
Imran Khan Jail Hospital Verdict: पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की किस्मत का फैसला आज यानी सोमवार को होने वाला है. सुप्रीम कोर्ट यह तय करेगा कि इमरान खान जेल में ही रहेंगे या उन्हें इलाज के लिए अस्पताल शिफ्ट किया जाएगा. दरअसल, पिछले कुछ समय से इमरान की आंखों की रोशनी कम होने की खबरें आ रही हैं, जिसे लेकर कोर्ट काफी गंभीर है.
जेल के अंदर ही हुआ 90 मिनट तक चेकअप
सीएनएन-न्यूज18 की रिपोर्ट के मुताबिक, रावलपिंडी की अडियाला जेल में डॉक्टरों की एक सीनियर टीम ने इमरान खान का करीब डेढ़ घंटे तक मेडिकल चेकअप किया. इस टीम में पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस (PIMS) के डॉ. आरिफ और अल-शिफा आई ट्रस्ट हॉस्पिटल के डॉ. नदीम कुरैशी शामिल थे. डॉक्टरों ने जेल के अंदर ही स्लिट लैंप और OCT स्कैन जैसी मशीनों से इमरान की आंखों की बारीकी से जांच की.
क्या है इमरान की आंखों का हाल?
PIMS के सूत्रों के अनुसार, इमरान खान की आंखों की सूजन में थोड़ी कमी आई है और विजन (देखने की क्षमता) में सुधार देखा गया है. फिलहाल उन्हें ‘आयली’ (Eylea) नाम की दवा का एक डोज दिया गया है, जबकि दूसरा डोज 25 फरवरी को दिया जाना है. डॉक्टरों ने उनकी आंखों के आगे के टेस्ट के लिए एंजियोग्राम कराने की भी योजना बनाई है.
वकील ने बताया- 85% आंखों की रोशनी कम हुई
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर पिछले गुरुवार को एक वकील ने इमरान खान से मुलाकात की थी. उस मुलाकात के बाद आई रिपोर्ट में दावा किया गया कि इमरान ने अपनी दाहिनी आंख की रोशनी लगभग 85% कम होने की शिकायत की है. इसी रिपोर्ट के बाद कोर्ट ने 16 फरवरी से पहले उनका डिटेल चेकअप कराने का हुक्म दिया था. बता दें कि पिछले महीने भी इमरान को अस्पताल ले जाया गया था, जहां उनकी आंखों का एक छोटा प्रोसीजर हुआ था.
PTI ने मेडिकल टीम पर उठाए सवाल
इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) ने इस सरकारी चेकअप को मानने से इनकार कर दिया है. एक्स पर एक पोस्ट के जरिए पार्टी ने कहा कि उनके परिवार और निजी डॉक्टरों की गैर-मौजूदगी में किया गया यह चेकअप सही नहीं है. पार्टी का कहना है कि सरकार सिर्फ दिखावा कर रही है, जबकि इमरान की सेहत का फैसला उनके परिवार और भरोसेमंद डॉक्टरों की सलाह पर ही होना चाहिए.
अगस्त 2023 से जेल में बंद हैं इमरान
73 साल के इमरान खान करप्शन के मामले में दोषी पाए जाने के बाद 5 अगस्त 2023 से जेल में हैं. फिलहाल वे रावलपिंडी की हाई-सिक्योरिटी वाली अडियाला जेल में बंद हैं. अब सबकी नजरें सुप्रीम कोर्ट पर टिकी हैं कि क्या कोर्ट उन्हें बेहतर इलाज के लिए किसी प्राइवेट या स्पेशलाइज्ड अस्पताल भेजने की इजाजत देता है या नहीं.





