ति को कम कर लेंगे।  नगर के जाने-माने निवेश सलाहकार जवाहर मोटवानी ने आगे बताया कि मंदी और उतार-चढ़ाव का जो दौर चल रहा है उसमें भी म्युचुअल फंड के तीन फंड जो की ELSS  स्कीम के तहत चलते हैं उन्होंने अपनी चमक बरकरार रखी है।  इस फंड में आयकर अधिनियम की धारा 80c के अंतर्गत जहां एक और पुरानी टैक्स प्रणाली में डेढ़ लाख रुपए तक के टैक्स की छूट का फायदा मिलता है वही इसके 3 साल के लॉकिंग पीरियड के कारण इसमें एक आकर्षक ग्रोथ मिलती है। इसमें सबसे पहले स्टेट बैंक टैक्स सेवर फंड आता है जो भारत का सबसे पुराना और भरोसेमंद टैक्स फंड है इसकी शुरुआत 1993 में हुई जिसमें अब लगभग 300 अरब रुपए का फंड है यह फंड अपने कुल निवेश का 59% लार्ज कैप 22% मिड कैप और 12% स्मॉल कैप में निवेशित करता है इसमें बैंकिंग ऑटोमोबाइल आईटी सेक्टर शामिल है। इसने पिछले तीन से पांच सालों में लगभग 25 से 27% का सालाना ग्रोथ दिया है, दूसरे नंबर पर एचडीएफसी टैक्स सेवर फंड आता है जो 1996 में शुरू हुआ और लगभग 165 अरब रुपए इस फंड में निवेशित है यह 79% लार्ज कैप में निवेशित करता है जिसमें बैंकिंग ऑटोमोबाइल हेल्थ केयर जैसे सेक्टर शामिल है, इस फंड ने भी पिछले तीन से पांच वर्षों में लगभग 23 से 25% तक का सालाना ग्रोथ दिया है।  तीसरे नंबर पर डीएसपी टैक्स सेवर फंड आता है जो 2007 में शुरू हुआ और इसमें भी लगभग 165 अरब रुपए निषेध है यह अपने निवेश को 68% लार्ज कैप 16% मिड कैप और 14% स्मॉल कैप शेयरों में निवेशित करता है इसमें भी बैंकिंग हेल्थ केयर आईटी  के शेयर शामिल होते हैं इसने पिछले तीन से पांच सालों में 20 से 24% तक का रिटर्न दिया है।  इन तीन फंड ने यह साबित किया है कि  म्युचुअल फंड अभी भी टैक्स सेविंग के साथ-साथ ग्रोथ देने में सबसे ऊपर है जबकि अन्य टैक्स सेविंग की योजनाएं इसे काफी कम दर पर ब्याज या पूंजी वृद्धि करती हैं। मेरा मानना है कि यदि लंबे समय के लिए निवेश किया जाए तो म्युचुअल फंड में नेगेटिव रिटर्न आने की संभावना अत्यंत कम होती है।  टैक्स सेवर फंड तीन  साल के लिए ब्लॉक होते हैं अतः इसमें फंड मैनेजर को समय मिलता है कि वह समय अनुसार  निवेश करके आपको एक अच्छी पूंजी वृद्धि प्रदान कर सके।  यदि आप अपने निवेश सलाहकार की सलाह पर आगे बढ़ते हैं तो आपको पूंजी वृद्धि की नई जानकारियां  प्राप्त होती हैं।  उन्होंने कहा कि नौकरी पेशा व्यक्तियों के लिए अगले एक  माह में यह निर्णय लेने की स्थिति आ रही है कि उन्हें  पुरानी कर प्रणाली या नयी कर प्रणाली में से कोई एक चुनना है और यदि वह पुरानी टैक्स प्रणाली को चुनते हैं तो उसमें निवेश के लिए उनके पास ELSS एक बेहतरीन विकल्प है ।
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