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धर्म-भाषा विवाद : खत्म होती राजनीति को बचाने की कोशिश (आलेख : मुकुल सरल)

कोई कहता है– जय श्रीराम बोलना होगा (हिंदुत्ववादी) कोई कहता है– मराठी बोलनी होगी (महाराष्ट्र में मनसे) कोई कहता है– हिंदी पढ़नी होगी (सरकार का त्रिभाषा फ़ार्मूला) कोई कहता है–…

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“बचपन को अख़बारों में जगह क्यों नहीं?”

रविवार की सुबह बेटे प्रज्ञान को गोद में लेकर अख़बार से कोई रोचक बाल-कहानी पढ़ाने की इच्छा अधूरी रह गई। किसी भी प्रमुख अख़बार में बच्चों के लिए एक भी…

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ई-वोटिंग: लोकतंत्र की मजबूती या तकनीकी जटिलता?

  ई-वोटिंग मतदान प्रक्रिया को सरल, सुलभ और व्यापक बनाने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम हो सकता है। बिहार के प्रयोग से स्पष्ट है कि मोबाइल ऐप के माध्यम…

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कृष्ण कल्पित प्रसंग : केवल एक कवि का पतन नहीं, समूचे काव्य-प्रेमी समाज की आत्मपरीक्षा है (टिप्पणी : अरुण माहेश्वरी)

  पटना में कृष्ण कल्पित की हरकत केवल एक सामाजिक अपराध नहीं, बल्कि एक विकृत आत्म-संरचना का उदाहरण भी है। वह जो अपने भाषिक तेवर में विद्रोही और मुक्त दिखाई…

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रिश्ते में तो हम तुम्हारे बाप लगते हैं नाम है भारत, बाप्स आर आलवेज़ राॅंग, 28 नवंबर तक फिर पिटेगा पाकिस्तान  वरिष्ठ पत्रकार जवाहर नागदेव की खरी… खरी… 

मस्त डायलाॅग है ‘रिश्ते में तो हम तुम्हारे बाप लगते हैं नाम है शाहंशाह’। अमिताभ बच्चन और अमरीश पुरी की हिट फिल्म का है। हर विलेन की शहंशाह पिटाई करता…

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महिला आरक्षण की दहलीज़ पर लोकतंत्र: अब दलों को जिम्मेदारी उठानी होगी

  2023 में पारित नारी शक्ति वंदन अधिनियम भारत में राजनीति के स्वरूप को बदलने का ऐतिहासिक अवसर है। हालांकि इसका क्रियान्वयन 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले संभव है,…

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मुर्गी बहन है और बकरा भाई, दीपक बैज की मानहानि, कौन ठोक रहा भारतविरोधियों को, वरिष्ठ पत्रकार जवाहर नागदेव की खरी… खरी…. 

पण्डित झण्डू के मित्र मियां बण्डू के पड़ोस मे रहने वाले एक शख्स की मुर्गियां रोज गायब हो रही थीं। एक दिन उसने मोहल्ला सर पर उठा लिया। शक के…

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प्रकृति का रौद्र रूप कहीं बाढ़ कहीं भूस्खलन। सटीक आपदा प्रबंधन की दरकार। लेख संजीव ठाकुर                 

प्रकृति का रौद्र रूप कहीं बाढ़ कहीं भूस्खलन। सटीक आपदा प्रबंधन की दरकार।।                            भारत में वर्षाकाल मे…

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बरिंदा से रीता तक का सफर : आपातकाल के झंझावात में दीये की टिमटिमाती लौ के सहारे भूमिगत प्रतिरोध की कहानी (संस्मरण : बृंदा करात, अनुवाद : संजय पराते)

पचास साल पहले, स्वतंत्र भारत को तानाशाही का पहला अनुभव हुआ था। इंदिरा गांधी द्वारा आपातकाल की घोषणा, मौलिक अधिकारों के निलंबन, सभी प्रकार की असहमतियों का निर्मम दमन और…

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ऑपरेशन सिंदूर से उभरी भारत की वैश्विक दमदार छवि 0 लेख संजीव ठाकुर

ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत के जवाबी हमले से पाकिस्तान के 9 एयरबेस की तबाही और लगभग 100 दुर्दांत आतंकवादी मारे जाने के बाद भारत की छवि विश्व में एक…

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NATIONAL

नेपाल से आ रहा पानी बिहार में कितना मचा सकता है कहर? 3 पॉइंट में समझें गंडक पर कितना पड़ेगा असर
शिवतीर्थ पहुंचकर शिवसेना छत्तीसगढ़ के प्रदेश महासचिव चंद्रमौली मिश्र ने बालासाहेब ठाकरे को दी श्रद्धांजलि, गांव-गांव शिवसेना का झंडा फहराने का लिया संकल्प
ईरान से तेल कारोबार पर अमेरिका का एक्शन, 4 भारतीय कंपनियों और 3 नागरिकों पर प्रतिबंध
कहां ले जाती है अहम् की लड़ाई… केवल बर्बादी, क्यों विफल हुई थी निगम की रेतघाटांे पर कंट्रेल की घोषणा, वरिष्ठ पत्रकार जवाहर नागदेव की खरी.. खरी…
ड्यूटी-फ्री चीनी इम्पोर्ट के बदले नियम, अब रिफाइंड चीनी बेचने के लिए मिलेगा 2 महीने का समय
भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष  नितिन नवीन ने ली नवनियुक्त सोशल मीडिया टीम की बैठक