
एग्रीस्टेक पंजीयन, चना खरीदी और पशुधन विकास पर विशेष जोर
धमतरी, 18 फरवरी 2025/कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने बीते दिन कृषि, पशुपालन, मत्स्यपालन एवं उद्यानिकी विभागों की योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। कलेक्टोरेट सभाकक्ष और शासकीय श्रवण बाधितार्थ बालिका विद्यालय में आयोजित बैठक में कलेक्टर ंने कहा कि शासन की प्राथमिकता किसानों की आय में वृद्धि और योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ सुनिश्चित करना है। उन्होंने हाल ही में संपन्न धान खरीदी एवं एग्रीस्टेक रकबा समर्पण कार्य में मैदानी अमले द्वारा किए गए कार्यों की सराहना की। उन्होंने आधुनिक कृषि तकनीकों के प्रसार के लिए मैदानी कर्मचारियों को अन्य राज्यों में एक्सपोजर विजिट पर भेजने के निर्देश दिए, ताकि उन्नत कृषि पद्धतियों को जिले में लागू किया जा सके।
एग्रीस्टेक पंजीयन की प्रगति की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने कहा कि शासन की आगामी योजनाओं का लाभ एग्रीस्टेक पंजीयन के आधार पर प्रदान किया जाएगा। अतः विभाग द्वारा शिविर आयोजित कर अधिक से अधिक किसानों का पंजीयन सुनिश्चित किया जाए।
प्रधानमंत्री आशा योजना के अंतर्गत चना खरीदी की जानकारी देते हुए अधिकारियों ने बताया कि गत वर्ष आठ समितियों के माध्यम से चना खरीदी की गई थी। इस वर्ष किसानों की सुविधा हेतु सलोनी, संबलपुर एवं भुरसी में तीन नई समितियों का गठन किया गया है। कलेक्टर ने 50 हजार क्विंटल चना खरीदी का लक्ष्य निर्धारित करते हुए गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। साथ ही चना, सरसों एवं मूंग जैसी दलहन-तिलहन फसलों में अधिक से अधिक किसानों का पंजीयन कराने पर जोर दिया।
बैठक में कलेक्टर ने बैंक अधिकारियों को निर्देशित किया कि पीएमएफएमई योजना के अंतर्गत प्राप्त प्रकरणों को अनावश्यक रूप से अस्वीकृत न किया जाए। उन्होंने सभी विकासखंडों में कृषकों से आवेदन प्राप्त करने हेतु शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए। पीएम अजय योजना के तहत प्रेषित प्रकरणों के त्वरित निराकरण तथा अगली बैठक में प्रगति की समीक्षा करने के निर्देश भी दिए गए। प्रधानमंत्री धरती आबा योजना अंतर्गत तैयार किए गए मुर्गी शेड की जानकारी लेते हुए उन्होंने कम पानी में अधिक उत्पादन देने वाली फसलों को बढ़ावा देने, जल स्रोतों के संरक्षण एवं पुनर्भरण के लिए ग्राम स्तर पर अभियान चलाने के निर्देश दिए।
पशुपालन विभाग की समीक्षा के दौरान राष्ट्रीय पशुधन मिशन के अंतर्गत प्रकरणों की प्रगति, टीकाकरण, दुग्ध सहकारी समितियों की स्थिति तथा किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से अधिक से अधिक पशुपालकों को लाभान्वित करने पर विशेष जोर दिया गया। कृत्रिम गर्भाधान के लक्ष्य की शत-प्रतिशत पूर्ति एवं दुग्ध संग्रहण केंद्रों के सुदृढ़ीकरण के निर्देश भी दिए गए।
उद्यानिकी विभाग की समीक्षा में फसल क्षेत्र विस्तार, सब्जी, पुष्प एवं मसाला उत्पादन, शेडनेट, पॉलीहाउस, फेंसिंग, सपोर्ट सिस्टम तथा वर्मीकम्पोस्ट योजनाओं की प्रगति का अवलोकन किया गया। आयल पाम की खेती का रकबा बढ़ाने के निर्देश अधिकारियों को दिए तथा केसीसी से संबंधित समस्याओं के शीघ्र समाधान के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में उपसंचालक पशुपालन श्री मरकाम, सहायक संचालक मत्स्यपालन श्री राधव, सहायक संचालक उद्यानिकी श्रीमती गीता साहू सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।








