Ro no D15139/23

साइकिल से बदली जिंदगी: बाबू सेमरा के विभूति पटनायक बने स्वच्छता के साथी

जगदलपुर, 24 फरवरी 2026/ सीमित संसाधनों और संघर्षों से भरे जीवन के बीच भी यदि हौसला कायम रहे, तो बदलाव की राह खुद बन जाती है। जगदलपुर जनपद अंतर्गत ग्राम बाबू सेमरा के 59 वर्षीय विभूति पटनायक की कहानी इसी बदलाव की सशक्त मिसाल है।

विभूति पटनायक का जीवन लंबे समय तक कठिनाइयों से घिरा रहा। परिवार में केवल दो सदस्य, सीमित आय और जिम्मेदारियों का बोझकृइन सबके बीच वे पहले लेबर मिस्त्री का कार्य करते थे। गांव में नियमित काम न मिलने के कारण उन्हें रोजगार की तलाश में बेंगलुरु जाना पड़ा। वहां एक पाउडर प्लांट के कार्यालय में काम मिला, जिससे पारिवारिक स्थिति में कुछ सुधार जरूर हुआ, परंतु दूसरे राज्य में रहकर काम करना आसान नहीं था। बार-बार बीमारी, इलाज और दवाइयों में खर्च होती कमाई, तथा परिवार से दूरीकृये सब चुनौतियां धीरे-धीरे भारी पड़ने लगीं।

इसी दौरान गांव में हुई एक सामान्य-सी बातचीत ने उनके जीवन की दिशा बदल दी। उन्हें बुरुंदवाड़ा सेमरा में स्थापित एमआरएफ  ¼Material Recovery Facility½ प्लांट के बारे में जानकारी मिली। यह प्लांट जिला पंचायत बस्तर के तत्वावधान में  Centre for Environment Education, HDFC Bank और Srishti Waste Management  के सहयोग से संचालित है, जहां प्लास्टिक बोतलें, कांच, कागज और गत्ता जैसे सूखे कचरे को खरीदा जाता है।

नई उम्मीद के साथ विभूति पटनायक ने अपनी साइकिल को ही रोजगार का साधन बना लिया। वे आसपास के गांवों, ढाबों और होटलों से फेंकी हुई प्लास्टिक बोतलें, कांच, कागज और गत्ता एकत्र कर साइकिल के माध्यम से एमआरएफ प्लांट तक पहुंचाने लगे। धीरे-धीरे यह प्रयास उनकी नियमित आय का स्रोत बन गया। आज वे प्रतिदिन 500 से 600 रुपये तक अर्जित कर रहे हैं, जिससे उन्हें अपने गांव में ही सम्मानजनक रोजगार मिल गया है। अब उन्हें दूसरे राज्य में जाने की आवश्यकता नहीं पड़ती।

विभूति पटनायक का यह कार्य केवल आजीविका तक सीमित नहीं है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता से भी गहराई से जुड़ा है। साइकिल से सूखा कचरा संग्रहण एक पर्यावरण अनुकूल पहल हैकृइसमें इंधन की आवश्यकता नहीं होती, प्रदूषण नहीं होता, संकरी गलियों तक आसानी से पहुंचा जा सकता है, कम लागत में बेहतर आय संभव है, गांव की साफ-सफाई बनी रहती है और साइकिल चलाने से स्वास्थ्य भी बेहतर रहता है।

विभूति पटनायक की कहानी यह दर्शाती है कि सही जानकारी, स्थानीय अवसर और दृढ़ संकल्प मिल जाए, तो साधारण साधन भी असाधारण बदलाव का माध्यम बन सकते हैं। आज वे न केवल अपने परिवार के लिए संबल बने हैं, बल्कि गांव में स्वच्छता और पर्यावरण के प्रति जागरूकता के प्रेरक भी बन गए हैं।

  • Related Posts

    चिरायु योजना ने बदली मासूम की दुनिया, अब सुन पा रहा है अपनों की आवाज

    *मुख्यमंत्री बाल संदर्भ योजना और राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम से तीन वर्षीय देविक को मिला नया जीवन*   रायपुर, 19 जून 2026/राज्य सरकार की स्वास्थ्य योजनाएं गंभीर बीमारियों और जन्मजात…

    Read more

    अवैध शराब पर आबकारी विभाग का शिकंजा, महुआ शराब और लाहन जब्त

    रायपुर, 19 जून 2026 (IMNB NEWS AGENCY) राज्य सरकार के निर्देशानुसार प्रदेशभर में अवैध शराब के निर्माण, भंडारण और परिवहन के खिलाफ आबकारी विभाग द्वारा लगातार अभियान चलाया जा रहा…

    Read more

    NATIONAL

    विधान सभा की प्राक्कलन समिति ने लाभाण्डी स्थित अंतर्राश्ट्रीय टेनिस अकादमी का किया स्थल निरीक्षण.

    विधान सभा की प्राक्कलन समिति ने लाभाण्डी स्थित अंतर्राश्ट्रीय टेनिस अकादमी का किया स्थल निरीक्षण.

    हर समस्या का हल युद्ध नहीं, इजराइल को जेडी वेंस ने दिया दो टूक जवाब

    हर समस्या का हल युद्ध नहीं, इजराइल को जेडी वेंस ने दिया दो टूक जवाब

    Video: यह मोदी के कारण नहीं हुआ, देखें पीएम मोदी ने पेरिस में क्या कहा

    Video: यह मोदी के कारण नहीं हुआ, देखें पीएम मोदी ने पेरिस में क्या कहा

    तेज रफ्तार में था अनंत सिंह का काफिला, अचानक लगा ब्रेक, आपस में टकराई 4 गाड़ियां, सबसे आगे थी MLA की कार

    तेज रफ्तार में था अनंत सिंह का काफिला, अचानक लगा ब्रेक, आपस में टकराई 4 गाड़ियां, सबसे आगे थी MLA की कार

    18 जून की टॉप 20 खबरें: ट्रंप का ऐलान- भारत पर हमला हुआ तो अमेरिका देगा जवाब, राज्यसभा चुनाव आज, वनडे सीरीज भी इंडिया के नाम

    18 जून की टॉप 20 खबरें: ट्रंप का ऐलान- भारत पर हमला हुआ तो अमेरिका देगा जवाब, राज्यसभा चुनाव आज, वनडे सीरीज भी इंडिया के नाम

    ईरान-अमेरिका में हुआ 14 पॉइंट समझौता, ट्रंप-पेजेश्कियान ने किए साइन, जानें किन-किन बातों पर बनी सहमति

    ईरान-अमेरिका में हुआ 14 पॉइंट समझौता, ट्रंप-पेजेश्कियान ने किए साइन, जानें किन-किन बातों पर बनी सहमति