
जिले के 6 उद्यमियों का चयन, व्यवसाय विस्तार की आधुनिक तकनीकों के प्रशिक्षण के लिए हुआ था
आज के समय में उद्यमिता केवल व्यवसाय तक सीमित नहीं है, बल्कि यह नवाचार, रोजगार सृजन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का माध्यम बन चुकी है: कलेक्टर श्री मिश्रा
धमतरी, 05 मार्च 2026/- जिले में उद्यमिता को प्रोत्साहन देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि सामने आई है। कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा के मार्गदर्शन एवं प्रयासों से धमतरी जिले के युवा उद्यमियों का चयन राजधानी रायपुर स्थित Indian Institute of Management Raipur द्वारा आयोजित प्रतिष्ठित प्रशिक्षण कार्यक्रम “Advanced MDP for Business Scale-Up for MSMEs” में हुआ था । सब प्रशिक्षण प्राप्त कर वापस आ गए है ।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में धमतरी जिले के छह युवा उद्यमी भाग लेकर उद्योग एवं व्यवसाय के विस्तार, प्रबंधन कौशल, विपणन रणनीति, वित्तीय प्रबंधन तथा आधुनिक व्यावसायिक मॉडल की विस्तृत जानकारी प्राप्त की । यह पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों को सशक्त बनाने, व्यवसाय को स्केलेबल मॉडल में विकसित करने तथा दीर्घकालीन विकास रणनीतियों को समझने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था ।
प्रशिक्षण के लिए चयनित प्रतिभागियों में डॉ. संदीप मेश्राम, श्री गौरव कुमार सिन्हा (कृषि उद्यमी), डॉ. पीयूष प्रधान (कृषि वैज्ञानिक), श्री दुष्यंत किरी (उद्यमी), श्री कुणाल सिन्हा (कृषि शिक्षा) तथा श्री नोमेश कुमार (औषधि उद्यमी) शामिल हैं।
विशेष बात यह है कि इस प्रतिष्ठित कार्यक्रम में चयनित प्रतिभागियों को पूर्णतः निःशुल्क प्रशिक्षण प्रदान किया गया । प्रशिक्षण अवधि के दौरान प्रतिभागियों के लिए रहने, भोजन एवं अध्ययन की समस्त व्यवस्थाएँ संस्थान द्वारा उपलब्ध कराई गयी थी तथा प्रशिक्षण पूर्ण होने पर उन्हें प्रमाण-पत्र भी प्रदान किया गया ।
उल्लेखनीय है कि डॉ. संदीप मेश्राम जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र (DTIC) धमतरी में DRP के रूप में भी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं और जिले में उद्यमिता संवर्धन से जुड़ी गतिविधियों में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। इस प्रशिक्षण से जिले के अन्य युवा उद्यमियों को भी नई प्रेरणा मिलेगी और स्थानीय स्तर पर उद्यमिता को बढ़ावा मिलेगा।
कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने कहा कि आज के समय में उद्यमिता केवल व्यवसाय तक सीमित नहीं है, बल्कि यह नवाचार, रोजगार सृजन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का माध्यम बन चुकी है। उन्होंने कहा कि आईआईएम जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में प्रशिक्षण प्राप्त करना जिले के उद्यमियों के लिए एक बड़ा अवसर है। इससे उन्हें आधुनिक प्रबंधन तकनीकों, बाजार विस्तार की रणनीतियों तथा प्रतिस्पर्धात्मक व्यावसायिक वातावरण को समझने में मदद मिलेगी।
कलेक्टर ने जिले के अन्य उद्यमियों, स्टार्टअप संचालकों, व्यवसायियों तथा जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र से जुड़े हितग्राहियों से भी आग्रह किया कि वे इस प्रकार के राष्ट्रीय स्तर के प्रशिक्षण कार्यक्रमों में सक्रिय रूप से भाग लें। इससे न केवल उनके उद्यम को विस्तार मिलेगा बल्कि जिले में नवाचार, रोजगार सृजन और औद्योगिक विकास को भी नई दिशा मिलेगी।
जिला प्रशासन का विश्वास है कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से धमतरी जिले में उद्यमिता की नई संभावनाएँ विकसित होंगी और युवा आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ेंगे।









