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सुशासन तिहार का असरः किसान क्रेडिट कार्ड से मिली आर्थिक आजादी, हितग्राही प्रदीप ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का जताया आभार किसानों को अब नहीं काटने पड़ रहे दफ्तरों के चक्कर, गांव में ही मिल रहा योजनाओं का सीधा लाभ

अम्बिकापुर 23 मई 2026/   राज्य शासन द्वारा चलाए जा रहे ’सुशासन तिहार’ के तहत आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में ग्रामीणों के समस्या का समाधान हो रहा हैं। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के निर्देशन में शासन की हितग्राही मूलक योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए प्रशासन आम लोगों तक पहुंच रहा है, जिससे किसानों और ग्रामीणों को बड़ी राहत मिल रही है। इसी क्रम में विकासखंड के ग्राम पंचायत राजपुरी के रहने किसान  प्रदीप कुमार प्रजापति ने किसान क्रेडिट कार्ड  का लाभ मिला है।

खेती की आर्थिक परेशानियों से मिली मुक्ति
किसान प्रदीप कुमार प्रजापति ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए बताया कि पूर्व में खेती-किसानी के दौरान उन्हें खाद, बीज और अन्य कृषि कार्यों के लिए भारी आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ता था। धान बेचने के बाद भी खेती की आगामी जरूरतों को पूरा करना उनके लिए काफी महंगा और चुनौतीपूर्ण होता था। लेकिन, सुशासन तिहार के तहत गांव में लगे समाधान शिविर में उनका ’किसान क्रेडिट कार्ड’ बन जाने से अब उन्हें समय पर आर्थिक सहायता और कृषि संबंधी आवश्यक सुविधाएं सुगमता से मिल जाएंगी।

किसान प्रदीप कुमार ने कहा कि सुशासन तिहार अंतर्गत आयोजित जन समस्या निवारण शिविर मैंने किसान क्रेडिट कार्ड बनवाया है, जिससे मुझे बहुत लाभ मिलेगा। पहले जब मैं धान बेचता था, तो खेती का काम मुझे बहुत महँगा पड़ता था। अब किसान क्रेडिट कार्ड बन जाने से मुझे खाद, बीज और पैसेकृहर चीज की सुविधा आसानी से मिल जाएगी है। इस सुशासन तिहार में हमारे गांव में ही किसान कार्ड बनाया गया है।

समाधान शिविर के लिए मुख्यमंत्री का जताया आभार

शिविर की व्यवस्थाओं और घर पहुंच सेवाओं से उत्साहित किसान श्री प्रजापति ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को धन्यवाद देते हुए कहा कि, हमारे गांव में सुशासन तिहार लगाकर समस्या निवारण की बेहतरीन सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। जिससे गांव में ही हमारी समस्या का समाधान हो रहा है।

गांव-गांव, द्वार-द्वार पहुंच रही सुशासन की सरकार
’सुशासन तिहार’ के माध्यम से शासन की हितग्राही मूलक योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक तरीके से पहुंचाया जा रहा है। गांव-गांव में आयोजित हो रहे जन समस्या निवारण शिविरों के कारण अब ग्रामीणों को अपने कार्यों के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे हैं। गांव में ही समस्या का समाधान हो रहा है।

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