पीके (प्रशान्त किशोर) साबित होंगे वीके (वोट कटवा) वरिष्ठ पत्रकार जवाहर नागदेव की खरी… खरी…
बिहार में चुनाव हैं, चुने जाने हैं नेता। हालांकि सियासी समझ वालों का कहना है कि फिर से सत्ता एनडीए के पाले में जाएगी। भाजपा और नीतिश फिर से सत्तानशीन…
Read moreरामबहादुर राय होने का अर्थ समझाती एक किताब ‘दिल्ली’ में ‘भारत’ को जीने वाला बौद्धिक योद्धा! -प्रोफेसर संजय द्विवेदी
कभी जनांदोलनों से जुड़े रहे, पदम भूषण और पद्मश्री सम्मानों से अलंकृत श्री रामबहादुर राय का समूचा जीवन रचना, सृजन और संघर्ष की यात्रा है। उनकी लंबी जीवन यात्रा में…
Read moreवरिष्ठ पत्रकार चंद्रशेखर शर्मा की बात बेबाक … देश चलता नहीं, मचलता है, मुद्दा हल नहीं होता, सिर्फ उछलता है। जंग मैदान में नहीं, सोशल मिडिया पर जारी है, आज मेरी, तो कल तेरी बारी है।
‘भूलन कांदा’ नामक उपन्यास प्रसिद्ध साहित्यकार संजीव बख्शी ने एक दशक पहले लिखा था । जिस पर छत्तीसगढ़ के नौजवान सिने निदेशक मनोज वर्मा ने छत्तीसगढ़ी भाषा में ‘भूलन द…
Read moreभाजपा बनाएगी सिंहदेव को एक दिन का सीएम, लालू फंसे, सुरक्षाकर्मी असुरक्षित, सरकारी अमानवीय, क्रूर झूठ वरिष्ठ पत्रकार जवाहर नागदेव की खरी… खरी…
मजेदार है ये जानना कि पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव एक दिन के लिये मुख्यमंत्री बन सकते हैं। गंभीरता से न लें, राजनैतिक चकल्लस में ऐसी मजाक का माहौल बन ही…
Read moreवरिष्ठ पत्रकार चंद्रशेखर शर्मा की बात बेबाक … जिले की पंगु होती प्रशासनिक व्यवस्था सत्ता और सरकार के लिए अच्छे संकेत नही है
जिले की पंगु होती प्रशासनिक व्यवस्था सत्ता और सरकार के लिए अच्छे संकेत नही है । जिले में पंगु हो चुकी प्रशासनिक व्यवस्था का नजारा अक्सर देखने को मिल जाता…
Read moreवरिष्ठ पत्रकार चंद्रशेखर शर्मा की बात बेबाक… भारतखंडे आर्यावर्ते मंडला क्षेत्रान्तर्गत कवर्धा नगरे गाली गलौच जूतम पैजारे कथाया: प्रथमो अध्यायः
मित्रों! अब तो आप मेरा इशारा समझ गए होंगे, क्योंकि कबीरधाम की जनता बहुत होशियार अकलवान व हुनरमंद हैं। आजकल गाली गलौच और जूतम पैजार संस्कृति हमारे संस्कार में बेहद…
Read moreवरिष्ठ पत्रकार चंद्र शेखर शर्मा की बात बेबाक …क्या कारण है कि कवर्धा में कोई अधिकारी कर्मचारी आना नहीं चाहते और जो आ जाते है वो जाना नही चाहते
आज सुबह सवेरे नहाते नहाते अपनी फटे बांस जैसी बेसुरी आवाज में – ” रूठे रब को मनाना आसान है , रूठे यार को मानना मुश्किल , रूठे रूठे पिया…
Read moreसूनी रही गांधी जयन्ती, ननकीराम-रेणुकासिंह की हिम्मत, सरकार ने चलाई थी सस्ती गाड़ी, लोगों ने मार ली पैर पे कुल्हाड़ी, वरिष्ठ पत्रकार जवाहर नागदेव की खरी… खरी….
गांधी हमारे नहीं पाकिस्तान के राष्ट्रपिता 2 अक्टूबर को देश में जो माहौल था उससे ये साफ लगा कि लोग अब लकीर के फकीर नहीं रहे और किसी बात पर…
Read moreशत-शत नमन हे महामानव, अब बारी भ्रष्टाचार की, मोदी के नाम का डंका, फिर क्यांे भाजपा का रंग फीका वरिष्ठ पत्रकार जवाहर नागदेव की खरी… खरी….
सबसे पहले प्रणाम है उस महामानव को, जिसने देश की खातिर बलिदान दिया। जिसने देश प्रेम क्या होता है, सदाचरण क्या होता है, इसका अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया। जिनका 2…
Read moreसमाज सहयोग से संघ शताब्दी यात्रा सुगम बनी, दत्तात्रेय होसबाले
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्य को अभी सौ वर्ष पूर्ण हो रहे है। इस सौ वर्ष की यात्रा में कई लोग सहयोगी और सहभागी रहे हैं। यह यात्रा…
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