
रायपुर 08 जून 2026 (IMNB NEWS AGENCY) खैरागढ़ जिले के किसान अब आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाकर कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। परंपरागत खेती की जगह नई तकनीकों और उन्नत कृषि उत्पादों का उपयोग किसानों की आय बढ़ाने में सहायक सिद्ध हो रहा है। इसी कड़ी में ग्राम टिकरीपारा (गंडई) के प्रगतिशील किसान श्री जनक देवांगन ने नैनो यूरिया एवं नैनो डीएपी का उपयोग कर अपनी खेती में सकारात्मक बदलाव लाया है।
श्री जनक देवांगन ने बताया कि वे पिछले एक वर्ष से अपनी लगभग 5 एकड़ कृषि भूमि में नैनो यूरिया और नैनो डीएपी का उपयोग कर रहे हैं। इसके परिणामस्वरूप उन्हें बेहतर उत्पादन प्राप्त होने के साथ-साथ कृषि लागत में भी उल्लेखनीय कमी आई है। उन्होंने बताया कि पहले वे पारंपरिक खेती के तहत रासायनिक उर्वरकों का अधिक मात्रा में उपयोग करते थे, जिससे समय के साथ उत्पादन में कमी आने लगी और खेती की लागत लगातार बढ़ती गई।
उन्होंने कहा कि कृषि विभाग के मार्गदर्शन में नैनो यूरिया और नैनो डीएपी के उपयोग की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने इसे अपनी फसलों में अपनाया। इसके उपयोग से रासायनिक उर्वरकों पर होने वाला खर्च कम हुआ और फसलों की वृद्धि तथा उत्पादन में भी सुधार देखने को मिला। श्री देवांगन के अनुसार नैनो यूरिया फसलों को आवश्यक पोषक तत्व सीधे उपलब्ध कराता है, जिससे पौधों का विकास बेहतर होता है और उपज की गुणवत्ता भी बढ़ती है।
श्री देवांगन ने बताया कि नैनो यूरिया एवं नैनो डीएपी का छिड़काव करना बेहद आसान है। इसकी छोटी बोतलें खेत तक ले जाने और उपयोग करने में सुविधाजनक होती हैं। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष से वे अपनी विभिन्न फसलों में इसका नियमित उपयोग कर रहे हैं और लगातार अच्छे परिणाम प्राप्त कर रहे हैं।
उन्होंने जिले के अन्य किसानों से भी अपील की है कि वे नैनो यूरिया और नैनो डीएपी जैसी आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाएं, जिससे कृषि लागत में कमी लाकर अधिक उत्पादन एवं बेहतर आय प्राप्त की जा सके। किसान जनक देवांगन की यह सफलता जिले के अन्य किसानों के लिए प्रेरणास्रोत बन रही है और आधुनिक कृषि की दिशा में एक सकारात्मक उदाहरण प्रस्तुत कर रही है।









