
धमतरी 19 अप्रैल 2026 (IMNB NEWS AGENCY) जिले में भूमि विवादों, सीमांकन और बटांकन से जुड़ी बढ़ती समस्याओं को देखते हुए कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने एक अहम और प्रभावी निर्णय लिया है। अब जिला अंतर्गत आने वाले ग्रामों में बिना विधिवत ऑनलाइन नक्शा बटांकन के किसी भी प्रकार का जमीन पंजीयन नहीं किया जाएगा।
कलेक्टर श्री मिश्रा ने बताया कि जिले में ऑनलाइन पंजीयन के बाद स्वतः नामांतरण की प्रक्रिया लागू है, लेकिन कई मामलों में केवल पटवारी के नजरी नक्शा के आधार पर दस्तावेज तैयार किए जा रहे थे। इस कारण भविष्य में जमीन के रकबे और सीमांकन को लेकर गंभीर त्रुटियां सामने आने की आशंका बनी रहती है, जिससे पक्षकारों के बीच विवाद और न्यायालयीन प्रकरण बढ़ते हैं।
इसी स्थिति को सुधारने के लिए यह स्पष्ट निर्देश जारी किया गया है कि परिवर्तित शीट भूमि और बटांकन योग्य खसरों को छोड़कर अन्य किसी भी राजस्व भूमि का पंजीयन अब बिना ऑनलाइन नक्शा बटांकन के नहीं होगा। केवल नजरी नक्शा के आधार पर पंजीयन पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।
कलेक्टर श्री मिश्रा ने कहा कि इस फैसले से जिले में राजस्व अभिलेखों की शुद्धता और पारदर्शिता सुनिश्चित होगी। साथ ही जमीन खरीदने वाले लोगों को पंजीयन के बाद नक्शा बटांकन के लिए बार-बार पटवारी और आरआई कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे, जिससे समय और संसाधनों की बचत होगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस व्यवस्था से भूमि के अवैध विकास और अनियमित बिक्री पर प्रभावी नियंत्रण लगेगा और भविष्य में राजस्व विवादों तथा न्यायालयीन मामलों में कमी आएगी।
यह निर्णय आम नागरिकों के हित में उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जो न केवल प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करेगा, बल्कि लोगों को भूमि संबंधी परेशानियों से भी बड़ी राहत दिलाएगा।








