
धमतरी, 23 मई 2026 (IMNB NEWS AGENCY) जिले में किसानों को निर्धारित दर पर गुणवत्तापूर्ण उर्वरक उपलब्ध कराने तथा कालाबाजारी एवं अधिक कीमत पर बिक्री रोकने के उद्देश्य से कृषि विभाग द्वारा सहकारी एवं निजी उर्वरक विक्रय केन्द्रों में औचक निरीक्षण लगातार किया जा रहा है। संचालक कृषि श्री राहुल देव के मार्गदर्शन एवं कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा के निर्देशन में उप संचालक कृषि, उर्वरक, बीज एवं कीटनाशी निरीक्षकों सहित विभागीय अधिकारियों की टीम द्वारा यह कार्रवाई की जा रही है। निरीक्षण के दौरान अनियमितता पाए जाने पर संबंधित विक्रय केन्द्रों को चेतावनी देने के साथ-साथ दण्डात्मक कार्रवाई भी की जा रही है।
कृषि विभाग की टीम ने धमतरी विकासखंड अंतर्गत मेसर्स वीणा ट्रेडर्स पोटियाडीह, काप केयर एण्ड ट्रेडिंग झिरिया, विनय कृषि केन्द्र कुर्मातराई, प्राथमिक कृषि सहकारी समिति कन्डेल, भटगांव, लिमतरा एवं आमदी का निरीक्षण किया। इसी प्रकार विकासखंड कुरूद में रागनी ट्रेडर्स सिलीडीह, सत्यम शिवम कृषक क्लब भखारा, कृष्णा फर्टिलाईजर कुरूद, दुर्गा कृषि केन्द्र मंदरौद, पी.के. ट्रेडर्स भखारा, लक्ष्मी ट्रेडर्स भखारा तथा प्राथमिक कृषि सहकारी समिति मंदरौद एवं कुरूद का निरीक्षण किया गया। विकासखंड मगरलोड में प्राथमिक कृषि सहकारी समिति भेण्डरी एवं मेघा तथा विकासखंड नगरी में पारस कृषि केन्द्र सोनामगर, कर्मा ट्रेडर्स सेमरा, राज कृषि केन्द्र नगरी, प्राथमिक कृषि सहकारी समिति सेमरा, सिहावा एवं कुकरेल का भी औचक निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान कई विक्रय केन्द्रों में अव्यवस्था एवं अनियमितता पाए जाने पर कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। मेसर्स काप केयर एण्ड ट्रेडिंग झिरिया, पारस कृषि केन्द्र सोनामगर, कर्मा ट्रेडर्स सेमरा, कृष्णा फर्टिलाईजर कुरूद तथा राज कृषि केन्द्र नगरी से जवाब तलब किया गया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि संतोषजनक जवाब प्राप्त नहीं होने पर संबंधित केन्द्रों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
वहीं मेसर्स लक्ष्मी ट्रेडर्स भखारा द्वारा निर्धारित मात्रा से अधिक उर्वरक विक्रय करने तथा भूमिहीन व्यक्ति को उर्वरक बेचने की अनियमितता पाए जाने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए उसका लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
कृषि विभाग ने बताया कि जिले में किसानों को सुगमतापूर्वक एवं निर्धारित दर पर उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए सभी कृषि आदान विक्रय केन्द्रों की लगातार निगरानी एवं औचक निरीक्षण जारी रहेगा। विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे डीएपी उर्वरक के स्थान पर अन्य वैकल्पिक उर्वरकों का उपयोग विभाग द्वारा प्रदर्शित चार्ट के अनुसार करें। साथ ही उर्वरक की खरीदी सहकारी संस्थाओं एवं निजी दुकानों से शासन द्वारा निर्धारित कीमत पर ही करें तथा खरीदी का बिल अवश्य प्राप्त करें।
उर्वरकों की गुणवत्ता, कालाबाजारी अथवा अधिक कीमत पर बिक्री संबंधी किसी भी शिकायत की जानकारी किसान अपने नजदीकी कृषि विभाग कार्यालय में तत्काल दे सकते हैं।









