
बैठक में मुख्य रूप से जनकल्याणकारी और तकनीकी विषयों पर विस्तृत दिशा-निर्देश दिए गए, जिसके तहत सड़क दुर्घटना के मरीजों को आपातकालीन स्थिति में त्वरित और सुचारू इलाज उपलब्ध कराने के संबंध में पीएम राहत योजना के तहत आवश्यक निर्देश जारी किए गए। इसके साथ ही, डिजिटल हेल्थ इकोसिस्टम को मजबूत करने के उद्देश्य से आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के अंतर्गत नेक्स्ट जेन, आभा आईडी निर्माण, हेल्थ फैसिलिटी रजिस्ट्री और हेल्थ प्रोफेशनल रजिस्ट्री की अद्यतन स्थिति की समीक्षा करते हुए इस कार्य में गति लाने के निर्देश दिए गए। आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत शत-प्रतिशत आयुष्मान कार्ड बनाने, क्लेम और कार्ड ब्लॉकिंग की प्रक्रिया तथा मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी उपस्थित प्रभारियों को गहन तकनीकी मार्गदर्शन दिया गया।
इस कार्यशाला में अन्य राष्ट्रीय व राज्य स्तरीय स्वास्थ्य अभियानों की भी समीक्षा की गई। जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. सी. मैत्री ने आगामी राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के संबंध में विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की, जबकि मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजय बसाक ने 14वें छत्तीसगढ़ मलेरिया मुक्त अभियान के सफल संचालन को लेकर विस्तारपूर्वक जानकारी साझा की। इसी क्रम में जिला इंटीग्रेटेड डिजीज सर्विलांस प्रोग्राम एवं कुष्ठ रोग अधिकारी डॉ. विरेन्द्र ठाकुर ने सघन चर्म रोग खोज अभियान एवं प्रारंभिक निदान और शीघ्र उपचार के तकनीकी पहलुओं पर विस्तृत चर्चा की। विभागीय समन्वय को मजबूत करने के लिए आयोजित इस बैठक में आयुष्मान भारत के जिला नोडल अधिकारी सहित जिला सलाहकार कमल किशोर खेवार, पीएम राहत योजना प्रतिनिधि गौरव तथा एबीडीएम योजना प्रतिनिधि कुमारी चेतना एवं पुष्पा अंकित राय विशेष रूप से उपस्थित रहे। बैठक के अंत में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजय बसाक ने सभी संस्था प्रमुखों और ऑपरेटरों को निर्देशित किया कि वे आपसी समन्वय से कार्य करें, ताकि इन सभी स्वास्थ्य योजनाओं का वास्तविक लाभ जमीनी स्तर पर हर पात्र हितग्राही तक अनिवार्य रूप से पहुंच सके।









