
जगदलपुर, 26 फरवरी 2026/ जिले के किसानों की समृद्धि और कृषि क्षेत्र में आधुनिक बदलाव लाने के उद्देश्य से कलेक्टर श्री आकाश छिकारा द्वारा कलेक्ट्रेट के प्रेरणा कक्ष में कृषि एवं आनुशांगिक विभागों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में कृषि और उद्यानिकी विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं और आगामी सीजन की तैयारियों का बारीकी से विश्लेषण किया गया। कलेक्टर ने कहा कि कृषि विभाग की आधारभूत जानकारी, जैसे वर्षा का स्तर, कुल कृषि भूमि और विशेष रूप से खरीफ व रबी के सिंचित एवं कुल क्षेत्रफल का सटीक डेटा प्रबंधन अनिवार्य है, ताकि उसी अनुरूप भविष्य की रणनीति तैयार की जा सके।
बैठक के दौरान बीज वितरण की व्यवस्थाओं पर चर्चा करते हुए निर्देश दिए गए कि आगामी सीजन के लिए बीजों का भंडारण अप्रैल माह से ही अनिवार्य रूप से प्रारंभ कर दिया जाए। कलेक्टर ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि कीटनाशक, उर्वरक और बीजों की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके लिए उन्होंने नमूना संग्रहण के लक्ष्यों को समय सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को दो टूक शब्दों में कहा कि जो कंपनियां अमानक सामग्री बेचकर किसानों को नुकसान पहुँचा रही हैं, उनकी जानकारी तुरंत उच्च कार्यालयों को प्रेषित की जाए और उनके विरुद्ध कड़ी वैधानिक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। किसानों को समय पर खाद-बीज उपलब्ध कराने के लिए उर्वरकों के अग्रिम उठाव और भंडारण पर विशेष ध्यान दिया जाए।
कलेक्टर ने शासन की महत्वपूर्ण योजनाओं जैसे आत्मा योजना के तहत किसानों का प्रशिक्षण, राष्ट्रीय कृषि विकास योजना, परंपरागत कृषि विकास योजना और कृषि यंत्रीकरण के लक्ष्यों को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए। सिंचाई के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता लाने के लिए प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, शाकंभरी योजना और किसान समृद्धि योजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए डबरी एवं कुआं निर्माण के कार्यों में तेजी लाने को कहा गया। उन्होंने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के क्रियान्वयन में पारदर्शिता बरतने के निर्देश देते हुए आधार सीडिंग और एग्री स्टैक की प्रगति का जायजा लिया। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि संदेहास्पद किसानों के प्रकरणों का सूक्ष्मता से सत्यापन करें और अपात्र पाए जाने वाले व्यक्तियों को योजना से हटाने की कार्यवाही करें, ताकि वास्तविक पात्र किसानों को ही लाभ मिल सके। साथ ही, मृदा स्वास्थ्य कार्ड की शेष प्रविष्टियों को तत्काल पूर्ण करने और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ प्रत्येक किसान तक पहुँचाने की बात कही।
कलेक्टर श्री छिकारा ने उद्यानिकी विभाग की समीक्षा करते हुए शासकीय रोपणियों की आय-व्यय की जानकारी ली और वहां प्लग टाइप वेजिटेबल सीडलिंग जैसी आधुनिक तकनीकों को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। जिले में ऑयल पॉम की खेती को प्रोत्साहित करने और सभी विकासखंडों में नवाचारों को अपनाने पर जोर दिया गया। बैठक में कृषि विभाग के उप संचालक राजीव श्रीवास्तव, उद्यानिकी विभाग की उप संचालक श्रीमती आकांक्षा सिन्हा सहित कृषि एवं उद्यानिकी विभागों के अनुविभागीय तथा विकासखंड स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।









