Ro no D15139/23

85वीं अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन में शामिल हुए विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, संवैधानिक मूल्यों पर की चर्चा

 

0 पटना में आयोजित भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन में शामिल होने पहुंचे छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह*

*पटना, 20 जनवरी 2025:* छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह जी ने आज बिहार की राजधानी पटना में आयोजित “85वीं अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन” में भाग लिया। सम्मेलन में विधानसभा अध्यक्ष जी ने “संवैधानिक मूल्यों को सशक्त बनाए रखने में संसद एवं राज्य विधान मंडलों के योगदान” के विषय पर अपने विचार प्रस्तुत किए।

अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए डॉ. रमन सिंह जी ने कहा कि स्वतंत्रता के बाद हमने संसदीय लोकतंत्र को अपनाया। सामान्य तौर पर यही कहा जाता है कि यह व्यवस्था हमने ब्रिटेन से ली है। लेकिन भारत में संविधान के आधार पर शासन भी अंग्रेजों की देन नहीं है, भारत में वैदिक काल से सभा, समिति एवं गण जैसी परामर्शदात्री संस्थाओं का अस्तित्व रहा है।
भारत में महाजनपद काल में वज्जिसंघ भी लोकतांत्रिक प्रक्रिया का पालन करते थे। सभा और नगरम् जैसी पंचायतें और म्युनिसिपल कॉरपोरेशन संस्थाएं भी संचालित रही। जनता ही इन संस्थाओं का प्रतिनिधित्व करती थी।

उन्होंने आगे कहा कि जिस पटना की भूमि पर यह सम्मेलन हो रहा वह पाटलिपुत्र की ऐतिहासिक भूमि है जहाँ महान मौर्य वंश की शुरुआत हुई। उस समय का शासन प्रबंध कौटिल्य के अर्थशास्त्र पर आधारित था। वह उस काल का संविधान ही था, जिस पर आधारित शासन व्यवस्था 500 वर्षों तक चलता रहा।

आगे डॉ रमन सिंह ने कहा कि भारत के संविधान की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह जनता के द्वारा संबोधित एवं राष्ट्र को समर्पित उद्देशिका की शुरुआत होती है ‘हम भारत के लोग’ और समाप्त होता है ‘इस संविधान को अंगीकृत, अधिनियमित और आत्मा समर्पित करते हैं।’ इसका अर्थ है कि भारत का संविधान देश की जनता की भावना का प्रतिबिंब है। यह भावना स्वतंत्रता के बाद बनाए गए संविधान की ही नहीं, बल्कि हजारों वर्षों की भारत की राजनीतिक यात्रा का प्रतीक है।”

उन्होंने कहा: “संविधान की सफलता के पीछे भारतीय जनता की शक्ति है। संसद और विधान मंडलों ने संविधान के उद्देश्य की पूर्ति के लिए हमेशा महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इनका प्रमुख दायित्व देश की एकता और अखंडता को बनाए रखना है। उदाहरण स्वरूप, डॉ रमन सिंह ने बताया कि वर्तमान में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की सरकार ने भारत की अखंडता को बनाये रखने के लिए अलग विधान से संचालित कश्मीर से अनुच्छेद 370 को समाप्त कर संसद ने भारत की एकता और अखंडता को सशक्त बनाने में बड़ा योगदान दिया है। वहीं देश में RTE (शिक्षा के अधिकार कानून) ने पूरे देश में एकता और शिक्षा के प्रति सभी को अधिकार दिया है। इसी भावना को छत्तीसगढ़ में उतरते हुए छत्तीसगढ़ विधानसभा द्वारा पारित “भोजन का अधिकार कानून” ने हर ग़रीब की थाली तक भोजन सुनिश्चित किया और “कौशल उन्नयन का अधिकार कानून” लागू कर प्रदेश के युवाओं को अपने कौशल को निखारने का अवसर प्रदान किया है।

डॉ. रमन सिंह जी ने अगले 25 वर्षों में संसद और विधान मंडलों के योगदान पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि “भारत के संविधान के 75वें वर्ष में यह संतोषजनक है कि हजारों वर्षों की गुलामी से उबरकर भारत एक आत्मनिर्भर राष्ट्र बना है। अगले 25 वर्षों में भारत को विकसित राष्ट्र बनाने हेतु संसद और विधान मंडलों को प्रमुख योगदान देना होगा।”

