Ro no D15139/23

जिले में जैविक खेती की ओर किसानों का बढ़ा रूझान

कृषक   मनभौतिन बाई निषाद एवं   माखन निषाद को प्राकृतिक खेती से मिला फायदा ही फायदा
– राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन के तहत राजनांदगांव विकासखंड के 150 हेक्टेयर क्षेत्र में कलस्टर तैयार कर किसानों को जैविक खेती करने के लिए किया गया प्रोत्साहित
– जीवामृत, बीजामृत, घनजीवामृत, दशपर्णी अर्क सहित अन्य प्राकृतिक उत्पाद बनाने के लिए दिया गया प्रशिक्षण
जिले में जैविक खेती की ओर किसानों का रूझान बढ़ रहा है। राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन से किसानों को प्रोत्साहन मिला है। राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन के तहत वर्ष 2025 में राजनांदगांव विकासखंड के 150 हेक्टेयर क्षेत्र में कलस्टर तैयार कर कृषकों को रसायन मुक्त खेती करने की दिशा में प्रेरित हुए। मिशन के तहत ग्राम मोखला के प्रगति महिला स्वसहायता समूह के कृषकों को जीवामृत, बीजामृत, घनजीवामृत, दशपर्णी अर्क सहित अन्य प्राकृतिक उत्पाद बनाने एवं फसलों की अवस्था अनुसार उपयोग करने के संबंध में प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत ग्राम मोखला की 68 वर्षीय कृषक   मनभौतिन बाई निषाद एवं उनके 72 वर्षीय पति कृषक  माखन निषाद ने प्राकृतिक खेती के लिए प्रशिक्षण प्राप्त किया।
राजनांदगांव विकासखंड के ग्राम मोखला में 68 वर्षीय कृषक   मनभौतिन बाई निषाद एवं उनके 72 वर्षीय पति कृषक   माखन निषाद शिवनाथ नदी तट पर निवास करते हैं। उनके पास स्वयं की 1.17 एकड़ कृषि भूमि एवं 1.17 एकड़ कृषि भूमि लीज पर लेकर कुल 2.34 एकड़ कृषि भूमि पर धान एवं उद्यानिकी खेती करते थे। जिससे उन्हें 50 से 60 हजार रूपए सालाना आय हो जाती थी। कृषक   मनभौतिन बाई निषाद ने बताया कि उद्यानिकी खेती में गैरजरूरी रसायनिक उर्वरकों एवं कीटनाशकों के लगातार छिड़काव कर रहे थे। इन फसलों के सेवन से लोग बीमार पड़ते थे। यह देखकर मन में रसायन मुक्त खेती करने का विचार आया और प्राकृतिक कृषि पद्धति से खेती कार्य की शुरूआत की। उन्होंने बताया कि रसायनिक पद्धति से खेती को छोड़कर प्राकृतिक खेती करने में शुरूआत में चुनौतियों एवं समस्याओं का सामना करना पड़ा। प्राकृतिक खेती के लिए प्राकृतिक उत्पाद तैयार करने के संबंध में जानकारी का अभाव था। इसके साथ ही प्राकृतिक खेती से उत्पादन कम होना एवं कीट-बीमारियों की समस्या से फसल चौपट होने का डर था।
कृषक  मनभौतिन बाई निषाद ने बताया कि प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद रासायनिक खादों और कीटनाशकों पर निर्भरता खत्म हो गई। जिससे उत्पादन लागत काफी कम हो गई। रासायनिक खेती करने से प्रति एकड़ 20 से 22 हजार रूपए खर्च होता था, जबकि प्राकृतिक उत्पाद जीवामृत, घनजीवामृत, नीमास्त्र के निर्माण में लागत के नाम पर बेसन, गुड़ तथा मट्ठा, अन्य केवल घरेलू सामग्री का खर्च होता है। अन्य सामग्री देशी गाय का गोबर व गौमूत्र, मिट्टी, विभिन्न प्रकार के पत्ते आसानी से गांव में उपलब्ध हो जाते हैं। उन्होंने बताया कि प्राकृतिक खेती से मृदा पर प्राकृतिक उत्पादों के प्रभाव से खेती में लाभदायक केचुओं एवं अन्य सूक्ष्म जीवों की वृद्धि हुई है। प्रकृति प्रदत्त सामग्री का उपयोग करने से मिट्टी के साथ-साथ फसल की गुणवत्ता बेहतर हुई और उत्पाद जहर मुक्त होने के कारण बाजार में अच्छी कीमत मिल रही है। उन्होंने बताया कि व्यापारियों ने सीधे खेत से उत्पाद खरीदना शुरू कर दिया है। जिससे अच्छा लाभ मिला और आर्थिक रूप से मजबूत हो रहे हंै। जिसके कारण वर्ष 2025-26 रबी में सब्जी के साथ तिवड़ा, मसूर एवं सरसों फसल की खेती प्राकृतिक पद्धति से कर रहे है। कृषक श्रीमती मनभौतिन बाई निषाद जिले के किसानों के लिए प्रेरणा का स्त्रोत है। उन्हें विभिन्न जिला स्तरीय कार्यक्रम के माध्यम से सम्मानित किया गया।

