Ro no D15139/23

परीक्षा पे चर्चा 2026 नौवें संस्करण की शुरुआत, 11 जनवरी तक अपलोड कर सकते हैं प्रश्न

देशभर के विद्यार्थियों, शिक्षकों और पालकों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ सीधे संवाद करने का एक और सुनहरा अवसर मिल रहा है। प्रतिवर्ष की भाँति इस वर्ष भी परीक्षा पे चर्चा के भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा, जो इस श्रंखला का 9वाँ संस्करण होगा। प्रधानमंत्री इस कार्यक्रम में राज्यों से चयनित बच्चों द्वारा परीक्षा से संबंधित पूछे गए सवालों के जवाब देकर उनका मार्गदर्शन करेंगे और उनके तनाव को कम करने का प्रयास करेंगे।
इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय प्रतियोगिता में सभी प्रकार के विद्यालयों में अध्ययनरत कक्षा 6 से 12 के विद्यार्थी, शिक्षक गण एवं पालकों को पोर्टल में जाकर अपने प्रश्न पूछने का अवसर सुलभ करवाया गया है। इस प्रतियोगिता की शुरुआत 1 दिसंबर को हो चुकी है और सभी हितग्राही अपने सवाल अपलोड करने के लिए 11 जनवरी 2026 तक आवेदन कर सकते हैं। प्रश्नों को अपलोड करने की सुविधा भारत सरकार द्वारा विशेष रूप से बनाए गए पोर्टल http://innovateindia1.mygov.in में प्रदान की गयी है। पोर्टल में प्रवेश करने पर प्रतिभागियों को अभी भाग लें-परीक्षा पे चर्चा 2026 का विकल्प मिलेगा, जहां वे पुरस्कारों के बारे में और जरूरी तारीखें जैसी अन्य जानकारी भी देख सकते हैं। यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि प्रतिभागी अपने सवाल अधिकतम 500 शब्दों के भीतर बनाकर रखें।
प्रतियोगिता में शामिल होने के लिए विभिन्न विकल्प उपलब्ध हैं। कक्षा 6-12 के विद्यार्थी स्वयं अपने संसाधन (इंटरनेट, ईमेल आईडी, मोबाइल) से भाग ले सकते हैं। जिन विद्यार्थियों के पास ये सुविधाएँ नहीं हैं वे शिक्षक लॉग इन के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं और शिक्षकों एवं पालकों के लिए भी पृथक लॉग इन विकल्प उपलब्ध करवाए गए हैं। छत्तीसगढ़ राज्य के प्रदर्शन पर पूरे देश की निगाहें टिकी हुई हैं। गत वर्ष छत्तीसगढ़ को कुल 10.25 लाख प्रश्न पूछने का लक्ष्य दिया गया था, जिसके विरुद्ध राज्य ने शानदार 197ः का लक्ष्य प्राप्त कर पूरे देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया था। समग्र शिक्षा के माध्यम से राज्य के सभी शिक्षकों, कक्षा 6 से 12 के विद्यार्थियों एवं पालकों से पुरजोर अपील की गई है कि वे गत वर्ष की भाँति इस वर्ष भी अपना सर्वोत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए अच्छी गुणवत्ता के प्रश्न अपलोड करें, ताकि उनका चयन मुख्य कार्यक्रम के लिए हो सके। सभी हितग्राहियों से आग्रह किया गया है कि वे 11 जनवरी 2026 की अंतिम तिथि का इन्तजार न करते हुए अभी से अधिक से अधिक स्कूलों से प्रश्नों को अपलोड करने की प्रक्रिया प्रारंभ कर लें ताकि अंतिम समय में सर्वर संबंधी समस्या का सामना न करना पड़े।
  • Related Posts

    होली त्योहार पर अम्बेडकर अस्पताल में 24 घंटे जारी रहेगी इमरजेंसी सेवा

    अधीक्षक डॉ. संतोष सोनकर ने मेडिकल स्टाफ के लिए जारी किए विशेष निर्देश* *होली त्योहार पर शासकीय अवकाश के कारण ओपीडी बंद रहेगी, इमरजेंसी सेवा पूर्ववत जारी रहेगी* *सभी वार्डों…

    Read more

    अंगदान से मानवता को नई दिशा: प्रोजेक्ट दधीचि से जुड़कर पशु चिकित्सा कर्मी बने प्रेरणा स्रोत

    मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन की पहल, कलेक्टर ने अंगदान संकल्प लेने वाले कर्मचारी को किया सम्मानित रायपुर, 02 मार्च 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार जिला…

    Read more

    NATIONAL

    गरीब पोराबाई फंसी-केजरीवाल को मोदी ने छुड़वाया,गले मिले या पड़े-लखमा, खबरदार-‘खामोश’ मत कहना, हैं, बेहद अश्लील धुरंधर-बोथरी सेंसर की धार-वंचित रहे परिवार वरिष्ठ पत्रकार जवाहर नागदेव की खरी… खरी….

    गरीब पोराबाई फंसी-केजरीवाल को मोदी ने छुड़वाया,गले मिले या पड़े-लखमा, खबरदार-‘खामोश’ मत कहना, हैं, बेहद अश्लील धुरंधर-बोथरी सेंसर की धार-वंचित रहे परिवार वरिष्ठ पत्रकार जवाहर नागदेव की खरी… खरी….

    सोनिया गांधी ने किया सवाल, खामेनेई की हत्या पर सरकार चुप्प क्यों?

    सोनिया गांधी ने किया सवाल, खामेनेई की हत्या पर सरकार चुप्प क्यों?

    सऊदी, कुवैत में US एंबेसी पर ईरान का हमला, अमेरिका बोला- इन 15 देशों को तुरंत छोड़ दें अमेरिकी

    सऊदी, कुवैत में US एंबेसी पर ईरान का हमला, अमेरिका बोला- इन 15 देशों को तुरंत छोड़ दें अमेरिकी

    पटना महावीर मंदिर के ज्योतिषाचार्य ने तय किया ग्रहण और भद्रा काल के बीच होलिका दहन का शुभ मुहूर्त

    पटना महावीर मंदिर के ज्योतिषाचार्य ने तय किया ग्रहण और भद्रा काल के बीच होलिका दहन का शुभ मुहूर्त

    पीएम मोदी ने बेंजामिन नेतन्याहू से की बात, कहा- शांति बहाली के प्रयास तेज किए जाने चाहिए

    पीएम मोदी ने बेंजामिन नेतन्याहू से की बात, कहा- शांति बहाली के प्रयास तेज किए जाने चाहिए

    ईरान पर हमले से बढ़ी वैश्विक अनिश्चितता, पढ़ें पूर्व विदेश सचिव शशांक का आलेख

    ईरान पर हमले से बढ़ी वैश्विक अनिश्चितता, पढ़ें पूर्व विदेश सचिव शशांक का आलेख