
जशपुरनगर 23 मई 2026/ कृषि विशेषज्ञों ने किसानों के लिए ’7 सूत्रीय सलाह जारी किए हैं।
विशेषज्ञों की मुख्य सलाहः
1. पानी निकासीरू खेत में पानी 6-8 घंटे से ज्यादा न रुके। तुरंत नाली बनाएं। जलभराव से जड़ सड़न व फफूंद रोग बढ़ते हैं। बीमारी पर डंदबव्रमइ, ब्वचचमत व्Ûलबीसवतपकम, ब्ंतइमदकं्रपउ दवा का उपयोग करें।
2. पौधों को सहारारू बांस/रस्सी से स्टेकिंग करें। पौधे व फल जमीन न छुएं, इससे बारिश की छींटों से रोग कम फैलता है।
3. मल्चिंगरू सूखी घास, पुआल या प्लास्टिक मल्च लगाएं। मिट्टी के छींटे पत्तों पर नहीं पड़ेंगे और फल फटना कम होगा।
4. रोगग्रस्त पत्तियां हटाएंरू नीचे की पीली/काली पत्तियां काटकर खेत से बाहर करें। बारिश के तुरंत बाद चतनदपदह न करें, सूखे मौसम में करें।
5. सिंचाईरू लंबे सूखे के बाद अचानक ज्यादा सिंचाई न करें।
6. दवा उपयोगरू कृषि विशेषज्ञों की सलाह से ही अनुशंसित फफूंदनाशक व कीटनाशक का उपयोग करें।
7. फसल बीमाः खरीफ में टमाटर, बैंगन, मिर्च, अदरक, केला, पपीता, अमरूद तथा रबी में टमाटर, बैंगन, फूलगोभी, पत्तागोभी, प्याज व आलू का फसल बीमा अवश्य कराएं। इससे बेमौसम बारिश व प्राकृतिक घटनाओं से नुकसान पर दावा किया जा सकेगा।
विशेषज्ञों ने कहा कि बादल छाए रहने से फसलों को पर्याप्त धूप नहीं मिलने पर रोग फैलने की संभावना बढ़ जाती है। समय पर उचित प्रबंधन से आर्थिक नुकसान से बचा जा सकता है।









