
कोरबा 25 जून 2026/कलेक्टर कुणाल दुदावत की अध्यक्षता में कलेक्टोरेट सभाकक्ष में स्वास्थ्य विभाग की मासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। बैठक में जिला स्वास्थ्य अधिकारी, जिला टीबी एवं कुष्ठ अधिकारी, जिला आयुर्वेद अधिकारी, जिला टीकाकरण अधिकारी, जिला कार्यक्रम प्रबंधक, विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के नोडल अधिकारी, खण्ड चिकित्सा अधिकारी, कार्यक्रम सलाहकार एवं अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
समीक्षा के दौरान कलेक्टर श्री दुदावत ने निर्देशित किया कि “सुघ्घर छत्तीसगढ़ अभियान” के तहत आयोजित शिविरों में शेष पात्र हितग्राहियों के आयुष्मान कार्ड, वय वंदन कार्ड एवं आभा आईडी शत-प्रतिशत बनाए जाएं तथा उन्हें सभी राष्ट्रीय स्वास्थय योजनाओं का लाभ प्रदान किया जाए। उन्होंने पीएम जनमन योजना अंतर्गत पीवीटीजी ग्रामों में आयुष्मान भारत कार्ड एवं जननी सुरक्षा योजना की प्रगति बढ़ाने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने सामुदायिक स्वास्थय अधिकारियों (सीएचओ) की नियमित समीक्षा बैठक आयोजित करने के निर्देश देते हुए कहा कि उत्कृष्ट कार्य करने वाले सीएचओ को प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाए तथा कम उपलब्धि वाले अधिकारियों की विशेष समीक्षा की जाए।
बरसात में डेंगू-मलेरिया नियंत्रण पर विशेष ध्यान देने के दिए निर्देश
बरसात के मौसम को देखते हुए कलेक्टर ने डेंगू, मलेरिया एवं अन्य मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिए सभी आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सीएचसी, पीएचसी, हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर तथा मितानिन दवा पेटियों में सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि डॉग बाइट के उपचार हेतु एंटी रेबीज वैक्सीन तथा सर्पदंश के उपचार हेतु एंटी-स्नेक वेनम सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध होना चाहिए, ताकि आपात स्थिति में मरीजों को तत्काल उपचार मिल सके।
टीबी, कुष्ठ एवं सिकल सेल कार्यक्रमों की समीक्षा
टीबी नियंत्रण कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने सभी संभावित टीबी मरीजों की नॉट टेस्ट एवं एक्स-रे जांच सुनिश्चित कर समय पर उपचार प्रदान करने के निर्देश दिए। कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत एलसीडीसी अभियान में चिन्हांकित संभावित मरीजों की स्क्रीनिंग कर उपचार उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया। सिकल सेल कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान उन्होंने चिन्हित मरीजों की इलेक्ट्रोफोरेसिस जांच कराते हुए आवश्यक उपचार एवं फॉलोअप सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को प्राथमिकता
मातृ स्वास्थ्य कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने निर्देशित किया कि सभी गर्भवती महिलाओं का प्रथम तिमाही में शत-प्रतिशत पंजीयन किया जाए तथा उन्हें पीएमएसएमए दिवस (9 एवं 24 तारीख) पर कम से कम एक बार विशेषज्ञ जांच के लिए भेजा जाए। उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं (एचआरपी) की पहचान, ट्रैकिंग एवं उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर में एचआरपी महिलाओं की अद्यतन सूची उपलब्ध रहनी चाहिए।
बच्चों के स्वास्थ्य, टीकाकरण व पोषण पर रखें विशेष ध्यान
कलेक्टर ने राष्ट्रीय बाल स्वास्थय कार्यक्रम (आरबीएसके) की टीमों को आंगनबाड़ी केंद्रों, विद्यालयों एवं आदिवासी छात्रावासों में नियमित भ्रमण कर बच्चों की स्वास्थ्य जांच एवं उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही चिन्हांकित मोतियाबिंद मरीजों की समय पर सर्जरी, बच्चों को आवश्यकतानुसार चश्मा वितरण तथा यू-विन पोर्टल में शत-प्रतिशत टीकाकरण प्रविष्टि सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) की समीक्षा करते हुए 100 प्रतिशत बेड ऑक्यूपेंसी बनाए रखने तथा कुपोषित बच्चों को समयबद्ध उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
एनसीडी, मानसिक स्वास्थ्य एवं शिकायतों के त्वरित निराकरण के निर्देश
बैठक में गैर-संचारी रोग (एनसीडी) कार्यक्रम के अंतर्गत स्क्रीनिंग, उपचार एवं नियमित फॉलोअप पर विशेष जोर दिया गया। मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत अधिक से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग कर उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए।
कलेक्टर ने सीएम हेल्पलाइन में प्राप्त शिकायतों का 7 दिनों के भीतर गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ निराकरण सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने अस्पतालों में चिकित्सकों एवं कर्मचारियों की नियमित उपस्थिति, दवाओं की उपलब्धता तथा सभी राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों में शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में निरंतर सुधार तथा आमजन को समय पर उपचार उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी अधिकारी निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति हेतु समन्वित प्रयास सुनिश्चित करें।









