Ro no D15139/23

मध्यप्रदेश की भरेवा शिल्प कला विरासत को मिली राष्ट्रीय पहचान

राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने मप्र के भरेवा शिल्पकार श्री बलदेव वाघमारे को किया सम्मानित

भोपाल (IMNB NEWS AGENCY)

मध्यप्रदेश की पारंपरिक जनजातीय भरेवा शिल्प कला की विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने मंगलवार को नई दिल्ली में मध्यप्रदेश के बैतूल जिले के भरेवा शिल्पकार श्री बलदेव वाघमारे को राष्ट्रीय हस्तशिल्प पुरस्कार से सम्मानित किया। उल्लेखनीय है कि हाल में भरेवा धातु शिल्प को जीआई टैग भी मिला है। केन्द्रीय वस्त्र मंत्री श्री गिरिराज सिंह इस अवसर पर उपस्थित थे।

क्या है भरेवा

स्थानीय बोली में भरेवा का मतलब है भरने वाले। भरेवा कलाकार गोंड जनजाति की एक उप-जाति से संबंधित हैं, जो पूरे भारत में, खासकर मध्य भारत में फैली हुई है। धातु ढलाई का कौशल एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में हस्तांतरित होता रहता है।

भरेवा धातु शिल्प की परंपरा गोंड आदिवासी समुदाय के रीति-रिवाजों और परंपराओं के समानांतर चलती है। यह परंपरा और रीति-रिवाज का मिश्रण है। भरेवा कारीगर देवताओं की प्रतीकात्मक छवियों को गढ़ते हैं। वे गहने भी बनाते हैं जैसे अंगूठियां और कटार, जो गोंड परिवारों में शादी की रस्मों के लिए जरूरी है। कुछ गहने विशेष रूप से आध्यात्मिक प्रमुखों या तांत्रिकों के लिए बनाए जाते हैं जैसे कलाईबंद और बाजूबंद। कंगन की विशेष कारीगरी देखते ही बनती है।

इसके अलावा, सजावटी कलाकृतियों और उपयोग की वस्तुओं की एक विस्तृत श्रृंखला जैसे बैलगाड़ियां, मोर के आकार के दीपक, घंटियां और घुंघरु, दर्पण के फ्रेम कुछ कलाकृतियों ने अंतरराष्ट्रीय शिल्प बाजार में पहचान बनाई है।

भरेवा लोगों की आबादी मुख्य रूप से बैतूल जिले के कुछ इलाकों में केंद्रित है। जो राजधानी भोपाल से लगभग 180 किमी दूर है। श्री बलदेव ने भरेवा कारीगरों की घटती संख्या में बढ़ोतरी की है। उन्होंने अपनी लगन से बैतूल के टिगरिया गांव को शिल्प ग्राम बना दिया है। अब भरेवा परिवार इस अनोखी शिल्प कला का अभ्यास करते हैं।

भरेवा लोगों को गोंड समुदाय के धार्मिक रीति-रिवाजों और परंपराओं का गहरा जान है। वे जिन देवताओं की मूर्तियां बनाते हैं, उनमें मुख्य रूप से हिंदू धर्म के सर्वोच्च भगवान शिव और उनकी पत्नी पार्वती हैं। दूसरे हैं ठाकुर देव जो चमत्कारी घोड़े पर सवार होकर गांव की रक्षा करते हैं और माना जाता है कि वे इसे आपदाओं से बचाते हैं। शांति, समृ‌द्धि, खुशी और स्वास्थ्य के दूसरे देवता भी हैं।

इस छोटे से टिगरिया गांव में बलदेव भरेवा ने इस परंपरा को जिंदा रखा है। उन्होंने यह कला अपने पिता से सीखी। उन्होंने एक मास्टर कारीगर के तौर पर नाम कमाया। बलदेव का परिवार अपनी पारंपरिक समझ, कलात्मक नजर और कड़ी मेहनत से हासिल किए गए हुनर पर गुजारा करता है।

  • Related Posts

    राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाना जागरूक नागरिक की पहचान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव से विधानसभा में मिले आगर-मालवा और जबलपुर के मेधावी विद्यार्थी विधानसभा सत्र की कार्यवाही देखी, शासकीय प्रक्रियाओं से हुए अवगत   भोपाल : IMNB NEWS AGENCY  …

    Read more

    क्रांति ने अपनी प्रतिभा के दम पर दुनिया में बढ़ाया भारत का मान: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    हमारी बेटियां किसी से कम नहीं, क्रांति लेकर आईं हैं प्रदेश में खेल क्रांति लार्ड्स के प्रतिष्ठित टेस्ट ऑनर्स बोर्ड पर नाम दर्ज कराने वाली पहली महिला क्रिकेटर हैं सुश्री…

    Read more

    NATIONAL

    युवा उद्यमिता, नवाचार और स्वरोजगार की सरकारी योजनाओं का उठाएं अधिकतम लाभ: बृजमोहन अग्रवाल 945 करोड़ स्वीकृत; ₹650 करोड़ जारी – केंद्र सरकार

    युवा उद्यमिता, नवाचार और स्वरोजगार की सरकारी योजनाओं का उठाएं अधिकतम लाभ: बृजमोहन अग्रवाल  945 करोड़ स्वीकृत; ₹650 करोड़ जारी – केंद्र सरकार

    4399 और 1076 संख्या नहीं ‘उम्मीद’ है, मौका खो मत देना वरिष्ठ पत्रकार जवाहर नागदेच की खरी… खरी…

    4399 और 1076 संख्या नहीं ‘उम्मीद’ है, मौका खो मत देना  वरिष्ठ पत्रकार जवाहर नागदेच की खरी… खरी…

    युवा उद्यमिता, नवाचार और स्वरोजगार की सरकारी योजनाओं का उठाएं अधिकतम लाभ: बृजमोहन अग्रवाल 945 करोड़ स्वीकृत; ₹650 करोड़ जारी – केंद्र सरकार

    युवा उद्यमिता, नवाचार और स्वरोजगार की सरकारी योजनाओं का उठाएं अधिकतम लाभ: बृजमोहन अग्रवाल  945 करोड़ स्वीकृत; ₹650 करोड़ जारी – केंद्र सरकार

    Parliament Session LIVE: संसद में जोरदार हंगामा, बोले पीएम मोदी- NEET मामले में 13 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया

    Parliament Session LIVE: संसद में जोरदार हंगामा, बोले पीएम मोदी- NEET मामले में 13 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया

    Parliament Session Live : लोकसभा में हंगामा, सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित

    Parliament Session Live : लोकसभा में हंगामा, सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित

    स्काईरूट के बहाने राहुल गांधी पर पीएम मोदी का तंज, बोले- कमाल 28 साल के युवाओं का, 56 साल के ‘युवा’ का नहीं

    स्काईरूट के बहाने राहुल गांधी पर पीएम मोदी का तंज, बोले- कमाल 28 साल के युवाओं का, 56 साल के ‘युवा’ का नहीं