Ro no D15139/23

निर्जला एकादशी व्रत के 5 नियम, तभी मिलेगा व्रत का पूर्ण फल

Nirjala Ekadashi 2026: ज्येष्ठ माह की निर्जला एकादशी हिंदू धर्म में सबसे कठिन और फलदायी व्रतों में गिनी जाती है. इस वर्ष 2026 में यह व्रत 25 जून को रखा जा रहा है. धार्मिक मान्यता है कि जो साधक श्रद्धा और नियमपूर्वक निर्जला एकादशी का व्रत करता है, उसे वर्ष भर की 24 एकादशियों के बराबर पुण्य फल प्राप्त होता है. यही कारण है कि इस व्रत को अत्यंत विशेष माना जाता है. खासतौर पर जो लोग पहली बार यह व्रत रखने जा रहे हैं, उन्हें इसके नियमों की सही जानकारी होना बहुत जरूरी है, क्योंकि नियमों में चूक होने पर व्रत का पूर्ण फल नहीं मिल पाता.

अन्न और जल का पूर्ण त्याग है सबसे बड़ा नियम

निर्जला एकादशी का सबसे महत्वपूर्ण नियम है अन्न और जल दोनों का त्याग. एकादशी तिथि शुरू होने के बाद व्रती को कुछ भी ग्रहण नहीं करना चाहिए. यही कारण है कि इसे सबसे कठिन एकादशी माना जाता है. यदि स्वास्थ्य अनुमति दे, तभी यह व्रत पूरी श्रद्धा से करना चाहिए.

द्वादशी पर ही करें सात्विक भोजन

का पारण अगले दिन द्वादशी तिथि में किया जाता है. पारण के समय केवल सात्विक भोजन ही ग्रहण करना चाहिए. इस दिन लहसुन, प्याज, मसूर दाल, मांस और मदिरा जैसी तामसिक चीजों से पूरी तरह दूर रहना चाहिए.

ब्रह्मचर्य और मन-वचन की पवित्रता रखें

व्रत केवल भोजन का त्याग नहीं, बल्कि आचरण की शुद्धता का भी पर्व है. निर्जला एकादशी के दिन ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए. साथ ही किसी से विवाद, कटु वचन, बुरे विचार और क्रोध से भी बचना चाहिए. माना जाता है कि इससे व्रत का पुण्य क्षीण हो सकता है.

सही मुहूर्त में पारण और दान करें

व्रत का पूर्ण फल तभी मिलता है जब द्वादशी के शुभ मुहूर्त में पारण किया जाए. इसके साथ अन्न, जल, वस्त्र या धन का दान करना भी शुभ माना गया है. दान-पुण्य से भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है.

भगवान विष्णु-लक्ष्मी की पूजा जरूर करें

एकादशी के दिन प्रातः स्नान के बाद भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की विधिपूर्वक पूजा करें. व्रत कथा पढ़ें, मंत्र जाप करें और भक्ति भाव बनाए रखें. मान्यता है कि इससे पापों से मुक्ति और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है.

  • Related Posts

    वरलक्ष्मी व्रत में क्या करें और क्या नहीं? मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए ध्यान रखें ये बातें

    Varalakshmi Vrat 2026 does and don’ts: वरलक्ष्मी व्रत मां लक्ष्मी की कृपा, सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना से रखा जाता है. दक्षिण भारत सहित देश के कई हिस्सों…

    Read more

    कहां ले जाती है अहम् की लड़ाई… केवल बर्बादी, क्यों विफल हुई थी निगम की रेतघाटांे पर कंट्रेल की घोषणा, वरिष्ठ पत्रकार जवाहर नागदेव की खरी.. खरी…

      क्या मिला दोनों को… ? एक परिवार को मौत दूसरे को जेल…. आजीवन कारावास न्याय हुआ तो। फिर कहां गयी रेत… कहां गया धन…. कहां गया रूतबा…। बचा क्या…

    Read more

    NATIONAL

    नेपाल से आ रहा पानी बिहार में कितना मचा सकता है कहर? 3 पॉइंट में समझें गंडक पर कितना पड़ेगा असर

    नेपाल से आ रहा पानी बिहार में कितना मचा सकता है कहर? 3 पॉइंट में समझें गंडक पर कितना पड़ेगा असर

    शिवतीर्थ पहुंचकर शिवसेना छत्तीसगढ़ के प्रदेश महासचिव चंद्रमौली मिश्र ने बालासाहेब ठाकरे को दी श्रद्धांजलि, गांव-गांव शिवसेना का झंडा फहराने का लिया संकल्प

    शिवतीर्थ पहुंचकर शिवसेना छत्तीसगढ़ के प्रदेश महासचिव चंद्रमौली मिश्र ने बालासाहेब ठाकरे को दी श्रद्धांजलि, गांव-गांव शिवसेना का झंडा फहराने का लिया संकल्प

    ईरान से तेल कारोबार पर अमेरिका का एक्शन, 4 भारतीय कंपनियों और 3 नागरिकों पर प्रतिबंध

    ईरान से तेल कारोबार पर अमेरिका का एक्शन, 4 भारतीय कंपनियों और 3 नागरिकों पर प्रतिबंध

    कहां ले जाती है अहम् की लड़ाई… केवल बर्बादी, क्यों विफल हुई थी निगम की रेतघाटांे पर कंट्रेल की घोषणा, वरिष्ठ पत्रकार जवाहर नागदेव की खरी.. खरी…

    कहां ले जाती है अहम् की लड़ाई… केवल बर्बादी, क्यों विफल हुई थी निगम की रेतघाटांे पर कंट्रेल की घोषणा, वरिष्ठ पत्रकार जवाहर नागदेव की खरी.. खरी…

    ड्यूटी-फ्री चीनी इम्पोर्ट के बदले नियम, अब रिफाइंड चीनी बेचने के लिए मिलेगा 2 महीने का समय

    ड्यूटी-फ्री चीनी इम्पोर्ट के बदले नियम, अब रिफाइंड चीनी बेचने के लिए मिलेगा 2 महीने का समय

    भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष  नितिन नवीन ने ली नवनियुक्त सोशल मीडिया टीम की बैठक

    भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष  नितिन नवीन ने ली नवनियुक्त सोशल मीडिया टीम की बैठक