
दरअसल, शासन द्वारा महिलाओं को स्वावलंबी और आत्मनिर्भर बनाने हेतु पीडीएस दुकान का संचालन हरिओम महिला स्व-सहायता समूह के नाम से दिया गया था, लेकिन मौके पर कोई भी महिला सदस्य उपस्थित नहीं मिली। इसके विपरीत, दुकान का संचालन पुरुषों द्वारा किया जा रहा था। इस पर कलेक्टर ने नाराजगी जताते हुए महिला समूह के सदस्यों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए।
कलेक्टर ने राशन वितरण से संबंधित पंजी का अवलोकन किया तथा चावल, शक्कर, नमक और चना की गुणवत्ता की जांच की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी हितग्राहियों को समय पर और गुणवत्तापूर्ण राशन उपलब्ध कराया जाए।
इसके साथ ही, उन्होंने शक्कर खरीदी के बाद शेष बचत राशि को हितग्राहियों को लौटाने हेतु चिल्हर की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि पीडीएस व्यवस्था में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान लुण्ड्रा तहसीलदार सुरेखा सहित अन्य अधिकारी कर्मचारी भी उपस्थित थे।









