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नक्सल प्रभावित क्षेत्र भैरमगढ़ के अंकित सकनी ने रचा इतिहास

*यूपीएससी 2025 में 816वीं रैंक की हासिल*

*आदिम जाति विभाग के योजनाओं का मिला लाभ*

*यूपीएससी प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण होने पर विभाग द्वारा आगे की पढ़ाई के लिए दी गई थी एक लाख रुपए की सहायता*

*उत्कर्ष योजना से हुई थी स्कूली पढ़ाई*

*मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय, मंत्री श्री रामविचार नेताम और प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने दी बधाई*

रायपुर, 8 मार्च 2026/छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित क्षेत्र भैरमगढ़ के निवासी अंकित सकनी ने संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) सिविल सेवा परीक्षा 2025 में 816वीं रैंक प्राप्त कर क्षेत्र और राज्य का नाम रोशन किया है। सीमित संसाधनों और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने अपने परिश्रम, धैर्य और संकल्प के बल पर यह महत्वपूर्ण सफलता हासिल की।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय, मंत्री श्री रामविचार नेताम और विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने अंकित के इस सफलता के लिए बधाई और शुभकामनाएं दी हैं।

आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री बोरा ने चर्चा के दौरान बताया कि 24 वर्षीय अंकित सकनी का जन्म 04 जुलाई 2001 को ग्राम गुडमा, तहसील कुतु, जिला बीजापुर में हुआ। उनके पिता का नाम चंद्रिया सकनी तथा माता का नाम जमुना सकनी है। प्रारंभिक शिक्षा उन्होंने सरस्वती शिशु मंदिर भैरमगढ़ में कक्षा 1 से 5 तक प्राप्त की। इसके बाद कक्षा 6 से 8 तक अलोंस पब्लिक स्कूल तथा कक्षा 9 से 12 तक कृष्णा पब्लिक स्कूल रायपुर में अध्ययन किया, जहां उनका चयन विभाग की जवाहर उत्कर्ष योजना के अंतर्गत हुआ था। आगे की पढ़ाई उन्होंने भिलाई इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से बीटेक (2018-2022) के रूप में पूरी की।

स्नातक के बाद वर्ष 2022 से अंकित लगातार यूपीएससी की तैयारी में जुटे रहे। उन्हें यूपीएससी की प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद विभाग द्वारा उन्हें एक लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई थी। इस आर्थिक सहयोग ने उन्हें मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार की तैयारी में महत्वपूर्ण सहायता दी, जिसका परिणाम अब अंतिम चयन के रूप में सामने आया है। अंकित सकनी ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता के संघर्ष और सहयोग को दिया है। उनकी इस उपलब्धि पर बीजापुर के विधायक श्री विक्रम मंडावी ने उन्हें सम्मानित करते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।

आदिम जाति कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने अंकित सकनी को इस ऐतिहासिक सफलता पर बधाई देते हुए कहा कि विभाग की योजनाएं नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के प्रतिभाशाली युवाओं को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। अंकित सकनी की यह उपलब्धि न केवल उनके परिवार के लिए गर्व का विषय है, बल्कि पूरे बस्तर क्षेत्र और देश के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत भी बन गई है। इसी तरह धमतरी निवासी श्री डायमंड सिंह धु्रव को भी यूपीएससी की परीक्षा में बड़ी सफलता मिली हैं। श्री डायमंड सिंह धु्रव वर्तमान में छत्तीसगढ़ शासन में डीएसपी के पद पर पदस्थ है। वे आदिम जाति विकास विभाग के जवाहर उत्कर्ष योजना के तहत 6वीं से 12वीं तक वर्ष 2010 से 2017 तक रेडियड पब्लिक स्कूल से पढ़ाई की है।

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