
20 को कारण बताओ नोटिस जारी एवं 5 में जप्ती-सुपुर्दगी की कार्रवाई*
राजनांदगांव 12 अगस्त 2026। कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव के निर्देशानुसार कृषि विभाग द्वारा खरीफ सीजन में किसानों को गुणवत्तायुक्त कृषि आदान उपलब्ध कराने एवं कीटनाशकों की अवैध एवं नियम विरूद्ध बिक्री पर प्रभावी रोक लगाने के लिए जिले में लगातार कार्रवाई की जा रही है। उप संचालक कृषि श्री टीकम सिंह ठाकुर के मार्गदर्शन में कृषि विभाग की टीम द्वारा जिले के विभिन्न क्षेत्रों में अनुज्ञप्तिधारी कीटनाशक विक्रेताओं के विक्रय परिसरों का औचक निरीक्षण किया गया। कृषि विभाग की टीमों ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों में एक साथ कार्रवाई करते हुए कुल 25 कीटनाशक विक्रय प्रतिष्ठानों में दबिश दी। निरीक्षण के दौरान अनुज्ञप्ति, स्टॉक रजिस्टर, उपलब्ध कीटनाशकों, विक्रय अभिलेखों एवं अन्य आवश्यक दस्तावेजों की जांच की गई। कीटनाशी अधिनियम 1968 एवं कीटनाशी नियम 1971 के प्रावधानों के तहत अनियमितता पाए जाने पर 20 विक्रेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए तथा 5 विक्रय परिसरों में जप्ती एवं सुपुर्दगी की कार्रवाई की गई। उन्होंने बताया कि बिना निर्धारित प्रक्रिया के कीटनाशकों का विक्रय, स्टॉक का उचित संधारण नहीं करना, अनुज्ञप्ति में निर्धारित शर्तों का उल्लंघन अथवा निर्धारित मानकों के विपरीत कीटनाशकों का व्यापार किए जाने पर संबंधित विक्रेताओं के विरूद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
उप संचालक कृषि श्री टीकम सिंह ठाकुर ने बताया कि जांच के दौरान दुर्गा कृषि केन्द्र डुमरडीह, सिन्हा कृषि केन्द्र तिलई, छत्तीसगढ़ कृषि केन्द्र लखोली नाका राजनांदगांव, महावीर ट्रेडर्स बसंतपुर, सोनकर कृषि केन्द्र पुराना गंज चौक, भारत कृषि केन्द्र पुराना गंज चौक राजनांदगांव, प्रजापति कृषि सेवा केन्द्र कोकपुर, शिवम कृषि केन्द्र मोहड़, हरिओम कृषि केन्द्र अरसीटोला, साहू कृषि केन्द्र छुरिया, आरू कृषि केन्द्र छुरिया, लक्ष्मी कृषि केन्द्र छुरिया, सिन्हा कृषि केन्द्र धुसेरा, हरिओम कृषि केन्द्र मुसराकला एवं पूरन एग्रोटेक ढारा सहित कुल 20 विक्रय प्रतिष्ठानों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए। इसी तरह श्री कृषि केन्द्र कुम्हालोरी, शिवशक्ति कृषि केन्द्र सुरगी, साहू कृषि केन्द्र उपरवाह, छत्तीसगढ़ कृषि केन्द्र सिंगारपुर एवं साहू कृषि केन्द्र कोकपुर में नियमानुसार जप्ती एवं सुपुर्दगी की कार्रवाई की गई। उन्होंने जिले के सभी लाइसेंसधारी कीटनाशक विक्रेताओं से किसानों को निर्धारित दर पर गुणवत्तापूर्ण कीटनाशकों का ही विक्रय करने तथा शासन द्वारा निर्धारित सभी नियमों एवं गाइडलाइन का पालन सुनिश्चित करने कहा गया है। किसानों को गुणवत्तापूर्ण कृषि आदान उपलब्ध कराना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। कीटनाशकों की गुणवत्ता, स्टॉक एवं विक्रय व्यवस्था में किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर संबंधित विकेताओं के विरूद्ध कीटनाशी अधिनियम के प्रावधानों के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी। जिले में कृषि आदानों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए निरीक्षण एवं जांच की कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।









