
Suvendu Adhikari: कोलकाता. पश्चिम बंगाल में नयी भाजपा सरकार के प्रथम मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी का सरकारी आवास अलीपुर स्थित ”सौजन्य” को बनाया जा सकता है. राज्य सचिवालय के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, राज्य के लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ”सौजन्य” को मुख्यमंत्री स्थायी आवास और उनके दफ़्तर के तौर पर इस्तेमाल करने पर विचार रहा है. राज्य के पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारियों के अलावा कोलकाता पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों की एक टीम ने भी सौजन्य का दौरा किया, इस टीम का नेतृत्व संयुक्त पुलिस आयुक्त रूपेश कुमार ने किया.
सुरक्षा को लेकर चल रही जांच पड़ताल
सूत्रों ने बताया कि पुलिस, सुरक्षा निदेशालय के साथ मिलकर, इस इमारत के सुरक्षा पहलुओं का अध्ययन कर रही है. इस इमारत को विशेष रूप से मुख्यमंत्रियों और अन्य वीवीआइपी के रहने के लिए ही बनाया गया था. हालांकि, राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों और पुलिस के शीर्ष सूत्रों ने ज़ोर देकर कहा कि इस बदलाव पर अंतिम फ़ैसला अभी बाकी है. अधिकारी के दफ़्तर की ओर से इस पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की गयी है. गौरतलब है कि मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी का पुश्तैनी घर ”शांतिकुंज”, पूर्व मेदिनीपुर के कांथी में स्थित है और जहां उनके माता-पिता और परिवार के अन्य सदस्य रहते हैं.
180 करोड़ की लागत से बना है सौजन्य
पिछली तृणमूल कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में लगभग 180 करोड़ रुपये की लागत से इसका निर्माण किया गया था, जिसका उद्घाटन 2018 में तत्कालीन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने किया था. बताया गया है कि उद्घाटन के बाद से सौजन्य का ज्यादा इस्तेमाल नहीं किया गया, ज्यादातर समय यह खाली ही पड़ी रही. जानकारी के अनुसार, अलीपुर में जजेज कोर्ट रोड पर हेस्टिंग्स हाउस के पास सौजन्य स्थित है, जो करीब एक लाख वर्ग फ़ीट के विशाल क्षेत्र में फैली हुई है. इसकी भव्य दो मंजिला इमारत की वास्तुकला में एक केंद्रीय गुंबद बना हुआ है, जिसके शिखर पर एक ग्लोब (पृथ्वी का प्रतिरूप) लगा है.
शुभेंदु के विधानसभा क्षेत्र में आता है आवास
यह इमारत भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आती है, जहां से शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी को हराकर जीत हासिल की थी. गौरतलब है कि यह इमारत ममता बनर्जी के कालीघाट स्थित आवास से दो किलोमीटर से भी कम दूरी पर स्थित है. इसके साथ ही राज्य के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) के आवास भी ‘सौजन्य’ से महज़ एक किलोमीटर के दायरे में ही स्थित हैं. उल्लेखनीय है कि 2014 में दिल्ली के ‘हैदराबाद हाउस’ की तर्ज़ पर एक वीवीआइपी कन्वेंशन सेंटर के रूप में इसकी परिकल्पना की गयी थी. इसके भूतल पर एक बैंक्वेट हॉल और प्रेस कॉन्फ्रेंस के लिए एक मीडिया सेंटर स्थित है, जबकि इसके भूमिगत पार्किंग स्थल में 40 कारों तक को पार्क करने की सुविधा उपलब्ध है.









