
युवा के संडे स्पेशल क्लास में ‘कम्युनिकेशन : द आर्ट ऑफ विनिंग माइंड्स’ विषय पर हुआ प्रेरक व्याख्यान
रायपुर। शहर की अग्रणी शैक्षणिक एवं सामाजिक संस्था युवा द्वारा आयोजित संडे स्पेशल क्लास में आज सॉफ्ट स्किल ट्रेनर श्रद्धा बख्तियार ने “Communication: The Art of Winning Minds” विषय पर विद्यार्थियों को संबोधित किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों एवं युवाओं ने भाग लिया तथा प्रभावी संवाद कला के विभिन्न आयामों को समझा।
अपने संबोधन में श्रद्धा बख्तियार ने कहा कि जीवन में सफलता केवल ज्ञान या डिग्री से नहीं मिलती, बल्कि अपनी बात को स्पष्ट, प्रभावशाली और सकारात्मक ढंग से प्रस्तुत करने की क्षमता भी उतनी ही महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि अंग्रेजी बोलना सफलता की शर्त नहीं है, बल्कि आत्मविश्वास के साथ संवाद करना आवश्यक है। व्यक्ति जिस भाषा में सहज हो, उसी भाषा में प्रभावी ढंग से अपनी बात रख सकता है।
उन्होंने बताया कि किसी भी भाषा को सीखने का सबसे सरल तरीका है अधिक सुनना और अधिक बोलना। भाषा केवल पुस्तकों से नहीं, बल्कि निरंतर अभ्यास और संवाद से सीखी जाती है। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रतिदिन कुछ समय अपने विचारों को रिकॉर्ड कर सुनने की सलाह दी, जिससे वे अपनी कमियों को पहचानकर उनमें सुधार कर सकें।
व्याख्यान के दौरान उन्होंने संवाद में विनम्रता के महत्व पर विशेष बल देते हुए कहा कि “प्लीज”, “सॉरी” और “थैंक यू” जैसे छोटे-छोटे शब्द रिश्तों को मजबूत बनाने की अद्भुत शक्ति रखते हैं। यदि इनका प्रयोग अहंकार और क्रोध से मुक्त होकर किया जाए तो ये लोगों के दिल जीत सकते हैं।
श्रद्धा बख्तियार ने कहा कि शब्दों का चयन व्यक्ति के व्यक्तित्व का परिचय देता है। सही समय पर सही शब्दों का प्रयोग संवाद को प्रभावशाली बनाता है, जबकि नकारात्मक शब्द और नकारात्मक सोच संबंधों को कमजोर कर सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को सदैव सकारात्मक भाषा और सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने की प्रेरणा दी।
उन्होंने यह भी कहा कि अच्छा संवाद केवल बोलने की कला नहीं, बल्कि सुनने की क्षमता भी है। जो व्यक्ति दूसरों को ध्यान से सुनता है, वही उनकी भावनाओं और विचारों को बेहतर ढंग से समझ पाता है। इसलिए सुनना, समझना और फिर उचित प्रतिक्रिया देना प्रभावी संचार की पहचान है।
सत्र में उन्होंने आत्मविश्वास, साहस, कृतज्ञता और दूसरों की सराहना करने की आदत को सफल संवाद की आधारशिला बताया। उन्होंने कहा कि लोगों की अच्छाइयों की प्रशंसा करने से न केवल संबंध मजबूत होते हैं, बल्कि सकारात्मक वातावरण का निर्माण भी होता है।
कार्यक्रम के दौरान अनेक व्यवहारिक उदाहरणों के माध्यम से विद्यार्थियों को बताया गया कि प्रभावी संवाद कौशल व्यक्ति के जीवन को नई दिशा दे सकता है। उन्होंने कहा कि संवाद की शक्ति ऐसी है जो व्यक्ति के जीवन को संवार भी सकती है और गलत उपयोग होने पर समस्याएं भी उत्पन्न कर सकती है। इसलिए संवाद करते समय शब्दों, भावनाओं और व्यवहार में संतुलन बनाए रखना आवश्यक है।
कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों ने विषय विशेषज्ञ से संवाद कर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया। युवा परिवार ने श्रद्धा बख्तियार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के प्रेरक सत्र युवाओं के व्यक्तित्व विकास एवं नेतृत्व क्षमता के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।









