Ro no D15139/23

चैत्र नवरात्रि 2026: घर में दुर्गा सप्तशती का पाठ कराने से पहले जान लें ये जरूरी नियम

Chaitra Navratri 2026: हिन्दू नव वर्ष 2026 का आगमन 19 मार्च से हो रहा है, जिसके साथ ही चैत्र नवरात्रि की शुरुआत होगी. नवरात्रि के इन पावन 9 दिनों में माता दुर्गा के नौ स्वरूपों की आराधना की जाती है. शास्त्रों के अनुसार, नवरात्रि के दौरान घर में दुर्गा सप्तशती का पाठ करना सबसे शक्तिशाली आध्यात्मिक साधनाओं में से एक माना जाता है. कहा जाता है कि इस पाठ में जीवन की हर समस्या का समाधान और हर मनोकामना को पूर्ण करने की शक्ति होती है. लेकिन इसका पूर्ण फल तभी मिलता है, जब इसे सही नियमों और विधि के साथ किया जाए.

पाठ करने की सही विधि: ‘त्रयांग’ नियम

दुर्गा सप्तशती का पाठ सीधे अध्यायों से शुरू नहीं करना चाहिए. शास्त्रों के अनुसार ‘त्रयांग’ विधि का पालन करना आवश्यक है. सबसे पहले कवच, फिर अर्गला, और अंत में कीलक स्तोत्र का पाठ करना चाहिए. इसके बाद ही मुख्य 13 अध्यायों का पाठ शुरू करें. अंत में क्षमा प्रार्थना अवश्य करें, ताकि अनजाने में हुई त्रुटियों का दोष न लगे.

2. आसन और दिशा का चयन

पाठ करते समय आपका मुख पूर्व या उत्तर दिशा की ओर होना चाहिए. बैठने के लिए कुशा का आसन या ऊनी कंबल का प्रयोग करें. जमीन पर सीधे बैठकर पाठ न करें.
दुर्गा सप्तशती की पुस्तक को हाथ में लेकर न पढ़ें. इसे लकड़ी की चौकी पर लाल कपड़ा बिछाकर सम्मानपूर्वक रखें.

3. पाठ की गति और एकाग्रता

पाठ की गति न तो बहुत तेज होनी चाहिए और न ही बहुत धीमी. शब्दों का उच्चारण स्पष्ट होना चाहिए.
पाठ के बीच में किसी से बात न करें. यदि किसी अपरिहार्य कारण से पाठ छोड़ना पड़े, तो दोबारा वहीं से शुरू करने के बजाय उस अध्याय को शुरू से पढ़ें.
यदि आप एक बार में पूरा पाठ नहीं कर सकते, तो चतुर्थ अध्याय पूरा करने के बाद ही विराम लें.

4. सात्विकता और अनुशासन

नवरात्रि के इन नौ दिनों में घर का वातावरण शुद्ध रखें. तामसिक भोजन और व्यसनों से पूरी तरह दूरी बनाएं.
पाठ करने वाले व्यक्ति को ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए और क्रोध या ईर्ष्या जैसे विकारों से बचना चाहिए.

5. दुर्गा सप्तशती पाठ

शास्त्रों के अनुसार, दुर्गा सप्तशती के सभी 13 अध्यायों का एक ही बार में पाठ करना सबसे उत्तम माना जाता है. लेकिन यदि 13 अध्यायों का एक साथ पाठ करना आपके लिए संभव न हो, तो आप इसे 3 भागों (चरित्रों) में बांटकर भी पढ़ सकते हैं:

  • प्रथम भाग (प्रथम चरित्र): इसमें 1 अध्याय आता है.
  • द्वितीय भाग (मध्यम चरित्र): इसमें 2, 3 और 4 अध्याय आते हैं.
  • तृतीय भाग (उत्तम चरित्र): इसमें 5
  • Related Posts

    छत्तीसगढ़ की जड़ी-बूटियों से महकेगा नारी शक्ति का स्वावलंबन

    *औषधि पादप बोर्ड की नई कार्ययोजना से आत्मनिर्भरता की नई इबारत लिख रही हैं ग्रामीण महिलाएं*   धनंजय राठौर संयुक्त संचालक अशोक कुमार चंद्रवंशी सहायक जनसंपर्क अधिकारी   रायपुर, 03…

    Read more

    राक्षस बन जाते हैं-‘सरकारी’ बनते ही, गवर्नमेन्ट सर्वेन्ट यानि जालिम राजा,तू करेगा-तू ही भरेगा वरिष्ठ पत्रकार जवाहर नागदेव की खरी… खरी…

      कई दिलचस्प राजनैतिक परिवर्तन हो रहे हैं पर अन्य किसी विषय पर बात करने की इच्छा ही नहीं हो रही है। मन दुखी है। मन दुखी है सरकारियों के…

    Read more

    NATIONAL

    ऐतिहासिक उपलब्धि: योगेश चौरे बने अखिल भारतीय महासंघ के राष्ट्रीय ‘उप महामंत्री’; छत्तीसगढ़ लघु वेतन संघ का बढ़ा देश भर में मान

    ऐतिहासिक उपलब्धि: योगेश चौरे बने अखिल भारतीय महासंघ के राष्ट्रीय ‘उप महामंत्री’; छत्तीसगढ़ लघु वेतन संघ का बढ़ा देश भर में मान

    राक्षस बन जाते हैं-‘सरकारी’ बनते ही, गवर्नमेन्ट सर्वेन्ट यानि जालिम राजा,तू करेगा-तू ही भरेगा वरिष्ठ पत्रकार जवाहर नागदेव की खरी… खरी…

    राक्षस बन जाते हैं-‘सरकारी’ बनते ही, गवर्नमेन्ट सर्वेन्ट यानि जालिम राजा,तू करेगा-तू ही भरेगा वरिष्ठ पत्रकार जवाहर नागदेव की खरी… खरी…

    कनाडाई खुफिया एजेंसी रिपोर्ट: खालिस्तान सुरक्षा के लिए खतरा घोषित, भारत पर लगाए ये आरोप

    कनाडाई खुफिया एजेंसी रिपोर्ट: खालिस्तान सुरक्षा के लिए खतरा घोषित, भारत पर लगाए ये आरोप

    UAE में पाकिस्तानियों पर गिरी गाज: एतिहाद एयरवेज ने 15 कर्मचारियों को निकाला, 48 घंटे में देश छोड़ने का आदेश

    UAE में पाकिस्तानियों पर गिरी गाज: एतिहाद एयरवेज ने 15 कर्मचारियों को निकाला, 48 घंटे में देश छोड़ने का आदेश

    बंगाल में महामुकाबले के बाद अब 4 मई का इंतजार, ममता बनर्जी लगायेंगी जीत का चौका या खिलेगा कमल?

    बंगाल में महामुकाबले के बाद अब 4 मई का इंतजार, ममता बनर्जी लगायेंगी जीत का चौका या खिलेगा कमल?

    बंगाल के ‘सिंहासन’ पर कौन बैठेगा? ये 7 फैक्टर तय करेंगे चुनाव परिणाम, पढ़ें पूरा विश्लेषण

    बंगाल के ‘सिंहासन’ पर कौन बैठेगा? ये 7 फैक्टर तय करेंगे चुनाव परिणाम, पढ़ें पूरा विश्लेषण