
सोनिया साहू ने सुकन्या समृद्धि योजना में निवेश कर दी प्रेरणादायक मिसाल
धमतरी 14 मार्च 2026// केंद्र और राज्य शासन की शासन की जनकल्याणकारी योजनाएं न केवल माताओं के स्वास्थ्य और पोषण को सुदृढ़ बना रही हैं, बल्कि बेटियों के उज्ज्वल भविष्य की नींव भी मजबूत कर रही हैं। ऐसी ही एक प्रेरणादायक कहानी धमतरी विकासखंड के ग्राम सोरम की निवासी श्रीमती सोनिया साहू की है, जिन्होंने शासन से प्राप्त सहायता राशि का उपयोग अपनी बेटी के भविष्य को सुरक्षित करने में किया।
25 वर्षीय श्रीमती सोनिया साहू, पति श्री गोपाल साहू के साथ ग्राम सोरम में निवास करती हैं। उनके घर में बेटी काव्या साहू के जन्म के बाद परिवार में खुशियों का माहौल है। मातृत्व के इस महत्वपूर्ण समय में उन्हें शासन की महत्वाकांक्षी योजना प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के अंतर्गत 5000 रुपये की सहायता राशि प्राप्त हुई। इस योजना का उद्देश्य गर्भवती एवं धात्री माताओं को आर्थिक सहयोग प्रदान कर उनके स्वास्थ्य, पोषण और सुरक्षित मातृत्व को प्रोत्साहित करना है।
श्रीमती सोनिया साहू ने इस राशि का उपयोग एक सकारात्मक और दूरदर्शी निर्णय लेते हुए अपनी बेटी काव्या के नाम से संचालित सुकन्या समृद्धि योजना के खाते में जमा कर दिया। यह निर्णय न केवल उनकी आर्थिक समझदारी को दर्शाता है, बल्कि बेटी के उज्ज्वल भविष्य के प्रति उनकी जागरूकता को भी प्रतिबिंबित करता है।
सोनिया बताती हैं कि शासन द्वारा मिलने वाली सहायता राशि से उन्हें बड़ी राहत मिली। उन्होंने यह भी निर्णय लिया है कि वे महतारी वंदन योजना से प्रतिमाह मिलने वाली राशि को भी अपनी बेटी के सुकन्या समृद्धि खाते में नियमित रूप से जमा करती है , जिससे आने वाले समय में बेटी की शिक्षा और अन्य आवश्यकताओं के लिए मजबूत आर्थिक आधार तैयार हो सके।
सोनिया साहू का यह कदम गांव की अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा बन रहा है। वे बताती हैं कि शासन की योजनाओं की जानकारी मिलने से ग्रामीण महिलाओं में जागरूकता बढ़ी है और वे भी इन योजनाओं का लाभ लेकर अपने परिवार के भविष्य को सुरक्षित बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।
श्रीमती सोनिया साहू ने इस महत्वपूर्ण सहयोग के लिए राज्य शासन और माननीय मुख्यमंत्री जी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसी योजनाएं माताओं और बेटियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं।
सोनिया साहू की यह कहानी दर्शाती है कि यदि सरकारी योजनाओं का सही उपयोग किया जाए तो वे न केवल वर्तमान को संबल देती हैं, बल्कि आने वाली पीढ़ी के भविष्य को भी सुरक्षित और सशक्त बना सकती हैं।









