
एक बेहद दिलचस्प और नेताओं के लिये
खतरनाक खबर है। इस खबर से सभी को सबक लेना चाहिये। सबक कि कानून अब काम करने लगा है। न्यायालय गंभीर हो रहे हैं।
ये मिथक कमजोर हो रहा है कि बड़े आदमी को सजा नहीं मिलती।
हालांकि कुछ हद तक ये सही है। सौ प्रतिशत चाहे न हो।
कर्नाटक की बागेपल्ली विधानसभा से निर्वाचित कांग्रेसी विधायक ने चुनाव के समय जो फाॅर्म भरा था उसमे अपनी संपत्ति की जानकारी अधूरी दी थी। इस पर भाजपा के पराजित प्रत्याशी ने गुहार लगाई।

*मामले में हाई कोर्ट ने व्यावसायिक संपत्तियों का उल्लेख न करने के लिये आरोपी को दोषी पाया और इसे जनप्रतिनिध्व अधिनियम 1951 के तहत चूक माना और इस आधार पर चुनाव निरस्त कर दिया।*
इससे पहले महाराष्ट्र में भी ऐसा हो चुका है।

2004 में जीते भाजपा विधायक हलफनामे में जानकारी छिपाने के आरोप में हाईकोर्ट द्वारा 2007 में दोषी करार दिये गये। अंततः 2014 में सुप्रीम कोर्ट ने भी उन्हें दोषी पाया और चुनाव रद्द के हाईकोर्ट के फैसले की पुष्टि की।
*बिहार में 42 को नोटिस*
*हलफनामें में सही जानकारी न देने के लिये 42 विधायकों को नोटिस दिया गया है। हारे हुए विधायकों ने शिकायतें की हैं।*
यदि चुनावी फाॅर्म में सही जानकारी न देने के मामले को गंभीरता से लिया जाने लगा तो यकीन मानिये कई निपट जाएंगे। इसे एक बहुत बड़े चुनाव सुधार के रूप् में देखा जा सकता है।
*देवी अपमान कर लिया मजा*
*अब मांगेंगे माफी या भुगतेंगे सजा*

धुरंधर की धमक देश में अभी भी कायम है। संभव है कि हीरो रणवीर सिंह सहित सारी टीम हवा में उड़ती होगी।
*लेकिन तारीफ के पुलों के बीच हीरो धुरंधर के लिये एक खराब खबर आई है।*
*एफआईआर दर्ज हो गयी। यानि पुलिस कार्यवाही तय।*
दरअसल दो माह पूर्व गोवा में एक समारोह में उन्होंने कांतारा मुवी में देवी कांतारा के रोल को मजाकिया ढंग से नकल की और उन्होंने देवी को महिला भूत भी कहा।
जबकि देवी कर्नाटक मे रक्षक मानी जाती हैं और इनकी पूजा की जाती है।
रणवीर सिंह ने फिल्म में कैरेक्टर द्वारा प्रदर्शित किये गये हाव भावों को अजीबोगरीब तरीके से अपमानजनक मिमिक्री की, जिससे हिंदुओं की भावनाओं को ठेस लगी। हिंदुओं की भावनाओं का मजाक बनाना आम हो गया है। हिंदुओं को धर्म बदलने के लिये प्रेरित करना भी सरल और आसान काम है।
*हिंदु अपमान, बड़ा आसान*
*दुर्गा माता की अश्लील तस्वीर बनाने वाले को भी सजा नहीं*
*छत्तीसगढ़ की पूर्व डिप्टी कलेक्टर ओेमेगा टोप्पो द्वारा अपने घर में प्रार्थना सभा का अयोजन किया गया था। जिसमें हिंदु धर्म के प्रति असभ्य बातें कही गयीं और एक धर्म विशेष को अपनाने के लिये प्रेरित किया जा रहा था।*
दुर्भाग्यपूर्ण है कि हिंदु सहिष्णु और उदार है इसलिये हर कोई इसका नाजायज फायदा उठाता है। अन्य किसी भी धर्म के साथ ऐसा हो तो भयानक हायतौबा मच जाती है।
*कुछ दशक पूर्व मां दुर्गा का अश्लील चित्र बनाने वाले मकबूल फिदा हुसैन को एक खरोच तक नहीं आई।* जबकि वो एक बड़ी और कड़ी सजा का हकदार था।
*लेकिन रणवीरसिंह हों या ओमेगा टोप्पो सबको अब सचेत हो जाना चाहिये कि ऐसा करने से कानूनी शिकंजा कस सकता है जिसकी देर से ही सही सजा अवश्य मिलेगी।*
वैसे सरकार को ऐसे प्रकरणों में सजा और कड़ी करने की आवश्यकता है।
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जवाहर नागदेव, वरिष्ठ पत्रकार, लेखक, चिन्तक, विश्लेषक
मोबा. 9522170700
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