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शासकीय योजनाओं का लाभ हर पात्र परिवार तक पहुंचे, प्रशासन संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ करे कार्य : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

*सुकमा में तीन जिलों की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक: विकास कार्यों, कानून-व्यवस्था, स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि और जनकल्याणकारी योजनाओं की हुई व्यापक समीक्षा*

 

*मुख्यमंत्री का निर्देश : बस्तर के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे शासन का वास्तविक लाभ, शिकायतों का समयबद्ध समाधान हो सुनिश्चित*

 

रायपुर 1 जून 2026/शासन-प्रशासन की वास्तविक सफलता तभी है, जब उसका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और आम नागरिक को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए भटकना न पड़े। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सुकमा जिला कलेक्टोरेट के सभाकक्ष में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में सुकमा, दंतेवाड़ा और बीजापुर जिलों के कलेक्टरों, पुलिस अधीक्षकों तथा वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के साथ विकास योजनाओं, कानून-व्यवस्था, राजस्व मामलों, स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, आधारभूत अधोसंरचना और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा करते हुए यह बात कही।

 

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बस्तर संभाग के दूरस्थ एवं संवेदनशील क्षेत्रों सहित प्रत्येक गांव और प्रत्येक पात्र परिवार तक शासकीय योजनाओं का लाभ शत-प्रतिशत पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए। राज्य सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनके माध्यम से लोगों के जीवन में वास्तविक परिवर्तन लाना है।

 

बैठक में वन मंत्री श्री केदार कश्यप, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव श्री रजत बंसल, बस्तर कमिश्नर श्री डोमन सिंह, सीसीएफ श्री आलोक कुमार तिवारी सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे, जबकि अन्य अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।

 

*बस्तर मुन्ने और मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान मिशन मोड में संचालित करने के निर्देश*

 

मुख्यमंत्री श्री साय ने बस्तर मुन्ने अभियान तथा मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाओं की नियमित और प्रभावी पहुंच सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि शिविर आधारित सेवाओं के माध्यम से आम नागरिकों की समस्याओं का अधिकतम निराकरण किया जाए तथा आवश्यकता पड़ने पर दो से तीन दिन तक लगातार शिविर आयोजित कर समाधान सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण उपचार और भरोसेमंद सेवाओं का वास्तविक अनुभव होना चाहिए।

 

*लंबित राजस्व प्रकरणों के लिए विशेष अभियान, पुनर्वासित परिवारों को प्राथमिकता*

 

मुख्यमंत्री श्री साय ने राजस्व विभाग के कार्यों को विशेष प्राथमिकता देने के निर्देश देते हुए कहा कि नामांतरण, सीमांकन, बंटवारा और अभिलेख सुधार जैसे प्रकरण सीधे नागरिकों के अधिकारों और जीवन से जुड़े होते हैं, इसलिए इनमें किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने समय-सीमा से बाहर तथा एक वर्ष से अधिक समय से लंबित मामलों के त्वरित निराकरण के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। बैठक में स्वामित्व योजना, वन अधिकार पट्टा वितरण, पुनर्वासित परिवारों को शासकीय योजनाओं का लाभ, तथा अन्य राज्यों में रह रहे बस्तर मूल के परिवारों के पुनर्स्थापन पर भी विस्तार से चर्चा हुई।

 

*महिला स्व-सहायता समूहों को मिलेगा “बस्तर ब्रांड” से नया बाजार*

 

मुख्यमंत्री ने महिला स्व-सहायता समूहों को वनोपज आधारित गतिविधियों के साथ झींगा पालन, बकरी पालन, मधुमक्खी पालन जैसे कृषि आधारित उद्यमों से जोड़ने पर विशेष बल दिया। उन्होंने शबरी नदी क्षेत्र के तालाबों को विकसित कर झींगा पालन की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए तथा महिला समूहों के उत्पादों को “बस्तर ब्रांड” के रूप में विकसित कर बाजार से जोड़ने की बात कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला समूह केवल आर्थिक इकाइयां नहीं, बल्कि ग्रामीण आत्मनिर्भरता और सामाजिक परिवर्तन की सशक्त धुरी बन सकती हैं।

