
रायपुर, 16 जुलाई। छत्तीसगढ़ डायोसिस बोर्ड ऑफ एजुकेशन (CDBE) ने रजिस्ट्रार, फर्म्स एवं संस्थाएँ, छत्तीसगढ़ द्वारा जारी नवीन आदेश का स्वागत करते हुए कहा है कि इस आदेश ने प्रशासक की देखरेख में संपन्न निर्वाचन प्रक्रिया एवं नव-निर्वाचित कार्यकारिणी को विधिसम्मत रूप से अभिलेखों में दर्ज कर संस्था की वैधानिक स्थिति को पुनः स्पष्ट कर दिया है।
रजिस्ट्रार द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट उल्लेख किया गया है कि छत्तीसगढ़ शासन के निर्देशानुसार जिला प्रशासन द्वारा नियुक्त प्रशासक की निगरानी में 27 मार्च 2026 को निष्पक्ष एवं विधिसम्मत चुनाव संपन्न कराया गया। निर्वाचन उपरांत प्रस्तुत प्रतिवेदन एवं अभिलेखों के परीक्षण के बाद नव-निर्वाचित कार्यकारिणी को अभिलेखों में दर्ज किया गया है।
शासन द्वारा कराए गए चुनाव में निर्वाचित वैध पदाधिकारी
अध्यक्ष – बिशप सुषमा कुमार
उपाध्यक्ष – नितिन लॉरेंस
सचिव – जयरदीप रॉबिनसन
कोषाध्यक्ष – प्रवीण मसीह
सदस्य – अमित दास
सदस्य – तनुजा पॉल
सदस्य – सुशील मसीह
यह कार्यकारिणी 27 मार्च 2026 से 26 मार्च 2029 तक के कार्यकाल के लिए प्रशासक द्वारा संपन्न चुनाव के माध्यम से गठित की गई है, जिसे रजिस्ट्रार ने अपने आदेश में अभिलेखबद्ध किया है। यह व्यवस्था माननीय उच्च न्यायालय, बिलासपुर में लंबित प्रकरण के अंतिम निर्णय के अधीन रहेगी।
सीडीबीई ने कहा कि पिछले कई महीनों से संस्था, उसके वैध पदाधिकारियों तथा अधीनस्थ विद्यालयों को बदनाम करने के प्रयास हुए ।
संस्था का कहना है कि शशि वाघे, अतुल अर्थर एवं उनके सहयोगियों द्वारा लगातार झूठे दस्तावेजों, भ्रामक बयानों और असत्य तथ्यों के आधार पर संस्था की छवि धूमिल करने का प्रयास किया गया। अब रजिस्ट्रार के विस्तृत आदेश ने स्पष्ट कर दिया है कि शासन द्वारा नियुक्त प्रशासक के माध्यम से चुनाव सम्पन्न हुआ तथा वैध कार्यकारिणी का गठन विधि के अनुसार किया गया।
सीडीबीई ने कहा कि संस्था का उद्देश्य केवल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थाओं की गरिमा तथा विद्यार्थियों के भविष्य की रक्षा करना है। किसी भी प्रकार का झूठा प्रचार या दुष्प्रचार समाज और विद्यार्थियों के हितों के विपरीत है।
संस्था ने सभी अभिभावकों, शिक्षकों, कर्मचारियों एवं समाज के लोगों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाह, झूठे दस्तावेज अथवा भ्रामक बयानबाजी पर विश्वास न करें तथा केवल सक्षम न्यायालयों एवं वैधानिक प्राधिकारियों द्वारा जारी आदेशों पर ही भरोसा करें।
सीडीबीई ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि भविष्य में कोई व्यक्ति या समूह झूठे दस्तावेज, मिथ्या आरोप अथवा दुष्प्रचार के माध्यम से संस्था की प्रतिष्ठा को क्षति पहुँचाने का प्रयास करेगा, तो उसके विरुद्ध कानून के अनुसार उचित कार्रवाई की जाएगी।
जारीकर्ता
नितिन लॉरेंस उपाध्यक्ष छत्तीसगढ़ डायोसिस बोर्ड ऑफ एजुकेशन (CDBE), 7828133333 रायपुर}









