
जिले के हर किसान को अच्छे और किफायती दामों में खेती किसानी करने के लिए खाद उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे किसानों को काफी सहूलियत मिल रही है। जिले समेत अन्य ग्राम पंचायतों और ब्लॉकों में खाद वितरण का काम सुचारू रूप से की जा है।
प्रतिदिन किसान अपनी स्थानीय सोसायटी से खाद, यूरिया तथा अन्य खेती के लिए लगने वाली सामग्री कम कीमतों में ले जा रहे हैं।
किसानों का कहना है कि पहले हमें सभी सामग्री के लिए हर दुकानों में जाना पड़ता था, जहां हमें महंगे दामों में सामान मिलता था। इस बार काफी सहूलियत मिल रही है। अब किसानी के लिए न ही ब्याज में पैसे लेने पड़ते हैं और न ही किसी भी प्रकार का लोन लेना पड़ता है, जिससे हमारी आर्थिक स्थिति में काफी सुधार आया है।
छत्तीसगढ़ शासन हमारी सहायता हर प्रकार से कर रही है जिससे किसानों को फायदा हो रहा है।
खाद लेने पहुंची महिला किसान मंजुला भगत ने हमें बताया कि वह पहले यूरिया तथा खाद के लिए दर-दर भटकती थीं। तब भी उन्हें कहीं सस्ते दामों में सारी सामग्री नहीं मिल पाती थी। छत्तीसगढ़ सरकार की इस पहल से हमें किसानी करने में काफी मदद मिल रही है, जिससे घर की स्थिति में भी काफी सुधार आया है।
उन्होंने यह भी बताया कि पहले सामान जुटाने के लिए हमें ब्याज में पैसे उठाने पड़ते थे, जिसके कारण हमारे सिर पर हमेशा कर्ज का डर बना रहता था। सरकार की इस योजना ने हमारा काम बहुत आसान कर दिया है। महिला किसान मंजुला भगत ने मुख्यमंत्री का धन्यवाद देते हुए कहा कि ष्विष्णु राज में किसान सच में खुशहाल हैं।ष्
दुकानों से कम कीमत में मिल रहा है सामान
किसानों ने बताया कि जो खाद-बीज उन्हें बाहर लेने में महंगे दामों में मिलता था, अब सरकार की इस परियोजना के तहत उन्हें कम दामों में मिल रहा है। शासन द्वारा उन्हें केवल प्रति बोरी यूरिया का मूल्य 266.50 रुपये, डीएपी 1350 रुपये, सुपर फास्फेट पाउडर 551 रुपये, सुपर फास्फेट दानेदार 591 रुपये, जिंकेटेड सुपर फास्फेट 576 रुपये, टीएसपी 1300 रुपये, एनपीके 1850 रुपये, एनपीके 1990 रुपये तथा पोटाश 1975 रुपये में मिल रही है।