 

*पर्यटन, कृषि और आदिवासी उद्यमिता को नई गति*

 

बैठक में सुकमा, दंतेवाड़ा और बीजापुर में वॉटर स्पोर्ट्स, एडवेंचर स्पोर्ट्स, जंगल सफारी जैसी गतिविधियों को बढ़ावा देकर पर्यटन विकास की संभावनाओं पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने पर्यटन स्थलों को स्थानीय रोजगार और आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने पर बल दिया। उन्होंने आदिवासी समुदाय को धान प्रसंस्करण एवं मिलिंग गतिविधियों से जोड़कर स्थानीय उद्यमिता को प्रोत्साहन देने के निर्देश दिए।

 

खरीफ सीजन की तैयारियों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने किसानों को समय पर खाद और बीज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। डीएपी उर्वरक की सीमित उपलब्धता को देखते हुए एसएसपी, यूरिया, नैनो यूरिया और नैनो डीएपी जैसे वैकल्पिक उर्वरकों के उपयोग के प्रति किसानों को जागरूक करने पर विशेष बल दिया।

 

*मुख्यमंत्री हेल्पलाइन बनेगी जवाबदेह प्रशासन का सशक्त माध्यम*

 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार मुख्यमंत्री हेल्पलाइन को एक मजबूत, प्रभावी और भरोसेमंद मंच के रूप में विकसित कर रही है, जिससे आम नागरिक आसानी से शिकायत दर्ज करा सकेंगे। हेल्पलाइन के माध्यम से प्राप्त शिकायतों की उच्च स्तर पर निगरानी होगी, जिससे अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित होगी और शिकायतों का समयबद्ध समाधान संभव होगा। उन्होंने कहा कि सुशासन की असली पहचान संवेदनशील, जवाबदेह और परिणामोन्मुख प्रशासन है।

 

उन्होंने डीजल और पेट्रोल के विवेकपूर्ण उपयोग की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि राज्य में ईंधन की कोई कमी नहीं है और अफवाह फैलाने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।

 

*शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क सुरक्षा और नए आपराधिक कानूनों पर विशेष जोर*

 

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना, आयुष्मान भारत, जल जीवन मिशन, बिहान योजना, तेंदूपत्ता संग्रहण, महतारी वंदन योजना, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, स्वास्थ्य सेवाओं और ई-ऑफिस संचालन की समीक्षा की। आयुष्मान भारत योजना की समीक्षा के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल कार्ड बनाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि पात्र नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण उपचार का वास्तविक लाभ मिलना चाहिए।

 

शिक्षा व्यवस्था की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने शिक्षकों की कमी वाले विषयों में एआई आधारित तकनीकों के उपयोग पर बल दिया तथा बीजापुर जिले की “शिक्षा मितान” पहल की सराहना की। उन्होंने स्कूलों में सीखने के स्तर को बेहतर बनाने, नवाचार आधारित शिक्षा पद्धतियों को बढ़ावा देने और नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

 

मुख्यमंत्री ने सड़क सुरक्षा, पुलिस व्यवस्था तथा देश में लागू नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को प्रशिक्षण, व्यापक जनजागरूकता और कानूनों के प्रभावी प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए। साथ ही नशा मुक्ति अभियान को और अधिक प्रभावी रूप से संचालित करने पर बल दिया।

 

बैठक के अंत में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सभी विभागों से बेहतर समन्वय, स्पष्ट लक्ष्य निर्धारण और जवाबदेह कार्यसंस्कृति के साथ कार्य करने का आह्वान करते हुए कहा कि अधिकारियों के समर्पित एवं समन्वित प्रयासों से छत्तीसगढ़ को देश के अग्रणी और विकसित राज्यों की श्रेणी में स्थापित किया जा सकता है।

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