साथ ही “संसद और विधान मंडलों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस व डिजिटल तकनीकों से लैस करना, जनप्रतिनिधियों को तकनीकी रूप से दक्ष बनाना और जनता तक उनकी पहुँच बढ़ानी होगी। जनता का विश्वास अर्जित कर संसद और विधान मंडलों को अधिक उत्तरदायी बनाना ही देश के समग्र विकास की कुंजी है।”

डॉ. रमन सिंह के इस वक्तव्य ने संविधान, संसद और विधान मंडलों के महत्व को उजागर किया और देश के विकास में इनके भविष्य के योगदान की दिशा को रेखांकित किया। साथ ही देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए युवा और महिलाओं को अधिकाधिक आत्मनिर्भर बनाना पर जोर दिया।

पटना में आयोजित अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन में लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला जी, राज्यसभा उप-सभापति श्री हरिवंश सिंह जी, लोकसभा महासचिव श्री उत्पल कुमार सिंह जी, बिहार विधानसभा अध्यक्ष श्री नंदकिशोर यादव जी, उप-सभापति श्री नरेंद्र नारायण यादव जी, बिहार के उपमुख्यमंत्री श्री विजय कुमार सिंह जी व श्री सम्राट चौधरी जी, कैबिनेट मंत्री श्री विजय कुमार चौधरी जी के साथ नेता प्रतिपक्ष श्री तेजस्वी यादव जी समेत देश के अन्य गणमान्य सदस्य भी इस सम्मेलन में उपस्थित रहे।

  • Related Posts

    मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय से कर्नाटक के राज्यपाल श्री थावरचंद गहलोत ने की सौजन्य भेंट

      रायपुर 29 जून 2026/ मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में कर्नाटक के राज्यपाल श्री थावरचंद गहलोत ने सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री श्री साय ने…

    Read more

    बंगाल विधानसभा में आज UCC विधेयक पर महासंग्राम, ममता और रीतब्रत गुट में नंबर-1 बनने की होड़

    UCC Bill West Bengal Assembly: पश्चिम बंगाल की सियासत में सोमवार का दिन ऐतिहासिक और हंगामेदार होने वाला है. सूबे की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार अपना सबसे महत्वाकांक्षी और…

    Read more

    NATIONAL

    बंगाल विधानसभा में आज UCC विधेयक पर महासंग्राम, ममता और रीतब्रत गुट में नंबर-1 बनने की होड़

    बंगाल विधानसभा में आज UCC विधेयक पर महासंग्राम, ममता और रीतब्रत गुट में नंबर-1 बनने की होड़

    30 दिन में काम नहीं हुआ तो 31वें दिन होंगे सस्पेंड, सम्राट चौधरी ने अफसरों को दी चेतावनी

    30 दिन में काम नहीं हुआ तो 31वें दिन होंगे सस्पेंड, सम्राट चौधरी ने अफसरों को दी चेतावनी

    मिडिल ईस्ट संकट पर ब्रेक? अमेरिका और ईरान ने हमले रोकने पर जताई सहमति

    मिडिल ईस्ट संकट पर ब्रेक? अमेरिका और ईरान ने हमले रोकने पर जताई सहमति

    क्या राबड़ी देवी खाली कर देंगी 10 सर्कुलर रोड? डेडलाइन की आखिरी तारीख आज, पूर्व CM के पास हैं ये 3 ऑप्शन

    क्या राबड़ी देवी खाली कर देंगी 10 सर्कुलर रोड? डेडलाइन की आखिरी तारीख आज, पूर्व CM के पास हैं ये 3 ऑप्शन

    जनभागीदारी और जनप्रेरणा का सशक्त माध्यम बना ‘मन की बात’ : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    जनभागीदारी और जनप्रेरणा का सशक्त माध्यम बना ‘मन की बात’ : मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने प्रदेशवासियों से की राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील

    मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय और स्वास्थ्य मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल ने प्रदेशवासियों से की राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील