प्रकृति का रौद्र रूप कहीं बाढ़ कहीं भूस्खलन। सटीक आपदा प्रबंधन की दरकार। लेख संजीव ठाकुर
प्रकृति का रौद्र रूप कहीं बाढ़ कहीं भूस्खलन। सटीक आपदा प्रबंधन की दरकार।। भारत में वर्षाकाल मे…
Read moreज़ीरो डोज़ बच्चे: टीकाकरण में छूटे हुए भारत की तस्वीर
ज़ीरो डोज़ बच्चे: टीकाकरण में छूटे हुए भारत की तस्वीर भारत में 2023 में 1.44 मिलियन बच्चे ‘ज़ीरो डोज़’ श्रेणी में थे, जिनमें अधिकांश गरीब, अशिक्षित, जनजातीय, मुस्लिम और प्रवासी…
Read moreबरिंदा से रीता तक का सफर : आपातकाल के झंझावात में दीये की टिमटिमाती लौ के सहारे भूमिगत प्रतिरोध की कहानी (संस्मरण : बृंदा करात, अनुवाद : संजय पराते)
पचास साल पहले, स्वतंत्र भारत को तानाशाही का पहला अनुभव हुआ था। इंदिरा गांधी द्वारा आपातकाल की घोषणा, मौलिक अधिकारों के निलंबन, सभी प्रकार की असहमतियों का निर्मम दमन और…
Read moreऑपरेशन सिंदूर से उभरी भारत की वैश्विक दमदार छवि 0 लेख संजीव ठाकुर
ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत के जवाबी हमले से पाकिस्तान के 9 एयरबेस की तबाही और लगभग 100 दुर्दांत आतंकवादी मारे जाने के बाद भारत की छवि विश्व में एक…
Read more(साहित्य का मंच या शिकार की मंडी?) नई लेखिका आई है — और मंडी के गिद्ध जाग उठे हैं
नई लेखिकाओं के उभार के साथ-साथ जिस तरह साहित्यिक मंडियों में उनकी रचनात्मकता की बजाय उनकी देह, उम्र और मुस्कान का सौदा होता है — यह एक गहरी और…
Read moreसकारात्मक संवाद से ही बनेगी सुंदर दुनिया : प्रो. संजय द्विवेदी 0 आजादी पर्व पर आरजेएस का 15 दिवसीय ‘सकारात्मकता का अंतरराष्ट्रीय महोत्सव’
नई दिल्ली, 30 जून। भारतीय जन संचार संस्थान (आईआईएमसी) के पूर्व महानिदेशक प्रो. संजय द्विवेदी ने कहा है कि संवाद की सकारात्मक शक्ति ही दुनिया को सुंदर और समरस…
Read moreकेन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुजरात के गोधरा में गोविंद गुरु विश्वविद्यालय में विभिन्न परियोजनाओं के शिलान्यास एवं उद्घाटन कार्यक्रम को संबोधित किया
प्रधानमंत्री मोदी जब गुजरात के मुख्यमंत्री थे, उस समय उनके द्वारा किए गए प्रयासों के फलस्वरूप श्री गोविंद गुरु विश्वविद्यालय की स्थापना हुई गोविंद गुरु जी द्वारा अंग्रेजों के खिलाफ…
Read moreबाह्य तथा आंतरिक सुरक्षा के खतरे ,लेख संजीव ठाकुर
भारत संप्रभुता एकता तथा अखंडता का वैश्विक स्वच्छ एवं साफ-सुथरी छवि वाला एकमात्र बड़ा लोकतांत्रिक देश है। अमेरिका में भी लोकतंत्र है पर वहां पूंजीवादी व्यवस्था तथा व्यापक व्यवसायीकरण…
Read moreजल की बूंद-बूंद पर संकट: नीतियों के बावजूद क्यों प्यासी है भारत की धरती?
भारत दुनिया की 18% आबादी और मात्र 4% ताजे जल संसाधनों के साथ गंभीर जल संकट का सामना कर रहा है। भूजल का अत्यधिक दोहन, प्रदूषण, असंतुलित खेती, और जलवायु…
Read moreछत्तीसगढ़ी भाषा-साहित्य के वैश्विक पर्याय थे पद्मश्री डॉक्टर सुरेंद्र दुबे ,नमन |
गुदगुदाता हुआ हास्य, तीक्ष्ण व्यंग्य, अद्भुत रचनात्मक शैली के धनी अंतर्राष्ट्रीय हास्य कवि पद्मश्री डॉक्टर सुरेंद्र दुबे सबको रोता,बिलखता और आंसुओं से भीगता हुआ छोड़ गए। उनका आसामयिक निधन संपूर्ण…
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