Ro no D15139/23

प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, स्प्रिंकलर एवं ड्रिप सिंचाई से किसानों को बहुआयामी लाभ

*45 से 55 प्रतिशत तक मिल रहा अनुदान*

*चालू वित्तीय वर्ष में 19306 किसानों का 16154 हेक्टेयर कृषि रकबा सिंचित*

*ड्रिप सिंचाई प्रणाली – सब्जी, फल, बागवानी एवं नकदी फसलों के लिए अत्यंत लाभकारी*

*अल्प वर्षा क्षेत्रों में यह योजना किसानों के लिए वरदान*

रायपुर, 06 जनवरी 2026(IMNB NEWS AGENCY) मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में कृषि उत्पादन एवं रकबा बढ़ाने हेतु निरंतर प्रयास किया जा रहा है। कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम के प्रयासों से प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत राज्य के 19306 किसानों को स्प्रिंकलर एवं ड्रिप सिंचाई प्रणाली का लाभ दिलाते हुए उनके 16154 हेक्टेयर खेती भूमि में सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। स्प्रिंकलर एवं ड्रिप सिंचाई प्रणाली अपनाने हेतु किसानों को प्रोत्साहित भी किया जा रहा है। इस योजना के तहत लघु सीमांत कृषकों को 55 प्रतिशत तथा दीर्घ किसानों के लिए 45 प्रतिशत तक अनुदान का प्रावधान किया गया है। जिससे किसान कम लागत में आधुनिक सिंचाई तकनीक का लाभ उठा सकें।

छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम के अधिकारियों ने बताया कि स्प्रिंकलर एवं ड्रिप सिंचाई प्रणाली के उपयोग से फसलों को आवश्यकतानुसार एवं सामान रूप से पानी उपलब्ध हो रहा है। इससे जल की 30 से 40 प्रतिशत तक बचत हो रही है। साथ ही खेतों में जल अपव्यय पर प्रभावी नियंत्रण संभव हुआ है। सीमित जल संसाधनों के बेहतर उपयोग से खेती अधिक लाभकारी बन रही है।

ड्रिप सिंचाई प्रणाली विशेष रूप से सब्जी, फल, बागवानी एवं नकदी फसलों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध हो रही है, जबकि स्प्रिंकलर प्रणाली से दलहन, तिलहन एवं अनाज फसलों की उत्पादकता में वृद्धि दर्ज की जा रही है। किसानों के अनुसार इन प्रणालियों के उपयोग से उपज में 20 से 30 प्रतिशत तक वृद्धि तथा उर्वरक एवं श्रम लागत में कमी आई है।

इस योजना के अंतर्गत किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन, प्रशिक्षण, डिज़ाइन अनुमोदन एवं स्थापना में सहयोग भी प्रदान किया जा रहा है। इससे किसानों में आधुनिक तकनीकों के प्रति जागरूकता बढ़ी है और वे वैज्ञानिक तरीके से खेती करने के लिए प्रेरित हो रहे हैं। सूखा एवं अल्प वर्षा प्रभावित क्षेत्रों में यह योजना किसानों के लिए वरदान साबित हो रही है। कम पानी में अधिक उत्पादन होने से किसानों की आर्थिक स्थिति सुदृढ हो रही है और उनकी आय में स्थायी वृद्धि हो रही है। वर्ष 2025-26 में अब तक स्प्रिंकलर के सेट 15 हजार 757 कृषकों के खेतों में 12 हजार 12 हेक्टेयर एवं ड्रिप सिस्टम के 3 हजार 549 कृषकों के खेतों में 3 हजार 942 हेक्टेयर क्षेत्र में स्थापना हुई।

  • Related Posts

    आईटीआई पूरक परीक्षा में शामिल होने 24 मार्च तक आवेदन आमंत्रित

    राजनांदगांव 20 मार्च 2026। राज्य व्यवसायिक परीक्षा (एससीव्हीटी) एवं हायर सेकेण्डरी व आईटीआई की संयुक्त अध्यापन योजना के तहत कक्षा 12वीं के विद्यार्थियों की आईटीआई ट्रेड की पूरक परीक्षा (नई…

    Read more

    हमर क्लीनिक में उपलब्ध कराई जा रही बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं

    राजनांदगांव 20 मार्च 2026 (IMNB NEWS AGENCY) शासन के निर्देशानुसार स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिले के नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही है। जिले में संचालित समस्त हमर…

    Read more

    NATIONAL

    पश्चिम एशिया तनाव के बीच 2 भारतीय LPG टैंकर होर्मुज पार करेंगे

    पश्चिम एशिया तनाव के बीच 2 भारतीय LPG टैंकर होर्मुज पार करेंगे

    रूस का अमेरिका को ‘स्पेशल ऑफर’: यूक्रेन की मदद रोको, हम ईरान को खुफिया डेटा देना बंद कर देंगे

    रूस का अमेरिका को ‘स्पेशल ऑफर’: यूक्रेन की मदद रोको, हम ईरान को खुफिया डेटा देना बंद कर देंगे

    ममता बनर्जी ने कहा- बंगाल को निशाना बनाने वालों को जहन्नुम में जाना चाहिए

    ममता बनर्जी ने कहा- बंगाल को निशाना बनाने वालों को जहन्नुम में जाना चाहिए

    समाप्त होने वाला है ईरान युद्ध? ट्रंप बोले- US अपने लक्ष्य के करीब, लेकिन सीजफायर से इनकार, क्या है प्लान?

    समाप्त होने वाला है ईरान युद्ध? ट्रंप बोले- US अपने लक्ष्य के करीब, लेकिन सीजफायर से इनकार, क्या है प्लान?

    खरसावां में ओड़िया नाट्य कलाकारों का जलवा, दूसरे दिन भी उमड़ी दर्शकों की भारी भीड़

    खरसावां में ओड़िया नाट्य कलाकारों का जलवा, दूसरे दिन भी उमड़ी दर्शकों की भारी भीड़

    ईद की वजह से दुबई में फंसा अवाना शिप के कैप्टन का पार्थिव शरीर, होर्मुज में हुई थी मौत

    ईद की वजह से दुबई में फंसा अवाना शिप के कैप्टन का पार्थिव शरीर, होर्मुज में हुई थी मौत