Ro no D15139/23

बस्तर की बेटी हेमलता बनीं उद्यमिता की मिसाल

*मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना से बदली हेमलता की किस्मत*

*रायपुर, 12 मार्च 2026 (IMNB NEWS AGENCY) बस्तर जिले के जगदलपुर विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम माड़पाल की रहने वाली हेमलता कश्यप की कहानी आज उन तमाम युवाओं के लिए एक प्रेरणा है जो संसाधनों के अभाव में अपने सपनों को दम तोड़ने देते हैं। जिला मुख्यालय से लगभग 25 किलोमीटर दूर स्थित एक छोटे से गांव में रहने वाली हेमलता के परिवार की आर्थिक स्थिति कभी काफी चुनौतीपूर्ण थी। महज एक एकड़ कृषि भूमि और छह सदस्यों वाले बड़े परिवार की जिम्मेदारी के बीच 12वीं पास हेमलता हमेशा से अपने पिता पाकलु कश्यप का हाथ बंटाना चाहती थीं। उनके मन में कुछ कर गुजरने की सोच तो थी, लेकिन सही दिशा और पूंजी का अभाव आड़े आ रहा था।
इसी दौरान हेमलता की नजर अखबार में छपी मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना पर पड़ी। उन्होंने इसे अपनी किस्मत बदलने के अवसर के रूप में देखा और अपने पिता के साथ जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र जगदलपुर के कार्यालय पहुंचीं। वहां अधिकारियों से मिली विस्तृत जानकारी ने उनके भीतर किराना दुकान शुरू करने का उत्साह जगा दिया। उनके घर की स्थिति भी व्यापार के अनुकूल थी, क्योंकि उनका मकान मुख्य मार्ग पर स्थित था। सबसे बड़ी बात यह थी कि गांव में किराने की दुकान न होने के कारण ग्रामीणों को छोटी-छोटी जरूरतों के लिए 10 किलोमीटर दूर नगरनार जाना पड़ता था। ग्रामीणों की इस असुविधा को दूर करने और आत्मनिर्भर बनने के संकल्प के साथ हेमलता ने ऋण के लिए आवेदन किया।
दिसंबर 2022 में माड़पाल स्थित छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक की शाखा से उन्हें 2 लाख रुपये का ऋण स्वीकृत हुआ, जिसमें शासन की ओर से 50 हजार रुपये का अनुदान भी मिला। इस राशि से उन्होंने मेसर्स कश्यप किराना स्टोर्स की नींव रखी। व्यवसाय शुरू होते ही उनकी मेहनत रंग लाने लगी और आज उनकी दुकान पर प्रतिदिन हो रही बिक्री के कारण उन्हें हर दिन 500 से 700 रुपये की शुद्ध आमदनी प्राप्त होती है।
हेमलता ने महज तीन वर्षों के भीतर अपने ऋण की पूरी राशि का भुगतान कर दिया है और अब उनका वार्षिक टर्नओवर 2 से 3 लाख रुपये के बीच है। आज हेमलता न केवल अपने परिवार की आर्थिक रीढ़ बन चुकी हैं, बल्कि अपनी सफलता से बेहद खुश और संतुष्ट भी हैं। जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र के मार्गदर्शन में शुरू हुआ यह छोटा सा प्रयास आज एक सशक्त स्वरोजगार मॉडल बन चुका है, जो यह संदेश देता है कि दृढ़ इच्छाशक्ति और सरकारी योजनाओं के सही क्रियान्वयन से ग्रामीण अंचलों में भी खुशहाली के नए द्वार खोले जा सकते हैं।

  • Related Posts

    नगर निगम ने विद्युत व्यवस्था, साफ-सफाई, सड़क सुधार एवं जनस्वास्थ्य संबंधी व्यवस्थाओं को किया सुदृढ़

    नंदई से बसंतपुर महामाया चौक तक प्रभावित विद्युत व्यवस्था को त्वरित कार्रवाई करते हुए पुन: प्रकाश व्यवस्था सुचारू संचालित*   *- बसंतपुर क्षेत्र में पीलिया एवं डायरिया की शिकायत मिलने…

    Read more

    इजराईल में होम बेस्ट केयर गिवर पदों के लिए ऑनलाईन आवेदन आमंत्रित

    ई-रोजगार पोर्टल के माध्यम से कर सकते हैं ऑनलाईन आवेदन*   राजनांदगांव 11 जून 2026 (IMNB NEWS AGENCY) नेशनल स्कीम डेव्हलपमेंट कार्पोरेशन (एनएसडीसी) अंतर्गत भारत-इजराईल फ्रेमवर्क एग्रीमेंट किया गया है।…

    Read more

    NATIONAL

    झारखंड लोकायुक्त का महा-एक्शन! डेढ़ महीने में निपटाए 275 केस, भ्रष्ट कर्मियों के खिलाफ ACB जांच शुरू

    झारखंड लोकायुक्त का महा-एक्शन! डेढ़ महीने में निपटाए 275 केस, भ्रष्ट कर्मियों के खिलाफ ACB जांच शुरू

    पेट्रोल पंप से अब धड़ल्ले से नहीं खरीद पाएंगे पेट्रोल-डीजल, 90 दिनों तक थोक बिक्री पर रोकपेट्रोल पंप से अब धड़ल्ले से नहीं खरीद पाएंगे पेट्रोल-डीजल, 90 दिनों तक थोक बिक्री पर रोक

    पेट्रोल पंप से अब धड़ल्ले से नहीं खरीद पाएंगे पेट्रोल-डीजल, 90 दिनों तक थोक बिक्री पर रोकपेट्रोल पंप से अब धड़ल्ले से नहीं खरीद पाएंगे पेट्रोल-डीजल, 90 दिनों तक थोक बिक्री पर रोक

    मौसम : बिहार-झारखंड की ओर बढ़ा मॉनसून, जानें किन राज्यों में होगी आज से झमाझम बारिश

    मौसम : बिहार-झारखंड की ओर बढ़ा मॉनसून, जानें किन राज्यों में होगी आज से झमाझम बारिश

    CM सम्राट ने केंद्र से मांगी 18 हजार करोड़ की मदद, PM मोदी के सामने बिहार के विकास का बताया मास्टर प्लान

    CM सम्राट ने केंद्र से मांगी 18 हजार करोड़ की मदद, PM मोदी के सामने बिहार के विकास का बताया मास्टर प्लान

    US के साथ कोई डील फाइनल नहीं, सब अटकलें… ईरान ने ट्रंप के दावे को नकारा, कहा- होर्मुज का लुटेरा बना अमेरिका

    US के साथ कोई डील फाइनल नहीं, सब अटकलें… ईरान ने ट्रंप के दावे को नकारा, कहा- होर्मुज का लुटेरा बना अमेरिका

    बस्तर में दूध, खेतों तक पानी, युवाओं को काम और गांवों को नई पहचान देने की तैयारी

    बस्तर में दूध, खेतों तक पानी, युवाओं को काम और गांवों को नई पहचान देने की तैयारी