देश की सबसे पुरानी पार्टी आज इस स्थिति में है कि उस पर यह छवि बनती जा रही है. “कांग्रेस सत्ता के लिए गठबंधन करती है, नतीजे खराब हुए तो साथी पर उंगली उठाती है.” ऐसे में यह संशय लगातार बढ़ रहा है कि क्या कांग्रेस कभी स्थायी गठबंधन की राजनीति कर पाएगी? या फिर वह सिर्फ “चुनावी मौसम की पार्टी” बनकर रह जाएगी?
बिहार विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद महागठबंधन के भीतर दरार साफ दिखाई देने लगी हैं. सबसे तीखा बयान कांग्रेस की ओर से आया. प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम ने ये साफ कह दिया है कि ‘बिहार में गठबंधन सिर्फ चुनावी था, सांगठनिक नहीं.’ ऐसे में अब बड़ा सवाल ये खड़ा हो गया है कि क्या बिहार में महागठबंधन टूट गया है. या कांग्रेस अब अपने बूते संगठन को एक बार फिर से खड़ा करने की तैयारी में है?
भरत तिवारी पर सबसे पहले गोली चलाने वाला STF जवान अरेस्ट, 24 जुलाई को ही CM सम्राट से मिला था परिवार
Bharat Tiwari Encounter: भोजपुर के बिलौटी गांव में भरत तिवारी का एनकाउंटर किया गया था. लगातार हो रही जांच के बीच गुरुवार देर रात फिर कार्रवाई हुई. भरत तिवारी को सबसे…
आज की तस्वीरें: पटना में जगन्नाथ रथयात्रा में CM शामिल, मुफ्त JEE-NEET कोचिंग की शुरुआत समेत देखिए आज की 5 प्रमुख तस्वीरें
पटना में भगवान जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा श्रद्धा और उत्साह के साथ निकाली गई. इस्कॉन मंदिर से शुरू हुई यात्रा में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रथ की डोरी खींची. हजारों…