
जगदलपुर, 25 फरवरी 2026/ कमिश्नर डोमन सिंह ने कहा कि बस्तर संभाग जैसे आदिवासी बहुल अंचल में स्वास्थ्य सेवाओं की भूमिका और भी महत्वपूर्ण है, जहां अंदरूनी इलाकों के ग्रामीणों तक स्वास्थ्य सेवाएं सुलभ कराना प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों से जमीनी स्तर पर सतत निगरानी, समन्वय और संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाने पर जोर देते हुए हुए कहा कि बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं ही सशक्त समाज की नींव होती है। इसे मद्देनजर रखते हुए स्वास्थ्य सेक्टर में समर्पित होकर दायित्व निर्वहन करें। वहीं दूरस्थ इलाकों में सभी विभागों द्वारा विभागीय योजनाओं का कारगर क्रियान्वयन कर हरेक पात्र व्यक्ति को लाभान्वित करने हेतु सकारात्मक प्रयास किया जाए, इस दिशा में समन्वय कर विशेष शिविर भी आयोजित किया जाए। साथ ही आगामी ग्रीष्मकालीन पेयजल व्यवस्था को दुरुस्त करने पूर्व तैयारी अभी से शुरू कर गर्मी के दिनों में पेयजल की पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित करें। उक्त निर्देश कमिश्नर ने बुधवार को कमिश्नर कार्यालय में संभागीय अधिकारियों की मासिक समीक्षा बैठक में दिए। उन्होंने बैठक के दौरान विभिन्न विभागीय योजनाओं को सेचुरेशन की स्थिति में लाने पर जोर देते हुए कहा कि चयनित योजनाओं के अंतर्गत पात्र सभी लोगों को लाभान्वित किए जाने पर ध्यान केन्द्रित करें। निर्धारित लक्ष्य के आधार पर योजना क्रियान्वयन को वरीयता दी जाए।
कमिश्नर ने मोतियाबिंद जांच एवं उपचार के तहत संवेदनशीलता के साथ दो आंख में मोतियाबिंद पीड़ितों को पहली प्राथमिकता देकर ऑपरेशन किए जाने कहा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि निर्धारित एसओपी के अनुसार जिला अस्पताल में आपरेशन थियेटर एवं सुविधाओं की उपलब्धता के अनुरूप आपरेशन किया जाए और जरूरत के अनुसार मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल जगदलपुर एवं कांकेर सहित महारानी अस्पताल के अंबक नेत्र चिकित्सालय में पीड़ितों को लाभान्वित किया जाए। उन्होंने दिव्यांजनों को उनकी जरूरत के अनुरूप कृत्रिम अंग उपकरण प्रदाय करने के लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत से दिव्यांगजनों का चिन्हांकन किए जाने कहा। इन चिन्हित दिव्यांगजनों को दंतेवाड़ा और जगदलपुर स्थित कृत्रिम अंग यूनिट से कृत्रिम उपकरण सुलभ कराया जाए।
कमिश्नर ने वनाधिकार पट्टों के नामांतरण-बंटवारा प्रकरणों के निराकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता देने कहा। उन्होंने इस दिशा में मैदानी अमले के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार कर सम्बन्धित वन परिक्षेत्र अधिकारी कार्यालयों में सम्बन्धित ग्रामीणों से आवेदन प्राप्त करने के लिए व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए।
कमिश्नर ने कहा कि ग्रीष्मकाल आरंभ होने के साथ ही पेयजल की दिक्कत के मद्देनजर जल प्रदाय योजनाओं, सोलर ड्यूल पम्पों एवं हैंडपंपों का समुचित संधारण सुनिश्चित किया जाए। सुधार योग्य जल प्रदाय योजनाओं तथा हैंडपंपों को अभियान चलाया जाकर अनिवार्य रूप से मरम्मत करवाया जाए। साथ ही चिन्हित समस्याग्रस्त इलाकों में ध्यान केंद्रीत कर नवीन नलकूप खनन कर हैंडपंप स्थापना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने संभाग के अंतर्गत हर घर जल प्रमाणीकरण कार्य में अद्यतन प्रगति लाने पर बल देते हुए जल जीवन मिशन के कार्यों को तेजी के साथ पूर्ण किए जाने के निर्देश दिए।
कमिश्नर सिंह ने स्वास्थ्य विभाग के कार्यों की समीक्षा दौरान आयुष्मान कार्ड प्रदाय पंजीयन में जिलों के अंदरूनी इलाकों में शिविर लगाकर ग्रामीणों के कार्ड निर्माण को गति देने कहा। इसके अलावा आयुष्मान आरोग्य मंदिर संचालन तथा हाट बाजार स्वास्थ्य शिविर, सिकल सेल स्क्रीनिंग की प्रगति, चिरायु योजना की प्रगति, पोषण पुनर्वास केंद्र के संचालन,राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम में चिंहाकन व उपचार की स्थिति और क्षय रोग उन्मूलन स्थिति की समीक्षा करते हुए टीबी नियंत्रण हेतु निक्षय मित्र के रूप में ग्राम पंचायतों के सहयोग सहित अधिकारियों-कर्मचारियों को प्रोत्साहित किए जाने कहा। बैठक में अंदरूनी क्षेत्रों में सड़क एवं पुल-पुलिया निर्माण, विद्युतीकरण, कृषि पम्पों का ऊर्जीकरण, उचित मूल्य दुकान निर्माण, आंगनबाड़ी केन्द्र भवन निर्माण प्रगति सहित स्कूली बच्चों को जाति प्रमाण पत्र प्रदाय, सरस्वती सायकल योजनांतर्गत निःशुल्क सायकल वितरण इत्यादि की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में डिप्टी कमिश्नर बीएस सिदार एवं गीता रायस्त सहित विभिन्न विभागों के संभाग स्तरीय अधिकारी और नोडल अधिकारी मौजूद थे। वहीं स्वास्थ्य एवं समाजकल्याण विभाग के जिला स्तरीय अधिकारी वर्चुअल तौर पर जुड़े रहे।









