
इस आयोजन का उद्देश्य समुदाय स्तर पर बुजुर्गों के सम्मान तथा स्वास्थ्य सेवाओं के पहुंच को सुदृढ़ करना है। उक्त दिवस हमारे बुजुर्ग, हमारी धरोहर थीम के साथ आयोजित होगा। शिविर में रक्तचाप की जांच, रक्त शर्करा की जांच, ऑर्थाेपेडिक, हड्डी एवं जोड़ परामर्श, नेत्र परीक्षण-मोतियाबिंद की स्क्रीनिंग, आयुष आधारित परामर्श-आयुर्वेद, योग, जीवनशैली, मानसिक स्वास्थ्य एवं याददाश्त जांच, फॉलोअप तथा रेफरल एवं आयुष्मान भारत कार्ड लिंकिंग और अन्य सुविधा उपलब्ध रहेगा।
इस कार्यक्रम का एक प्रमुख विशेषता यह भी है कि, उक्त दिवस को बच्चों- पोता-पोतियों
को शामिल कर अपने दादा-दादियों को शिविर तक लाने, उनकी उपचारोपरान्त घर ले जाने का दायित्व दिया जा रहा है। जिससे बच्चों और बुजुर्गों के बीच भावनात्मक संबंध मजबुत हो सके और बच्चे बुजुर्गों की समस्याओं को समझते हुए आयुष्मान अरोग्य मंदिर की स्वास्थ्य गतिविधियों को भी समझ सकें। साथ ही उक्त शिविर में पोते-पोतियों हेतु शिक्षाप्रद सत्र का भी आयोजन किया जाना है, जैसे हम अपने बड़ो का ध्यान कैसे रखें-संवादात्मक गतिविधियां, चित्रकला-निबंध प्रतियोगिता-मेरे दादा-दादी मेरी प्रेरणा हैं, साथ-साथ संवाद सत्र, सांस्कृतिक एवं प्रेरणास्पद सत्र-बाबा दाई की सीख, बबा-दाई सम्मान समारोह आदि गतिविधियां सामिल है।
उक्त शिविर में समस्त दाई-बबाओं (बुजुर्गों) को उपस्थित कराकर स्वास्थ्य जांच एवं उपचार सुनिश्चित करने एवं बच्चों को अधिक से अधिक संख्या में शिविर में जोड़कर बच्चों को आयुष्मान आरोग्य मंदिर की स्वास्थ्य गतिविधियों की समझ बढ़ाने के लिए निर्देश जारी किया गया है।







