
20 अप्रैल 2026 | 20 April 2026 – एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में, माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने आज यह सहमति दी कि पार्टी अध्यक्ष श्री अमित ऐश्वर्य जोगी से जुड़े दोनों मामले — 25.3.2026 के आदेश, जिसमें सीबीआई की अपील की अनुमति दी गई, को चुनौती तथा 2.4.2026 के उच्च न्यायालय के दोषसिद्धि निर्णय के विरुद्ध अपील — 23 अप्रैल 2026 को न्यायमूर्ति विक्रम नाथ एवं न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ के समक्ष एक साथ सुने जाएंगे। उल्लेखनीय है कि यही पीठ अपने 6.11.2025 के आदेश में यह निर्देश दे चुकी है कि सीबीआई की अपील की अनुमति पर विचार से पूर्व श्री अमित जोगी को उचित सुनवाई का अवसर दिया जाए। इसी प्रकरण में अन्य सह-अभियुक्तों की अपीलें सर्वोच्च न्यायालय की एक अलग पीठ, जिसकी अध्यक्षता न्यायमूर्ति संजय कुमार कर रहे हैं तथा जिसमें न्यायमूर्ति के. विनोद चंद्रन सम्मिलित हैं, के समक्ष लंबित हैं।
श्री अमित जोगी के समर्पण से छूट, स्थगन तथा दण्डादेश के निलम्बन संबंधी आवेदन आज माननीय न्यायमूर्ति मनमोहन की एकल पीठ के समक्ष सुने गए, जिन्होंने निर्देश दिया कि ये समस्त आवेदन 23 अप्रैल 2026 को अन्य मामलों के साथ एक साथ सुने जाएं।
22 अप्रैल को संविधान पीठ की सुनवाई है, जिसमें श्री अमित जोगी की ओर से उपस्थित होने वाले वरिष्ठ अधिवक्ताओं की उपस्थिति अपेक्षित है, इस कारण मामला 23 अप्रैल को सूचीबद्ध हुआ है — जो समर्पण की निर्धारित तिथि भी है — जिससे यह सुनिश्चित हुआ है कि बिना पूर्ण एवं निष्पक्ष सुनवाई के उनकी व्यक्तिगत स्वतंत्रता प्रभावित न हो। यह भी उल्लेखनीय है कि कैविएटर द्वारा इन कार्यवाहियों में हस्तक्षेप करते हुए सुनवाई स्थगित कराने का आग्रह किया गया। माननीय न्यायालय ने 23 अप्रैल को सुनवाई निर्धारित की। पार्टी को पूर्ण विश्वास है कि न्याय की विजय होगी।









