
पोस्ट मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास दोकड़ा 1 करोड़ 92 लाख,पोस्ट मैट्रिक अनुसूचित जनजाति कन्या छात्रावास पतराटोली 1 करोड़ 92 लाख,प्री मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास रौनी 1 करोड़ 53 लाख,पोस्ट मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास दुलदुला 1 करोड़ 92 लाख,प्री मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास दुलदुला 1 करोड़ 53 लाख,प्री मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास कुनकुरी वार्ड 2 में 1 करोड़ 53 लाख,पोस्ट मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास पंडरीपानी 1 करोड़ 92 लाख,पोस्ट मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास तपकरा 1 करोड़ 92 लाख,प्री मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास लवाकेरा 1 करोड़ 53 लाख,
प्री मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास पंडरीपानी दृ 1 करोड़ 53 लाख,प्री मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास कांसाबेल 1 करोड़ 53 लाख,प्री मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास बटाईकेला 1 करोड़ 53 लाख,
प्री मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास दोकड़ा 1 करोड़ 53 लाख,पोस्ट मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास कोतबा 1 करोड़ 92 लाख,प्री मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास कोतबा 1 करोड़ 53 लाख,
प्री मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास बागबहार 1 करोड़ 53 लाख,प्री मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास गाला 1 करोड़ 53 लाख की स्वीकृति मिल चुकी है,जिसका निर्माण कार्य जल्द शुरू होगा।
जर्जर भवन से छात्र छात्राओं को मिलेगी मुक्ति, सर्व सुविधायुक्त भवन का किया जाएगा निर्माण
जिले में इन भवनों के बन जाने से जिले के हजारों छात्र-छात्राओं को सुरक्षित और आधुनिक आवासीय सुविधा मिलेगी। खासतौर पर आदिवासी एवं सुदूर अंचल के बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ रहने और भोजन की सुविधा भी बेहतर ढंग से उपलब्ध होगी।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का जिले वासियों ने जताया आभार
जिले के जनप्रतिनिधियों, ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का आभार जताया है। उनका कहना है कि यह निर्णय शिक्षा के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगा और आदिवासी बच्चों के भविष्य को नई दिशा देगा।









