
जिला पंजीयक कांकेर ने बताया कि छत्तीसगढ़ गाईडलाईन दरों का निर्धारण नियम 2000 के उपबंधों में किए गए संशोधन तत्काल प्रभाव से लागू हो गए हैं। ये भूमि एवं मकान की रजिस्ट्री पर तत्काल प्रभाव से लागू है। मौजूदा 20 नवम्बर 2025 से प्रभावी गाईडलाईन की दरें फिलहाल यथावत रहेंगी। समिति अपने संशोधित प्रस्ताव 31 दिसंबर 2025 तक केन्द्रीय मूल्यांकन बोर्ड को भेजने के बाद इन्हीं प्रस्तावों के आधार पर नई गाईडलाईन दरें तय होंगी। संशोधित नई दरें तभी लागू होंगी जब केन्द्रीय मूल्यांकन बोर्ड उन्हें मंजूरी देगा।
जिला पंजीयक ने नागरिकों से अपील की है कि जो व्यक्ति नई दरों को लेकर आपत्ति, सुझाव या दावा देना चाहता है, वे 31 दिसम्बर 2025 से पहले जिला पंजीयक कार्यालय में आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि जो भी आपत्ति दर्ज कराई जाए, उसमें दो बातें अनिवार्य होनी चाहिए। पहला वर्तमान दर पर आपत्ति का स्पष्ट और उचित कारण और दूसरा जिस दर का प्रस्ताव दिया जा रहा हैं, उसका तार्किक और युक्तिसंगत आधार होना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि संपत्ति मूल्याकन को सरल करते हुए कई राहतें दी हैं। अब नगरपालिका में 37.5 और नगर पंचायत में 25 डिसमिल तक स्लैब दर से मूल्यांकन होगा। बहुमंजिला भवनों में फ्लैट, दुकानों और कार्यालय का मूल्यांकन सुपर बिल्ट-अप के बजाय बिल्ट-अप एरिया से होगा। बेसमेंट व प्रथम तल पर 10 प्रतिशत और दूसरे तल व ऊपर पर 20 प्रतिशत छूट मिलेगी। मुख्य मार्ग से 20 मीटर दूर कमर्शियल संपत्तियों की दर 25 प्रतिशत घटेगी। नजूल, आबादी और परिवर्तित भूमि पर अब हेक्टेयर दर लागू होगी। ग्रामीण क्षेत्रों में परिवर्तित भूमि पर सिंचित भूमि का ढाई गुना मूल्य जोड़ने, दो फसली भूमि 25 प्रतिशत अतिरिक्त मूल्य, ट्यूबवेल, कुएं, वाणिज्यिक फसलें और वृक्षों का मूल्य जोड़ने की व्यवस्था समाप्त हो गई है। शहर से लगे ग्रामीण इलाकों में 27 से 37.5 डिसमिल कृषि भूमि का मूल्यांकन वर्गमीटर की जगह हेक्टेयर दर से होगा। तालाब, मछली टैंक वाली भूमि पर 1.5 गुना दर तथा बाऊंड्री वॉल व प्लिंथ लेवल जोड़ने का प्रावधान भी हटा दिया गया है। नगरीय क्षेत्रों में 21 की जगह 2 दरें लागू होंगी।







