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दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना से बदली भूमिहीन परिवारों की जिंदगी

 

– भूमिहीन कृषि मजदूर परिवारों को मिला आर्थिक सुरक्षा

– भूमिहीन परिवारों का बढ़ा आत्मविश्वास

राजनांदगांव 02 अप्रैल 2026। राज्य सरकार द्वारा भूमिहीन श्रमिकों के सामाजिक-आर्थिक उत्थान हेतु चलाई जा रही दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना आज ग्रामीण अंचलों में परिवर्तन की पहचान बन चुकी है। प्रतिवर्ष 10 हजार रूपए की आर्थिक सहायता ने भूमिहीन परिवार शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका और बुनियादी जरूरतों को पूरा कर आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहे हैं। राजनांदगांव विकासखंड के ग्राम जंगलेसर निवासी श्रीमती कविता चन्द्राकर के लिए यह योजना बड़ी मददगार साबित हुई है। अस्थायी आय के चलते बच्चों की पढ़ाई और परिवार के स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों को पूरा करने में कठिनाई होती थी। योजना से मिली सहायता से उन्होंने बच्चों की किताबें-कॉपी खरीदीं और इलाज पर होने वाला खर्च भी पूरा किया। श्रीमती चन्द्राकर ने बताया कि यह योजना हमारे जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इस वर्ष भी बच्चों की पढ़ाई और उनके बेहतर भविष्य को संवारने में करेंगी।
इसी तरह ग्राम जंगलेसर के दैनिक मजदूर श्री डोरी लाल निषाद ने बताया कि वे बीमारी के चलते लंबे समय तक काम नहीं कर सकते हैं, जिससे परिवार आर्थिक संकट में आ गया। ऐसे कठिन समय में योजना की 10 हजार रूपए की सहायता उनके लिए संजीवनी साबित हुई। उन्होंने पिछले वर्ष प्राप्त राशि से घर की मरम्मत कराई और इस वर्ष राशि का उपयोग स्वास्थ्य व अन्य जरूरी कार्यों में करेंगे। ई-रिक्शा चालक श्री जयप्रकाश साहू ने बताया कि इस योजना की राशि से बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य एवं ई-रिक्शा मरम्मत जैसे महत्वपूर्ण कार्य पूरे किए। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत उन्होंने अपना घर भी बनवाया। इस वर्ष प्राप्त राशि से वे घर में बिजली और रोशनी की बेहतर व्यवस्था करने जा रहे हैं।
ग्राम जंगलेसर की  कली बाई यादव ने बताया कि वे छोटा किराना दुकान चलाती हैं, योजना द्वारा मिली राशि का उपयोग दुकान विस्तार में कर रही हैं। कुछ राशि दुकान के सामान खरीदने में और शेष घरेलू एवं स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों में लगाया। उन्होंने बताया कि वे इस राशि से अपने छोटे व्यवसाय को बड़े सपनों की ओर ले जा रही है। दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना सिर्फ आर्थिक सहयोग नहीं, बल्कि ग्रामीण भूमिहीन परिवारों के लिए सुरक्षा, स्थिरता और आत्मनिर्भरता का मजबूत आधार बन चुकी है। ग्रामीण अंचलों में शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास और आजीविका के क्षेत्र में इसके सकारात्मक परिणाम दिख रहे हैं। हितग्राहियों ने संवेदनशील और प्रभावी योजना के लिए मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया।

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