  • Related Posts

    सत्र 2025-26 में जेईई (मेन्स) परीक्षा में प्रयास आवासीय विद्यालय अम्बिकापुर के 09 विद्यार्थी चयनित

      अम्बिकापुर 22 अप्रैल 2026/  आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त ने बताया कि सत्र 2025-26 में जेईई (मेन्स) परीक्षा के परिणाम घोषित कर दिए गए हैं। परीक्षा में आदिवासी विकास…

    Read more

    कलेक्टर ने ली जल जीवन मिशन के कार्यों की समीक्षा बैठक बार-बार नोटिस के बावजूद कार्य में प्रगति नहीं लाने वाले ठेकेदारों के अनुबंध निरस्त करने के निर्देश नलकूप खनन और एकल ग्राम योजना के कार्यों में लापरवाही बरतने पर की गई कार्रवाई समूह जल प्रदाय योजनाओं में गुणवत्ता सुनिश्चित करते हुए कार्यों को समय-सीमा में पूर्ण करने के दिए निर्देश

      अम्बिकापुर 22 अप्रैल 2026/  कलेक्टर  अजीत वसंत की अध्यक्षता में आज जिला जल एवं स्वच्छता मिशन की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जल जीवन मिशन के अंतर्गत…

    Read more

    NATIONAL

    केदारनाथ मंदिर के कपाट खुले, प्रधानमंत्री मोदी ने दी बधाई

    केदारनाथ मंदिर के कपाट खुले, प्रधानमंत्री मोदी ने दी बधाई

    अमित शाह का मिशन बंगाल और बूथ विजय का मास्टरप्लान : 2021 की गलतियों से लिया सबक, अब ‘दीदी ओ दीदी’ नहीं, पन्ना प्रमुखों पर भरोसा

    अमित शाह का मिशन बंगाल और बूथ विजय का मास्टरप्लान : 2021 की गलतियों से लिया सबक, अब ‘दीदी ओ दीदी’ नहीं, पन्ना प्रमुखों पर भरोसा

    कितना बचेगा गांधी परिवार-कानूनी हथकण्डों से,रहा गुलशन तो फूल खिलेंगे-रहा तृणमूल तो फिर मिलेंगे,मछली के नाम पे छली जाएगी जनता ? वरिष्ठ पत्रकार जवाहर नागदेव की खरी… खरी….

    कितना बचेगा गांधी परिवार-कानूनी हथकण्डों से,रहा गुलशन तो फूल खिलेंगे-रहा तृणमूल तो फिर मिलेंगे,मछली के नाम पे छली जाएगी जनता ? वरिष्ठ पत्रकार जवाहर नागदेव की खरी… खरी….

    बद्रीनाथ मंदिर के खुलने वाले है कपाट, जानें कब तक होंगे भगवान बद्रीविशाल के भक्तों को दर्शन

    बद्रीनाथ मंदिर के खुलने वाले है कपाट, जानें कब तक होंगे भगवान बद्रीविशाल के भक्तों को दर्शन

    Tim Cook का युग खत्म, अब John Ternus के हाथ में होगी Apple की कमान

    Tim Cook का युग खत्म, अब John Ternus के हाथ में होगी Apple की कमान

    Iran War : बातचीत अधर में अटकी? ट्रंप का दावा- ईरान के परमाणु ठिकाने ‘खाक’

    Iran War : बातचीत अधर में अटकी? ट्रंप का दावा- ईरान के परमाणु ठिकाने ‘खाक’