देश की सबसे पुरानी पार्टी आज इस स्थिति में है कि उस पर यह छवि बनती जा रही है. “कांग्रेस सत्ता के लिए गठबंधन करती है, नतीजे खराब हुए तो साथी पर उंगली उठाती है.” ऐसे में यह संशय लगातार बढ़ रहा है कि क्या कांग्रेस कभी स्थायी गठबंधन की राजनीति कर पाएगी? या फिर वह सिर्फ “चुनावी मौसम की पार्टी” बनकर रह जाएगी?
बिहार विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद महागठबंधन के भीतर दरार साफ दिखाई देने लगी हैं. सबसे तीखा बयान कांग्रेस की ओर से आया. प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम ने ये साफ कह दिया है कि ‘बिहार में गठबंधन सिर्फ चुनावी था, सांगठनिक नहीं.’ ऐसे में अब बड़ा सवाल ये खड़ा हो गया है कि क्या बिहार में महागठबंधन टूट गया है. या कांग्रेस अब अपने बूते संगठन को एक बार फिर से खड़ा करने की तैयारी में है?
Budget 2026: हाईस्पीड रेल कॉरिडोर, शिप रिपेयर सेंटर और क्या-क्या बिहार को मिला? प्वाइंट्स में जानिए
Budget 2026: रविवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026-27 पेश किया. इसमें बिहार के लिए कई ऐसी खास घोषणाएं की गई, जिसका फायदा लंबे समय तक राज्य को मिल…
सीतामढ़ी-शिवहर पर सौगातों की बारिश, सीएम नीतीश ने 600 करोड़ से ज्यादा की योजनाओं का दिया तोहफा
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा का तीसरा दिन सीतामढ़ी के नाम रहा. जिले में मुख्यमंत्री का भव्य स्वागत किया गया. मंच पर बड़ी भीड़ थी. लोगों में उत्साह साफ…
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने परीक्षा पे चर्चा 2026 के दूसरे एपिसोड में कोयम्बत्तूर, छत्तीसगढ़, गुजरात और असम के छात्रों के साथ अपनी बातचीत की झलकियां साझा कीं