
Jagannathpur Temple: रांची के ऐतिहासिक जगन्नाथपुर मंदिर का स्वरूप आने वाले समय में और अधिक भव्य व आकर्षक नजर आएगा. मंदिर परिसर को पर्यटन और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिहाज से विकसित किया जा रहा है. सबसे खास बात यह है कि मंदिर का मुख्य प्रवेश द्वार यानी सिंहद्वार अब पुरी जगन्नाथ मंदिर की तर्ज पर बनाया जा रहा है. इस निर्माण कार्य के पूरा होने के बाद जगन्नाथपुर मंदिर में भी पुरी जैसी उत्कल शैली की झलक दिखाई देगी.
पुरी मंदिर की तर्ज पर तैयार हो रहा सिंहद्वार
मंदिर परिसर में चल रहे निर्माण कार्यों में सिंहद्वार सबसे प्रमुख है. यह मुख्य द्वार पूरी तरह उत्कल शैली में तैयार किया जा रहा है. मंदिर प्रबंधन के अनुसार, इस द्वार की संरचना और कलात्मक नक्काशी पुरी जगन्नाथ मंदिर से प्रेरित होगी. अभी इसका निर्माण अंतिम चरण में है और जल्द ही श्रद्धालुओं को इसकी भव्यता देखने को मिलेगी.
पुरी के कलाकार कर रहे हैं नक्काशी का काम
जगन्नाथपुर मंदिर के उपाध्यक्ष सुधांशु नाथ शाहदेव के अनुसार, इस द्वार के निर्माण और नक्काशी का काम पुरी के कलाकारों की देखरेख में कराया जा रहा है. उत्कल शैली की पहचान मानी जाने वाली बारीक कलात्मक नक्काशी इस सिंहद्वार को विशेष आकर्षण देगी. मंदिर के पूर्व दिशा में बन रहे इस द्वार पर पुरी मंदिर जैसी कलात्मक छाप दिखाई देगी, जो पर्यटकों और श्रद्धालुओं दोनों को आकर्षित करेगी.
श्रद्धालुओं के लिए भोग व्यवस्था भी होगी बेहतर
मंदिर प्रशासन केवल सौंदर्यीकरण पर ही नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं की सुविधाओं पर भी काम कर रहा है. अभी दोपहर में मंदिर में सशुल्क भोग का वितरण होता है, लेकिन आम श्रद्धालुओं के लिए इसकी व्यवस्था सीमित है. आने वाले दिनों में मंदिर में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए भोग वितरण व्यवस्था का विस्तार किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक भक्त इसका लाभ उठा सकें.









