देश की सबसे पुरानी पार्टी आज इस स्थिति में है कि उस पर यह छवि बनती जा रही है. “कांग्रेस सत्ता के लिए गठबंधन करती है, नतीजे खराब हुए तो साथी पर उंगली उठाती है.” ऐसे में यह संशय लगातार बढ़ रहा है कि क्या कांग्रेस कभी स्थायी गठबंधन की राजनीति कर पाएगी? या फिर वह सिर्फ “चुनावी मौसम की पार्टी” बनकर रह जाएगी?
बिहार विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद महागठबंधन के भीतर दरार साफ दिखाई देने लगी हैं. सबसे तीखा बयान कांग्रेस की ओर से आया. प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम ने ये साफ कह दिया है कि ‘बिहार में गठबंधन सिर्फ चुनावी था, सांगठनिक नहीं.’ ऐसे में अब बड़ा सवाल ये खड़ा हो गया है कि क्या बिहार में महागठबंधन टूट गया है. या कांग्रेस अब अपने बूते संगठन को एक बार फिर से खड़ा करने की तैयारी में है?
बूथ के लिए पर्ची तैयार कर रहे थे नीरज कुमार, तभी आया फोन और अचानक बदली किस्मत, अब बांकीपुर में PK को देंगे चुनौती
Bankipur By Election: बांकीपुर उपचुनाव को लेकर 30 जुलाई को वोट डाले जायेंगे. ऐसे में राजनीतिक गलियारों में चर्चा बीजेपी के कैंडिडेट को लेकर हो रही है. बीजेपी ने अचानक अपना…
भरत तिवारी की मां आज से भूख हड़ताल पर बैठेंगी? रिटायर्ड जज ने जांच को लेकर दी नई जानकारी
Bharat Tiwari Encounter: भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में जांच ने अब रफ्तार पकड़ ली है. दूसरी तरफ भरत की मां ने आज से भूख पड़ताल करने का फैसला लिया था. एक…