
*- निर्माण कार्य में गुणवत्ता एवं सुरक्षा का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए
*- हितग्राहियों के आवास निर्माण में दिखी प्रगति*
राजनांदगांव 11 अप्रैल 2026। कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने आज राजनांदगांव विकासखंड के ग्राम सिंघोला का भ्रमण कर प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत निर्माणाधीन आवासों की जमीनी स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने हितग्राहियों से सीधे बातचीत कर निर्माण कार्य की प्रगति, गुणवत्ता एवं सुरक्षा मानकों की जानकारी ली। इस दौरान मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सुश्री सुरूचि सिंह भी उपस्थित थी।
कलेक्टर ने हितग्राहियों की समस्याएं सुनते हुए आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया तथा अप्रारंभ आवासों को तत्काल शुरू करने और प्रगतिरत आवासों को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा हितग्राहियों को हरसंभव तकनीकी एवं प्रशासनिक सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा। कलेक्टर ने जल संरक्षण को बढ़ावा देने पर विशेष जोर देते हुए हितग्राहियों को अपने आवासों में सोख्ता गड्ढा एवं रेन वाटर हार्वेस्टिंग संरचनाएं बनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने तकनीकी टीम को निर्माण कार्य में गुणवत्ता एवं सुरक्षा का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए। साथ ही ग्राम पंचायत सचिव एवं रोजगार सहायक को पात्र हितग्राहियों को समय पर संसाधन उपलब्ध कराने के लिए निर्देशित किया।
जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण का क्रियान्वयन प्रभावी ढंग से किया जा रहा है। मैदानी स्तर पर सतत निगरानी के माध्यम से आवासहीन परिवारों को पक्के मकान उपलब्ध कराने की दिशा में प्रगति दर्ज की गई है। वर्ष 2024-26 के लिए निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति हेतु प्रशासन द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। 7 अप्रैल 2026 की स्थिति में जिले में कुल 40 हजार 401 आवास स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 40 हजार 004 हितग्राहियों को प्रथम किस्त का भुगतान किया जा चुका है, जो 99 प्रतिशत से अधिक है। वहीं 34 हजार 497 हितग्राहियों को द्वितीय किस्त प्रदान की जा चुकी है, जो 85 प्रतिशत से अधिक है। पिछले दो वर्षों में 27 हजार 188 आवास पूर्ण कराए जा चुके हैं, जो कुल स्वीकृति का 67 प्रतिशत से अधिक है। यह उपलब्धि जिले में प्रभावी मॉनिटरिंग एवं समन्वित कार्यप्रणाली का परिणाम है। जिला स्तर से लेकर ग्राम स्तर तक नोडल अधिकारियों की नियुक्ति कर निर्माण कार्यों की सतत निगरानी की जा रही है। नोडल अधिकारियों द्वारा हितग्राहियों से नियमित संपर्क कर निर्माण सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। गर्मी के मौसम में जल संकट को ध्यान में रखते हुए छत ढलाई जैसे कार्यों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही आवास निर्माण को जल संरक्षण से जोड़ते हुए सोक पिट निर्माण को प्रोत्साहित किया जा रहा है। जल संरक्षण को बढ़ावा देने हितग्राहियों को निर्माण के पश्चात बची हुई सामग्री का उपयोग सोक पिट निर्माण करने प्रेरित किया जा रहा है।









